Home Chandigarh विद्यार्थी विकसित भारत के संकल्प को करें साकार — मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

विद्यार्थी विकसित भारत के संकल्प को करें साकार — मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

by ND HINDUSTAN
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मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने के लिए किया प्रेरित

प्रदेश व जिला स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के वाले 275 विद्यार्थियों को  किया सम्मानित

एनडी हिन्दुस्तान

चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि छात्र देश का भविष्य हैं, इसलिए उन्हें नशे से दूर रहते हुए विकसित भारत के निर्माण में प्रधानमंत्री के संकल्प को साकार करने में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

मुख्यमंत्री आज पंचकूला में 10वीं और 12वीं के प्रदेश व जिला स्तर के टॉपर विद्यार्थियों को सम्मानित करने के लिए आयोजित मेधावी छात्र सम्मान समारोह में मुख्यातिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी संकायों में प्रदेश स्तर व जिला स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के वाले 275 विद्यार्थियों को सम्मानित किया व उनका हौंसला बढाया।       

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार शिक्षा के क्षेत्र में ढांचागत सुधारों के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में न केवल स्कूली शिक्षा, बल्कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी पिछले साढ़े दस वर्षों में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हरियाणा की डबल इंजन सरकार ने प्रदेश के प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में कार्य किया है, जिससे लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें और राज्य में चिकित्सकों की कमी दूर की जा सके। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 15 जिलों में मेडिकल कॉलेज प्रारंभ हो चुके हैं तथा शेष जिलों में बन रहे है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने बेटियों को उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हर 20 किलोमीटर की दूरी पर डिग्री कॉलेज स्थापित किए हैं, ताकि उन्हें पढ़ाई के लिए दूर न जाना पड़े।

अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को विशेष प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार ने निर्णय लिया है कि मेधावी विद्यार्थियों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। सरकार ने निर्णय लिया है कि 12वीं कक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक लेकर पास हुए अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को 1 लाख 11 हजार रुपये पुरस्कार स्वरूप प्रदान किए जाएंगे।

मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चे राष्ट्र का भविष्य हैं। शिक्षा और संस्कारों के माध्यम से हमें उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना है, क्योंकि तभी वे जीवन में आने वाली चुनौतियों का साहसपूर्वक सामना कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि सफल जीवन के लिए केवल किताबी ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है; बच्चों को नैतिक और आध्यात्मिक शिक्षा भी दी जानी चाहिए, क्योंकि नैतिक मूल्यों से रहित शिक्षा निरर्थक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भावी पीढ़ी को शिक्षित, चरित्रवान, स्वस्थ और दक्ष बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा स्तर तक गुणवत्ता में सुधार और शिक्षा को अधिक रोजगारोन्मुखी बनाने पर विशेष बल दिया जा रहा है।

श्री सैनी ने कहा कि हमने पिछले साढ़े 10 वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव और प्रगति के लिए कई कदम उठाए हैं। छात्रों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं चलाई हैं। विद्यालयों में ढांचागत सुविधाएं बढ़ाने पर विशेष बल दिया जा रहा है।  विद्यालयों में गुणवत्तापरक शिक्षा हमारी प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके अन्तर्गत खेल-खेल में शिक्षण, प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग, निरंतर मूल्यांकन, नई तकनीकों से शिक्षा प्रदान की जा रही है।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कुशल मार्गदर्शन में 21वीं सदी के भारत को ज्ञान-विज्ञान के क्षेत्र में नई बुलंदियों पर ले जाने के लिए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति बनाई गई है। हमने इस शिक्षा नीति को प्रदेश में वर्ष 2025 तक पूरी तरह लागू करने का लक्ष्य रखा है, हालांकि देश में इसको लागू करने की समयावधि 2040 तक है। नई शिक्षा नीति का एक लक्ष्य छठी कक्षा से ही बच्चों को प्रोफेशनल और स्किल की शिक्षा देना है। हरियाणा में स्कूलों में ही नेशनल स्किल क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क के माध्यम से बच्चों को विभिन्न कौशलों में निपुण बनाने की व्यवस्था की है। अब तक 1001 स्कूलों में यह व्यवस्था की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां तक स्कूल शिक्षा से पहले की शिक्षा का सम्बन्ध है। इस क्षेत्र में भी राज्य द्वारा ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य में 4081 ऐसी आंगनवाड़ी हैं, जो विद्यालय परिसरों में स्थित है। राज्य में 1418 राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय बनाए गए हैं। इनका मुख्य उ‌द्देश्य ’नो होमवर्क’ वातावरण में छोटे बच्चों के मन से पढ़ाई के भय को दूर करना है। प्रदेश में 138 राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय स्थापित किये हैं। उन्होंने कहा कि इनमें पठन-पाठन का माध्यम अंग्रेजी है। राज्य के विद्यालयों को 1415 कलस्टरों में बांटा गया है। हर साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स आदि के स्कूल कलस्टर में प्रत्येक स्ट्रीम सुनिश्चित किए गए हैं। राजकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले मेधावी विद्यार्थियों को विशेष कोचिंग उपलब्ध करवाने हेतु वर्ष 2018 से सुपर-100 कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसमें उन्हें आई.आई.टी-जे.ई.ई/एन.ई.ई.टी. इत्यादि परीक्षाओं की प्रतिस्पर्धा में भाग लेने के लिए कोचिंग दी जाती है।

इस अवसर पर विधायक शक्ति रानी शर्मा,  पंचकूला के महापौर कुलभूषण गोयल, हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. पवन शर्मा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष अजय मित्तल, सहित विभिन्न गणमान्य लोग एवं मेधावी विद्यार्थियों के अभिभावक व गुरुजन उपस्थित रहे।

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