आयुष विश्वविद्यालय में मनाया गया 8वां राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा दिवस,सूर्य चिकित्सा कैंप लगा
एनडी हिन्दुस्तान
कुरुक्षेत्र। श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र में सोमवार को 8वां राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा दिवस मनाया गया। इस अवसर पर सूर्य चिकित्सा कैंप आयोजित किया गया, जिसमें रोगियों को सूर्य चिकित्सा का लाभ प्रदान किया गया और उन्हें मिट्टी चिकित्सा एवं अन्य प्रकृति-आधारित उपचारों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान, कुलसचिव प्रो. ब्रिजेंद्र सिंह तोमर, आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान एवं चिकित्सालय के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजा सिंगला, उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नेहा लांबा व प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र के विशेषज्ञ डॉ. चक्रपाणि आर्य ने किया।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान ने कहा कि प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति एक पूर्ण और वैज्ञानिक चिकित्सा पद्धति है, जिसमें पंचमहाभूतों- पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश के माध्यम से उपचार किया जाता है। कुलपति ने कैंप में पहुंचे मरीजों से भी फीडबैक लिया और उपचार व्यवस्था की सराहना की। शिविर में लगभग 50 से अधिक रोगियों को प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से उपचार एवं जागरूकता प्रदान की गई।
प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र के विशेषज्ञ डॉ. चक्रपाणि आर्य ने बताया कि पिछले दो वर्षों से केंद्र में निरंतर रोगियों को नैचुरोपैथी आधारित उपचार दिया जा रहा है। रोजाना 30 से 40 मरीज चिकित्सा केंद्र में पहुंच रहे हैं। केंद्र में सूर्य चिकित्सा, मिट्टी चिकित्सा, उपवास चिकित्सा, वैज्ञानिक मालिश, भाप स्नान, जलनेति, सूत्रनेति, एक्यूप्रेशर सहित कई प्राकृतिक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
आज विशेषज्ञ देंगे व्याख्यान
डॉ.चक्रपाणि ने बताया कि मंगलवार को सायंकालीन सत्र का आयोजन किया जाएगा। इसमें आयुष विश्वविद्यालय के कार्यकारिणी परिषद सदस्य डॉ. धर्मेंद्र वशिष्ठ और स्वामी श्रद्धानंद आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सालय, गुरुकुल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देव आनंद बतौर मुख्य वक्ता शिरकत करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान करेंगे। इस सत्र में प्राकृतिक चिकित्सा की वैज्ञानिकता और व्यावहारिक उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।