संतूर पर थिरकती तारा की अंगुलियों से राष्ट्रगान जन गण मन की धुन कर देती है मंत्रमुग्ध
12 वर्षीया तारा घाहरेमानी की वायरल वीडियो को देख चुके हैं लाखो लोग– अभिषेक सिंह
विश्व की विचित्र बाल प्रतिभाओं को दुनिया के लोगों के सामने लाने के लिये प्रयासरत है जीसीपीए
ग्लोबल प्रडोजी अवार्ड्स भारत के ही, अभिषेक सिंह,(मैंगो) प्रशांत पांडे, एवं डाक्टर अब्दुल गनी द्वारा किया गया है शुरू
न्यूज डेक्स वर्ल्ड
दिल्ली,1 फरवरी। ईरान से आईं 12 वर्षीया तारा की अंगुलियां जब संतूर पर चलती है,तो उससे निकली धुन बरबस किसी को भी मोह लेती है। यकीनन इसे सुपर से भी ऊपर कहा जा सकता है। विशेषकर ये धुन भारतीयों और जिनके दिल में भारत बसता है,उन्हें खूब भा रही हैं,क्योंकि तारा अपने संतूर वादन कर राष्ट्रगान जन गण मन को जिस कौशल से प्रस्तुत करती हैं,उसने सुनकर इस नन्हीं बच्ची की कला को देख कोई भी मंत्रमुग्ध हो सकता है। यही कारण है कि पिछले चार दिनों में तारा की संतूर वादन वाली वीडियो इंटरनेट पर छाई हुई है। करीब लाखों लोग देख चुके हैं। भारत को इस प्रतिभा से रूबरू कराने का श्रेय जाता है ग्लोबल चाइल्ज परोडिजी संगठन को। यह संगठन विश्वभर की उन विचित्र बाल प्रतिभाओं को दुनिया से रूबरू कराने के लिये प्रयासरत है और संगठन की पहल पर ही भारत में तारा का आगमन हुआ। पिछले वर्ष इस संगठन के निमंत्रण पर तारा अपनी माता फतिहमा और पिता मोहमडरेजा के साथ ईरान से दिल्ली पहुंचीं थी। यहां नोबल अवार्ड विजेता कैलाश सत्यार्थी द्वारा जहां कई प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया था,वहीं इनमें से एक प्रतिभा ईरानी बाला तारा भी शामिल रहीं। तारा अपने माता-पिता की इकलौती संतान है।
संगठन को लीड कर रहे अभिषेक सिंह के मुताबिक ग्लोबल चाइल्ड परोडिजी अवार्डस दुनिया की पहली और एकमात्र ऐसी संस्था है, जो हर साल दुनिया भर से 100 प्रतिभाशाली बच्चों को उनकी प्रतिभा और उनके कार्य के लिए सम्मानित करती है। संस्था द्वारा 15 वर्ष की आयु तक के बच्चों को पहचान दिलाने के लिए काम कर रही है। GCPA एक वैश्विक मंच की तरह कार्य करता है। काबिलेगौर है कि ग्लोबल प्रडोजी अवार्ड्स भारत के ही, अभिषेक सिंह,(मैंगो) प्रशांत पांडे, एवं डाक्टर अब्दुल गनी द्वारा शुरू किया गया है। हर साल अवार्ड्स प्राप्त करने वाले 100 प्रतिभाशाली, बच्चे ग्लोबल चाइल्ड परडोजी वार्षिक पुस्तक में भी चित्रित होते हैं।
अवार्ड्स का उद्देश्य विभिन्न विधाओं में जैसे कला, संगीत, नृत्य,लेखन,माडलिग,अभिनय, विज्ञान,और खेल आदि में प्रतिभावानो को, आगे ले जाने का मंच दिलाने और पहचान दिलाने का एक प्रयास हैआगामी अवार्ड्स समारोह दुबई में होगा संगठन अगले वर्षों में दुनिया के कई देशों में इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करने के लिये पूरा रोडमैप तैयार कर रहा है। इस कार्य में उन लोगों का भी सहयोग लिया जा सकता है,जोकि पहले से इस तरह की गतिविधियों को अलग अलग मंचों पर क्षेत्रीय स्तर पर उभारने का कार्य कर रहे हैं। बहरहाल जीसीपीए संस्था की पहल का ध्रुव तारा ईरान वासी तारा घाहरेमानी साबित हुई हैं।