जल संरक्षण को लेकर सभी विभाग आपसी तालमेल से करें बेहतर कार्य
जल शक्ति अभियान जिला कैथल की केंद्रीय नोडल ऑफिसर भूमिका वर्मा ने ली अधिकारियों की बैठक, दिए आवश्यक दिशा निर्देश
एनडी हिन्दुस्तान
कैथल। जल शक्ति अभियान जिला कैथल की केंद्रीय नोडल ऑफिसर भूमिका वर्मा ने कहा कि हम सबको मिलकर जल संरक्षण के लिए कार्य करना है। जिला में बनाई गई 82 जल सहेलियां बहुत अच्छा कार्य कर रही है, जोकि काफी सराहनीय है। हमें अधिक से अधिक महिलाओं को इस अभियान में शामिल करना है। जल संरक्षण के कार्य को एक आंदोलन के रूप में लें। जिले भर में वर्षा संचय को लेकर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम व सोखते गड्ढे बनाने सहित आमजन को जागरूक करें ताकि हर व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।
केंद्रीय नोडल ऑफिसर भूमिका वर्मा बुधवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार में जल शक्ति अभियान के तहत संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में संबोधित कर रहीं थीं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से आज आवश्यकता से अधिक जल का दोहन किया जा रहा है, उससे आने वाले समय में जल का संकट पैदा हो सकता है। जल की एक-एक बूंद की बड़ी अहमियत है। इसलिए हम सबको मिलकर जल बचाने व वर्षा के पानी को संचित करने के लिए ओर अधिक मजबूती से कार्य करना होगा। सभी विभाग आपसी तालमेल से कार्य करें। उन्होंने जन स्वास्थ्य विभाग, सिंचाई विभाग, शिक्षा विभाग, वन विभाग, कृषि विभाग, नगर परिषद द्वारा जल संरक्षण पर किए गए कार्यों की फीडबैक ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाएं, ताकि भू-जल स्तर को सुधारा जा सके। वन विभाग द्वारा 4 लाख पौधे लगाने के टारगेट के अंतर्गत जिला में पौधारोपण करवाएं तथा निर्धारित टारगेट को पूरा किया जाए।
किसानों को भी पौधा रोपण करने के लिए जागरूक करें। पर्यावरण संरक्षण को लेकर शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाकर आमजन को जागरूक करें। उन्होंने कहा कि इस अभियान में जल सहेलियों को काम देने के साथ-साथ ऐसा प्लान भी तैयार करें ताकि उनकी आय में भी बढ़ोतरी हो।
जिला परिषद के सीईओ सुरेश राविश ने जल शक्ति अभियान जिला कैथल की केंद्रीय नोडल ऑफिसर भूमिका वर्मा व केंद्रीय जल आयोग के सहायक निदेशक संजीब मिश्रा का स्वागत किया तथा उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्य की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि यह अभियान जल संचय, जन भागीदारी, जन जागरूकता की ओर थीम पर आधारित है। अभियान के तहत जिले में कई कार्य किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जिला परिषद ने विभिन्न गांव में लगभग 1100 सोखते गड्ढे बनाए हैं। विभिन्न विभागों द्वारा रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाए गए हैं।
इस मौके पर केंद्रीय जल आयोग के सहायक निदेशक संजीब मिश्रा, जिला परिषद के सीईओ सुरेश राविश, डीडीए डॉ. बाबू लाल, डीएचओ डॉ. हीरा लाल, कार्यकारी अभियंता गुरविंद्र सिंह, निशांत बत्तान, नारायण दत, कर्णबीर सिंह, डॉ. कुलदीप सिंह, विक्रम सिंह, दीपक शर्मा के अलावा अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
आज विभिन्न गांवों का दौरा करेंगी केंद्रीय नोडल ऑफिसर भूमिका वर्मा
जल शक्ति अभियान के तहत हर वर्ष की जाने वाली प्री मानसून विजिट के दौरान जिला कैथल की केंद्रीय नोडल ऑफिसर भूमिका वर्मा 19 जून को विभिन्न गांवों का दौरा करेंगी। इस दौरान विभिन्न विभागों द्वारा पूर्व में किए गए कार्यां की ग्राउंड लेवल पर जाकर समीक्षा करेंगी तथा कार्यों की गुणवत्ता को भी परखेंगी। विभागों द्वारा गांवों के दौरे का रूट प्लान भी तैयार कर लिया गया है। संबंधित विभागों के अधिकारी भी इस विजीट में मौजूद रहेंगे।