करनाल में आयोजित राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के मौके पर बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा भी हुए कार्यक्रम में शामिल
एनडी हिन्दुस्तान
करनाल। राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के मौके पर करनाल के मंगलसेन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस दौरान संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत अंतरिक्ष विज्ञान क्षेत्र में तेजी से तरक्की कर रहा है। आज ही के दिन 2023 में चंद्रयान-तीन को सफलता मिली थी। इसी के चलते राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस मनाए जाने की घोषणा की गई थी। इस बार यह राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस करनाल में मनाए जाने का फैसला लिया गया। इस मौके पर हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा भी मौजूद रहे।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा है कि अंतरिक्ष का विषय काफी विस्तृत है। आर्यभट्ट ने 15 सौ साल पहले बता दिया था कि धरती गोल है और यह सूर्य का चक्कर लगाती है। अगर इससे पूर्व के इतिहास की बात करें तो हमारे देश का समृद्ध खगोलशास्त्र पहले से गणना करके बता देता था कि पूर्णमासी, अमावस्या, करवा चौथ, गणेश चतुर्थी व धार्मिक पर्व कब हैं। वहीं ज्योतिष की बात करें तो पहले से सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण की गणना करके बता दिया जाता था। आज हमारे देश के वैज्ञानिक बड़े बेहतर तरीके से अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। वैज्ञानिकों ने इस क्षेत्र में नए सिरे से खोज की हैं और इन्हें पुराने ज्ञान के साथ जोड़ा है, जो बेहद सराहनीय है।
सेटेलाइट मुहिम की शुरुआत 1960 में
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि देश में सेटेलाइट अभियान 1960 में आरंभ हुआ। 1963 में लांचिंग पैड तक सेटेलाइट को साइकिल पर ले जाया गया। चारागाह में शैड लगाकर लैब बनाई गई। कुछ साल बाद फिर एक सेटेलाइट को बैलगाड़ी में ले जाया गया। तब दुनिया के अन्य देशों ने मजाक भी उड़ाया लेकिन देश के वैज्ञानिकों ने प्रयास जारी रखे। श्री हरिकोटा में लांचिंग पैड स्थापित करने के बाद एक दर्जन से अधिक देशों ने भी इसका उपयोग शुरू किया। नासा से जुडक़र कल्पना चावला अंतरिक्ष में जाने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। इन्ही के नाम से यहां मेडिकल कॉलेज बनाया गया है। अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत ने दुनिया का विश्वास हासिल किया है, हमारा हौसला बुलंद है। नवाचार के कारण देश के वैज्ञानिको का नाम भी रोशन हुआ है। उन्होंने कहा कि गणित में शून्य का बहुत महत्व है। इसकी खोज भारत ने ही की।
करनाल के युवाओं ने किया नाम रोशन
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने गगनयान-तीन की सफलता के लिए इसरो में कार्यरत करनाल के दीपांशु गर्ग और ऐश्वर्य गर्ग को भी शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि हाल ही में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर जाने वाले शुभांशु शुक्ला ने इतिहास रचा है। बदलते युग में ग्लोब एक गांव बन गया है। सौरमंडल के क्षेत्र में देश और आगे बढ़ रहा है। उन्होंने युवाओं से इस क्षेत्र में आगे बढ़ने की अपील की।
आकाश की सीमा, सपनों की नहीं : शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा
शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि यह राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस केवल उत्सव नहीं, भारत के वैज्ञानिक सामर्थ्य, तकनीकी प्रगति और भविष्य के सपनों का प्रतीक भी है। दुनिया में करनाल की पहचान अंतरिक्ष नायिका कल्पना चावला के नाम से भी है। उनकी प्रेरणा देश की युवा पीढ़ी के हृदय में अंतरिक्ष विज्ञान और उसके प्रति जिज्ञासा बढ़ाती है। इस अवसर पर वे कल्पना चावला को श्रद्धापूर्वक नमन भी करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने अंतरिक्ष अनुसंधान व तकनीक के क्षेत्र में जो ऊंचाइयां हासिल की हैं उस पर पूरी दुनिया गर्व के साथ भारत की ओर देखती है। चंद्रयान से लेकर गगनयान तक, मंगलयान से लेकर सूर्य मिशन, और आदित्य एल वन के माध्यम से वैज्ञानिकों ने साबित कर दिया कि भारत आत्मनिर्भर होकर विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में नई दिशाएं तय कर रहा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार व शिक्षा विभाग छात्रों में वैज्ञानिक सोच, अनुसंधान व नवाचार की भावना को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। स्कूल-कॉलेजों में वैज्ञानिक प्रयोगशालाएं, एआई, रोबोटिक लैब, नवाचार केंद्र जैसी सुविधाएं विद्यार्थियों को भविष्य के लिए तैयार कर रही हैं। अंतरिक्ष दिवस यह संदेश देता है कि आकाश की सीमा है लेकिन हमारे सपनों की सीमा नहीं है। यदि युवाओं के अंदर मेहनत, लगन और वैज्ञानिक सोच है तो कल्पना चावला, विक्रम साराभाई और एपीजे अब्दुल कलाम की तरह विश्व पटल पर भारत का नाम रौशन कर सकते हैं। विज्ञान केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं है बल्कि समाज में नई दिशा देने और मानवता को बेहतर भविष्य देने में सक्षम है। विद्यार्थियों से अपील की कि वे सपनों को उड़ान देने के लिए विज्ञान और तकनीक को जीवन का हिस्सा बनाएं।
अंबाला में आर्यभट्ट विज्ञान केंद्र
इस अवसर पर इसरो के पूर्व वैज्ञानिक बिद्युत कुमार भद्रा भारत की अंतरिक्ष विज्ञान की उपलब्धियों और प्रोजेक्ट निदेशक डा. रितु करलीधारव ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में सफलता के पीछे की चुनौतियों पर विस्तृत जानकारी दी। उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विनीत गर्ग ने बताया कि अंबाला केंट में 5 एकड़ जमीन में 85 करोड़ की लागत से आर्य भट्ट विज्ञान केंद्र की स्थापना की जा रही है। उन्होंने बताया कि भारत का लक्ष्य 2035 तक भारतीय स्वामित्व वाला अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करना और 2040 तक एक भारतीय अंतरिक्ष यात्री को चंद्रमा तक भेजना है।
विद्यार्थी सम्मानित
इस मौके पर करनाल और पानीपत जिला के पोस्टर मेकिंग, निबंध लेखन और सेमिनार में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। जिला करनाल-पोस्टर मेकिंग में प्रथम गुरनूर कौर, द्वितीय कुनाल सिंह, तृतीय पीयूष, निबंध लेखन में प्रथम कशिश, द्वितीय गुंजन, तृतीय अंशिका बंसल, सेमिनार में अशलेशा को प्रथम स्थान मिलने पर सम्मानित किया गया। नशे के खिलाफ लोगों को जागरूक करने वाली साइकिलिस्ट स्वीटी मलिक को भी सम्मानित किया गया। जिला पानीपत-पोस्टर मेकिंग में प्रथम आर्यन, द्वितीय कहकशा, तृतीय शगुन, निबंध लेखन में प्रथम सानिया, द्वितीय स्तुति, तृतीय रूखसार, सेमिनार में मानवी को प्रथम स्थान मिलने पर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में चंद्रयान-तीन की सफलता के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए संबोधन से संबंधित वीडियो भी दिखाई गई।
इस अवसर पर आयुक्त राजीव रतन, उपायुक्त उत्तम सिंह, एसपी गंगा राम पूनिया, एसडीएम अनुभव मेहता, डीईओ सुदेश ठुकराल, पानीपत के डीईओ राकेश बूरा, करनाल की मेयर रेनू बाला गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रवीन लाठर, जिला महामंत्री सुभाष कश्यप, केंद्रीय मंत्री के प्रतिनिधि कविंद्र राणा आदि मौजूद रहे।