ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन लगातार कर रही है निजीकरण के खिलाफ संघर्ष
एनडी हिन्दुस्तान
कुरुक्षेत्र । ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन लगातार देशभर में निजीकरण के खिलाफ संघर्ष एवं आंदोलन कर रही है। फेडरेशन के प्रवक्ता विनोद गुप्ता ने बताया कि ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के चेयरमैन शैलेंद्र दुबे ने कहा है कि अब यूपी में बिजली क्षेत्र के निजीकरण के खिलाफ 9 जुलाई को देशभर में एक दिवसीय हड़ताल की जाएगी, जिसमें किसानों और उपभोक्ता मंचों की सक्रिय भागीदारी होगी। उन्होंने बताया कि बिजली व्यवस्था को लेकर महापंचायत हुई है, जिसमें विभिन्न ट्रेड यूनियन नेताओं, किसान नेताओं और उपभोक्ता संगठनों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के हजारों बिजली कर्मचारियों और उनके परिवारों ने निजीकरण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। देश की प्रमुख यूनियनों और राज्य संघों के शीर्ष नेतृत्व और किसान संगठनों की भागीदारी ने दिखा दिया है कि बिजली क्षेत्र के निजीकरण के दुष्प्रभावों को लेकर सभी चिंतित हैं। एआईपीईएफ के मीडिया सलाहकार गुप्ता ने कहा कि ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के महासचिव शिवगोपाल मिश्रा, एआईपीईएफ के एके जैन, ऑल इंडिया पावर डिप्लोमा इंजीनियर्स फेडरेशन के अध्यक्ष आरके त्रिवेदी, इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज ऑफ इंडिया के महासचिव सुदीप दत्ता, यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के डीके. अरोड़ा, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता वाईएस लोहित और यूपी अभियांत्रिकी संघ के महासचिव जितेंद्र गुर्जर ने भी बिजली निजीकरण का विरोध किया है। एआईपीईएफ के चेयरमैन शैलेन्द्र दुबे ने कहा कि यह विरोध राष्ट्रीय स्वरूप ले रहा है, जहां सभी लोगों ने विद्युत वितरण क्षेत्र के निजीकरण का पुरजोर विरोध जारी रखा है।