कुवि के सेवानिवृत्त शिक्षक व कर्मचारियों को प्रशासन की ओर से विदाई पार्टी
एनडी हिन्दुस्तान
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में एक शिक्षक व चार गैर-शिक्षक कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति अवसर पर प्रशासन की ओर से विदाई पार्टी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि विश्वविद्यालय के उत्थान में शिक्षकों व कर्मचारियों की अहम भूमिका होती है। शिक्षक व कर्मचारी शिक्षण संस्थान का मजबूत आधार होते हैं जो संस्थान के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा ने सेवानिवृत्त हुए शिक्षक व कर्मचारियों से औपचारिक बातचीत की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षकों व कर्मचारियों के हितों के लिए सदैव सकारात्मक दृष्टिकोण रखेगा तथा भविष्य में भी सेवानिवृत्त शिक्षक व कर्मचारियों के अनुभव विश्वविद्यालय के काम आएंगे। उन्होंने विश्वविद्यालय में बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए सभी के सुझाव लिए व उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना की।
इस मौके पर सेवानिवृत्त शिक्षक व कर्मचारियों ने अपने विचार व अनुभव साझा किए। सभी ने भविष्य में भी जरूरत पड़ने पर विश्वविद्यालय के लिए हर समय तैयार रहने का आश्वासन दिया व इस विदाई पार्टी के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन का आभार प्रकट किया। सेवानिवृत्त होने वालों में इंस्ट्ररूमेंटेशन विभाग के प्रो. प्रदीप कुमार, एकेडमिक ब्रांच के प्रूफ रीडर भूप सिंह, गोपनीय शाखा के दफ्तरी मेहर चंद, हॉर्टिकल्चर से हेड माली राम कुमार व निर्माण शाखा से पम्प ड्राइवर सुरेन्द्र सिंह शामिल हैं।
इस मौके पर प्रो. राकेश कुमार, प्रो. नरेन्द्र सिंह, कुटा प्रधान प्रो. दीपक राय बब्बर, प्रो. प्रदीप मित्तल, डॉ. संजय त्यागी, डॉ. अवनीश वर्मा, लोक सम्पर्क विभाग की उप-निदेशक डॉ. जिम्मी शर्मा, परीक्षा नियंत्रक डॉ. अंकेश्वर प्रकाश, डॉ. पंकज गुप्ता, कुंटिया महासचिव रविंद्र तोमर, अजमेर सिंह, मुनीष खुराना सहित सेवानिवृत्त कर्मचारियों के परिवारजन मौजूद थे।
कोर्स आउटकम्स, पाठ्यक्रम के अंत में छात्रों से अपेक्षित सीखने की उपलब्धियों को दर्शाते हैंः प्रो. दिनेश कुमार
कुरुक्षेत्र, 30 जुलाई। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में यूजीसी-मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के संदर्भ में अकादमिक नेतृत्व, शासन और प्रबंधन विषय पर ओरिएंटेशन सत्र का आयोजन किया गया।
इस सत्र में कुवि के डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. दिनेश कुमार ने लर्निंग आउटकम्स डिफाइनिंग, मैपिंग एंड अटेनमेंट ऑफ प्रोग्राम आउटकम्स, प्रोग्राम स्पेसिफिक आउटकम्स और कोर्स आउटकम्स एज़ विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद भारत में उच्च शिक्षण संस्थानों का मूल्यांकन और प्रत्यायन करती है। मूल्यांकन प्रक्रिया में शैक्षणिक और प्रशासनिक प्रक्रियाएं, शिक्षण विधियां, अवसंरचना और छात्र सहायता सेवाएं शामिल होती हैं।
प्रो. दिनेश कुमार ने बताया कि कोर्स आउटकम्स प्रत्येक पाठ्यक्रम के अंत में छात्रों से अपेक्षित सीखने की उपलब्धियों को दर्शाते हैं, प्रोग्राम स्पेसिफिक आउटकम्स उस विषय विशेष से संबंधित योग्यताओं को प्रदर्शित करते हैं जो छात्र पूरे कार्यक्रम के अंत में प्राप्त करते हैं
दूसरे सत्र में कुवि परीक्षा नियंत्रक डॉ. अंकेश्वर प्रकाश, ने नेतृत्व के प्रकार और शैक्षणिक नेतृत्व की योग्यताएं विषय के बारे में बताया। उन्होंने विज़नरी थिंकिंग, संस्थागत लक्ष्यों को एनईपी-2020 के निर्देशों के साथ संरेखित करने की क्षमता, नैतिक और समावेशी नेतृत्व, विविधता, समता और नैतिक शासन को बढ़ावा देना, सहयोग की भावना के बारे में विस्तार से बताया। अंत में, कोर्स समन्वयक डॉ. सुमन बाला ने दोनों वक्ताओं का आभार व्यक्त किया और साथ ही केन्द्र की निदेशक प्रो. प्रीति जैन के मार्गदर्शन और समर्थन के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।