सूफी गायक भुवन शर्मा ने अपनी रूहानी गायकी से श्रोताओं को किया मंत्रमुग्ध
22 और 23 नवंबर को लेक क्लब में आयोजित होंगे साहित्यिक सत्र
एनडी हिन्दुस्तान
चंडीगढ़। चंडीगढ़ लिटरेरी सोसाइटी (सीएलएस) द्वारा आयोजित तीन दिवसीय सीएलएफ लिटराटी 2025 (चंडीगढ़ लिटफेस्ट) के 13वें संस्करण का शुभारंभ सेक्टर-38 स्थित रानी लक्ष्मीबाई भवन में भव्य रूप से किया गया। इस अवसर पर ‘साज़ औ आवाज़’ नामक संगीत प्रस्तुति का आयोजन किया गया, जिसमें प्रसिद्ध सूफी गायक भुवन शर्मा ने अपनी मधुर और रूहानी आवाज़ से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी हर एक प्रस्तुति मानो श्रोताओं को आध्यात्मिक यात्रा पर ले गई और दिल के सबसे गहरे कोनों को छू गई।
कार्यक्रम के दौरान सीएलएस की अध्यक्ष एवं सीएलएफ लिटराटी 2025 की फेस्टिवल डायरेक्टर डॉ. सुमिता मिश्रा, आईएएस ने सभी अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने कहा, “यह संध्या संगीत और शब्दों के सुंदर संगम को समर्पित थी, जिसमें सुरों और साहित्य ने मिलकर श्रोताओं के दिलों में नई ऊर्जा और भावनाओं का संचार किया।”
उन्होंने आगे कहा, “इस वर्ष की थीम ‘वर्ल्ड्स विदिन वर्ड्स’ के माध्यम से हम यह महसूस करते हैं कि शब्दों के भीतर संगीत बसता है और संगीत के माध्यम से पूरे ब्रह्मांड का अनुभव किया जा सकता है।”
अपने प्रस्तुतीकरण के दौरान भुवन शर्मा ने पंजाबी लोक गीतों की मिट्टी की खुशबू, सूफी कलाम की आध्यात्मिक गहराई, ग़ज़लों की नजाकत और पुरानी हिन्दी फ़िल्मी गीतों की मधुर स्मृतियों को बेहद खूबसूरती से पिरोया। कभी सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा तो कभी श्रोता उनकी मधुर गायकी में खोकर शांत भाव से सुनते नजर आए।यह यादगार संध्या सीएलएफ लिटराटी 2025 के उद्घाटन को वास्तव में अविस्मरणीय बना गई।
उल्लेखनीय है कि लिट फेस्ट के दौरान साहित्यिक विचार-विमर्श 22 और 23 नवंबर को लेक क्लब में आयोजित किए जाएंगे। इन दो दिनों के इंटरैक्टिव सत्रों में कई जाने-माने लेखक, कवि, विज्ञापन निर्माता और कलाकार भाग लेंगे। महोत्सव में विचारोत्तेजक सत्रों के साथ-साथ पुस्तक विमोचन और रचनात्मक लेखन कार्यशालाओं का भी आयोजन किया जाएगा। 22 नवंबर को विशेष रूप से प्रतीक्षित नामों में प्रसिद्ध विज्ञापन फिल्म निर्माता और एड गुरु प्रह्लाद कक्कड़ शामिल होंगे, जो अपनी आइकॉनिक एड कैंपेन के लिए जाने जाते हैं। प्रख्यात अभिनेत्री एवं कवयित्री संध्या मृदुल भी 22 नवंबर को आयोजित गतिविधियों का हिस्सा होंगी।
समापन दिवस पर रोमांचक साहित्यिक संवादों के अलावा सीएलएफ लिटराटी अवॉर्ड्स मुख्य आकर्षण होंगे, जिनमें तीन पुस्तकों को सम्मानित किया जाएगा। अंग्रेज़ी नॉन-फिक्शन श्रेणी में गोपालकृष्ण गांधी की पुस्तक ‘द अनडाइंग लाइट: ए पर्सनल हिस्ट्री ऑफ इंडिपेंडेंट इंडिया’ (एलेफ बुक कंपनी) को पुरस्कार दिया जाएगा। अंग्रेज़ी फिक्शन श्रेणी में अश्विन सांघी की पुस्तक ‘द अयोध्या एलायंस: भारत कलेक्शन 8’ (हार्परकॉलिन्स पब्लिशर्स इंडिया) को सम्मानित किया जाएगा तथा हिन्दी श्रेणी में बलराम की पुस्तक ‘शुभ दिन’ (राजकमल प्रकाशन प्रा. लि.) को पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।