शानदार शिल्पकला के लिए दिल्ली, गुजरात, हिमाचल से भी मिल चुका अवार्ड
सरकार के आर्थिक प्रोत्साहन के माध्यम से बढ़ा रहे है अपना व्यवसाय
शिल्पकला के बेहतर नमूनों ने महोत्सव पर छोड़ी अपनी अनोखी छाप
एनडी हिन्दुस्तान
कुरुक्षेत्र । अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में जहां पर्यटकों को विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक विरासत को देखने का मौका मिला, वहीं राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर सम्मानित शिल्पकारों की अनोखी शिल्पकला को निहारने का मौका भी मिला। इस महोत्सव के माध्यम से इन शिल्पकारों और कलाकारों के हौसलों को नई उड़ान मिली है। इन्हीं शिल्पकारों के बीच में महोत्सव में उत्तर प्रदेश से पहुंचे स्टेट अवार्डी शिल्पकार मोहम्मद आरिफ। इस शिल्पकार को लकड़ी पर सुंदर नक्काशी के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से राज्य अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। इतना ही नहीं दिल्ली, गुजरात व हिमाचल सरकार द्वारा भी उन्हें कई अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है।
महोत्सव के सरस मेले में स्थित उत्तर-पश्चिमी तट पर स्टॉल नंबर 769 पर बातचीत करते हुए स्टेट अवार्डी मोहम्मद आरिफ ने कहा कि यह सारा सामान नीम, शीशम व टीक की लकड़ी से बनाते है तथा इसको बनाने में कई दिन का समय लगता है। शिल्पकारों ने बातचीत करते हुए कहा कि अपनी हस्त शिल्पकला का प्रदर्शन वे अन्य राज्यों में भी करते है। वे इस अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में हर वर्ष आते है तथा इस बार वे अपने साथ झूला, कॉफी सेट, टी सेट, रॉकिंग चेयर, रेस्ट चेयर, फ्लावर पोर्ट, कार्नर व स्टूल लेकर आए है। इसके साथ-साथ वह पर्यटकों के लिए विशेष रुप से सागवान की लकड़ी से बने बेहतरीन सोफा सेट लेकर आए है।
शिल्पकार ने बातचीत करते हुए कहा कि सेल्फ हेल्प ग्रुपों को सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है। उनके बचतगढ़ नामक सेल्फ हेल्प ग्रुप को भी बैंक के माध्यम से सब्सिडी पर ऋण उपलब्ध करवाया गया है, जिससे उनको अपनी शिल्पकला को आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है। उनके बचतगढ़ सेल्फ हेल्प ग्रुप के साथ 12 महिलाएं जुड़ी हुई है। उनकी स्टॉल पर भी 20 रुपए से लेकर 1 लाख 50 हजार रुपए तक समान उपलब्ध है।