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कैथल में खोला जाएगा प्री वेडिंग काउंसलिंग सेंटर, जिला प्रशासन से जगह उपलब्ध करवाने को कहा

by ND HINDUSTAN
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महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने दी जानकारी

विवाह के बाद तलाक की संख्या कम करने की दिशा में देश भर में महिला आयोग द्वारा खोले जा रहे हैं ऐसे सेंटर

विवाह से पूर्व एवं विवाह के बाद लड़का-लड़की किन बातों का ध्यान रखें, ताकि तलाक न हो, विशेषज्ञ इन सेंटरों में करेंगे युवाओं की कांउसलिंग

कैथल में महिलाओं की शिकायतें सुनकर दिए आवश्यक दिशा निर्देश, एक मामले में आईटीबीपी के एसआई को किया तलब

डीसी के साथ बैठक कर महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर की चर्चा, वन स्टॉप सेंटर व जिला जेल का किया निरीक्षण, महिला जनप्रतिनिधियों से भी की बैठक

एनडी हिन्दुस्तान

कैथल। हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने मंगलवार को कैथल दौरे के दौरान परिवारों को टूटने से बचाने की दिशा में डीसी प्रीति के साथ बैठक की, वन स्टॉप सेंटर का दौरा कर वहां रह रही महिलाओं की समस्याएं जानीं। साथ ही जिला जेल का दौरा कर जेल में बंद महिलाओं की समस्याएं सुनीं। इसके बाद लघु सचिवालय में महिलाओं द्वारा की गई शिकायतों में एक-एक करके सुनवाई करते हुए आवश्यक निर्देश जारी किए। इसके बाद जिले की महिला जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर महिला अपराधों पर अंकुश लगाने में सहयोग पर चर्चा की। उन्होंने इस दौरे में खुलासा किया कि कैथल में टूटते परिवारों को बचाने व तलाक के मामलों को कम करने के लिए एक प्री-वेडिंग काउंसलिंग सेंटर खोला जाएगा। जिसमें विशेषज्ञ महिलाएं लड़के व लड़कियों को विवाह से पहले काउंसलिंग कर बताएंगी कि उन्हें विवाह से पहले व विवाह के बाद किन-किन बातों का ध्यान रखना है, ताकि उनका वैवाहिक जीवन खुशहाल रहे और तलाक की नौबत न आए। इस सेंटर के लिए जिला प्रशासन को जगह देने के लिए कहा गया है। जैसे ही जगह मिलती है, सेंटर शुरू कर दिया जाएगा। महिला आयोग द्वारा पूरे देश में इस तरह के 54 सेंटर खोले गए हैं। हरियाणा में अब तक गुरुग्राम व फरीदाबाद में यह सेंटर खुल चुके हैं।

          सबसे पहले उन्होंने लघु सचिवालय में डीसी प्रीति व पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की और महिला अपराध से संबंधित विषय पर विचार-विर्मश किया। इसके उपरांत उन्होंने वन स्टॉप सेंटर का दौरा किया और वहां पर रह रही तीन युवतियों से मुलाकात की। उनके केस स्टडी करते हुए आवश्यक जानकारी हासिल की। उन्होंने वन स्टॉप सैंटर में आए केसों से संबंधित रजिस्टर चैक किया और पिछले केसों का फोलोअप जानने के लिए एक-दो मामलों में फोन करके बातचीत की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वन स्टॉप सैंटर में आनी वाली महिलाओं का कम से कम तीन महीनें तक फोलोअप जरूर लिया जाए।

           इसके उपरांत महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने जिला जेल का निरीक्षण किया और वहां पर महिला बैरक में मौजूद कैदियों से बातचीत की और उनकी समस्याएं जानी। उन्होंने जेल प्रबंधन को निर्देश दिए कि महिलाओं में सिलाई जैसे कार्याें का स्किल विकसित करें और उनसे बैग आदि बनवाएं, ताकि उन्हें जेल से बाहर आने पर रोजगार मिलने पर उनका मानसिक संतुलन भी बना रहे।

