अहिल्याबाई होल्कर ने भारतीय सभ्यता व संस्कृति का विकास कियाः डॉ स्वाति गाबा
एनडी हिन्दुस्तान
जगाधरी। पुण्यश्लोका लोकमाता अहित्याबाई होल्कर जी की 300वीं जन्मजयंती के उपलक्ष्य में सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। डॉ स्वाति गाबा ने बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम में शिरकत की। जबकि साहित्यकार बलदेव राज भारतीय विशिष्ट अतिथि रहे। समाजसेवी ओमपाल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। सह विभाग कार्यवाह रामकुमार मुख्य वक्ता रहे। कार्यक्रम सरंक्षक जिला संघचालक जगाधरी रमेश धारीवाल रहे। जबकि बनारसी दास ने संयोजक की भूमिका अदा की। कार्यक्रम का आयोजन पुण्यश्लोका लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर त्रिशती जन्मजयंती आयोजन समिति की ओर से किया गया।
डा स्वाति गाबा ने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर, महिलाओं के लिए अग्रदूत थीं। उन्होंने महिलाओं की शिक्षा पर जोर दिया और सती प्रथा को खतम करने में महत्वपूर्ण भूिमका अदा की। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जो कार्य किए उन्हें सदियों तक याद रखा जाएगा। भारतीय संस्कृति व सभ्यता का विकास किया। राज्य की भलाई के लिए कार्य किए। संस्कृति को बचाए रखने के लिए उन्होंने मुगलों द्वारा तोडे गए मंदिरों का जीर्णोधार किया।
बलदेव राज ने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर जी ने अपने जीवन में जो कार्य किए, वे आज भी सभी के लिए प्रेरणा स्त्रोत है।
ओमपाल ने कहा कि सामाजिक समरसता मंच के माध्यम से आज पूरे देश में अहिल्याबाई होल्कर जी की जयंती मनाई जा रही है। उनकी जीवनी को घर-घर तक पहुंचने का काम किया जा रहा है। वे एक न्यायप्रिय शासिका थी। जिसे सदियों तक याद किया जाएगा।
रामकुमार ने कहा कि देश में ऐसे विमर्श गढे गए जिससे महिलाओं की तस्वीर को दूसरे नजरिए से पेश किया गया। जबकि प्राचीन काल से महिलाओं ने युद्ध लडने व अन्य कार्यों में बढचढ कर भाग लेने का काम किया है। ऑपरेशन सिंदूर में भी महिलाएं ही अग्रणीय रहीं। जगाधरी में अहिल्याबाई होल्कर को याद करना राष्ट्रीयता की निशानी है। उन्होंने जीवन के हर क्षेत्र में काम किए। 138 मंदिरों को जीर्णोधार किया। सेना में महिलाओं को भर्ती किया और पर्दाप्रथा को समाप्त किया। कार्यक्रम के दौरान जानवरों के लिए निस्वार्थ भाव से कार्य कर रही मॉडल टाउन निवासी रूचि थापर व पाल समाज से कोचिंग के बिना नीट परीक्षा पास करने पर कुमारी पलक को सम्मानित भी किया गया।
रमेश धारीवाल ने सभी का आभार व्यक्त किया । साथ ही कहा कि सभी विरांगनाओं को मुख्य धारा में लाकर महिला सशक्तिकरण को जागृत करेंगे।