          इसके बाद उन्होंने लघु सचिवालय स्थित सभागार में महिलाओं द्वारा की गई उत्पीड़न संबंधित 12 शिकायतों में एक-एक कर सुनवाई की। साथ ही कुछ नई शिकायतें भी आईं थीं। सुनवाई में चार मामलों की सुनवाई पूरी कर उनका समाधान करवा दिया गया। तीन-चार मामले न्यायालय में लंबित थे, उन्हें ड्रॉप कर दिया। तीन मामलों में दोनों पक्षों को दस दिन में आयोग मुख्यालय तलब किया है। एक मामले में एनआरआई युवक को विवाह में धोखा करने पर पासपोर्ट जब्त करवाकर आवश्यक कार्रवाई का फैसला लिया है। उन्होंने महाराष्ट्र की एक महिला की शिकायत पर तीन विवाह करने वाले उसके आरोपी पति के खिलाफ सुनवाई करते हुए आईटीबीपी के एसआई को मुख्यालय तलब किया है। उन्होंने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पुलिस अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने शिकायतकर्ता महिलाओं का आह्वान किया कि वे कुत्तों, भैंसों आदि को लेकर झगड़ों में अपनी बहन बेटियों की प्रताड़ना जैसे आरोप न लगाएं। यह बहुत ही शर्मनाक है। बहन बेटियों को पढ़ा लिखाकर आगे बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में आए मामलों में से 60 प्रतिशत मामलों में तलाक, घरों के टूटने का कारण लिव इन रिलेशन में रहना सामने आया है। यह समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है। परिवारों से अपील है कि ऐसी बातों से बचें। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया जैसे प्लेटफार्माें का सही प्रयोग करें। कई मामलों में सोशल मीडिया के माध्यम से लड़का-लड़की अपने जीवन को खराब कर बैठे हैं।

          उन्होंने कहा कि कोई भी पीडि़त महिला आयोग के सामने अपनी शिकायत रख सकती है। आयोग द्वारा पारदर्शी रूप से मामलों की सुनवाई की जाती है। दोनों पार्टियों को बुलाकर तह तक जाकर समाधान निकालने का प्रयास किया जाता है और पीडि़त को न्याय दिलवाया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाएं झूठे केस दर्ज करवाकर आयोग का समय बर्बाद न करें। अपने सामाजिक ताने-बाने को बनाते हुए अपने परिवार में मिलकर जीवन को सुखमय बनाएं। पति-पत्नी छोटी-छोटी बातों को लेकर बड़ा विवाद न बनाएं। सास-ससुर अपनी बहु को बेटी समझे और उन्हें परिवार में पूरा मान सम्मान दें। उन्होंने आमजन से भी अपील की कि वे बड़ों के मामलों में अपने बच्चों को न उलझाए। उन्होंने महिला जनप्रतिनिधियों नगर परिषद अध्यक्ष सुरभि गर्ग, जिला पार्षद कमलेश शर्मा सहित अन्य महिला जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की। जिसमें उन्होंने महिला संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने में सहयोग की अपील की। इससे पूर्व जिला भाजपा कार्यालय में जाकर जिला अध्यक्ष ज्योति सैनी व अन्य नेताओं के साथ बैठक की।

          सीवन से लड़की लापता मामले में आयोग ने लिया संज्ञान-कैथल में महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने सीवन में एक लड़की के लापता होने व उसके बाद आरोपी पक्ष की महिला द्वारा पुलिस पर प्रताड़ना के आरोप लगाने के मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग को लेकर मिलने आए लड़की पक्ष की सुनवाई की। उन्होंने सुनवाई के बाद कहा कि इस मामले में लड़की को लापता होने की जांच करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा इस मामले में पुलिस पर महिला द्वारा प्रताड़ना के मामले की जांच के लिए भी आयेग ने पुलिस को निर्देश दिए हैं। पुलिस रिपोर्ट के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।

          इस मौके पर महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यक्रम अधिकारी शशि बाला, महिला संरक्षण अधिकारी सुनीता शर्मा के अलावा अन्य संबंधित अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

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