2024 बैच के ग्राम सचिवों का प्रशिक्षण जल्द
एनडी हिन्दुस्तान
असंध/करनाल। असंध खंड के नव-नियुक्त ग्राम सचिवों को संबोधित करते हुए हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि ग्राम सचिवों के नए बैच के प्रशिक्षण का प्रदेशव्यापी कार्यक्रम जल्द शुरू किया जाएगा। डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान असंध के खंड कार्यालय में ग्राम सचिवों के साथ संवाद कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी प्रशांत कुमार ने की। कार्यक्रम में पहुंचने पर खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी प्रशांत कुमार ने मुख्य अतिथि डॉ. चौहान का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि हरियाणा में तीन हजार से अधिक ग्राम सचिवों के नवीनतम बैच के कार्यभार संभालने के बाद औपचारिक प्रशिक्षण का कार्यक्रम नहीं हो पाया है। संस्थान जल्द इस कार्य को संपन्न करेगा। उन्होंने कहा कि गांव की उन्नति का पथ प्रदर्शक ग्राम सचिव होता है। ग्राम पंचायत का प्रत्येक निर्णय गांव की आत्मा और गांव के विकास से जुड़ा होता है। अत: ग्राम सचिव का आचरण निष्पक्ष, सेवा भाव से युक्त और पूरी तरह स्वदेशी भावना से प्रेरित होना चाहिए।उन्होंने कहा कि ग्राम सचिवों से ग्रामीण जनता की अपेक्षाएं बहुत अधिक हैं, क्योंकि वे प्रशासन और जनता के बीच सबसे मजबूत सेतु हैं। उन्होंने यह भी कहा कि गांव की उन्नति केवल फाइलों और रिपोर्टों से नहीं, बल्कि धरातल पर ईमानदार प्रयासों और जनता के विश्वास से होती है। पारदर्शिता, अनुशासन और संवेदनशीलता ही ग्राम सचिव की वास्तविक पहचान है।डॉ. चौहान ने नव-नियुक्त सचिवों को अपने कार्य में दैनिक डायरी लेखन, फील्ड विजिट, समयबद्ध दस्तावेज़ीकरण तथा सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि योजनाओं की जानकारी गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना, ग्राम निधियों का सही उपयोग सुनिश्चित करना और किसी भी प्रकार की अनियमितता से दूर रहना- यही ग्राम स्वराज की नींव है। उन्होंने स्वदेशी दृष्टि से ग्रामीण उत्थान का संदेश देते हुए कहा कि गांव ही भारत की आत्मा है। अगर गांव मजबूत होंगे तो भारत अपने आप आत्मनिर्भर और समृद्ध बनेगा। ग्राम सचिव इस परिवर्तन के अग्रदूत हैं।इस अवसर पर खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी प्रशांत कुमार ने कहा कि नव-नियुक्त ग्राम सचिवों को बीते एक वर्ष के दौरान उनके वरिष्ठ सहकर्मियों ने कामकाज की बारीकियां तो सिखाई है मगर शीघ्र ही व्यावहारिक और तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है। पंचायत राज व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाने के लिए ऐसा करना आवश्यक है। नई ग्राम सचिवों ने विधिवत परीक्षा के अभाव में उन्हें पेश आ रही रोजमर्रा की दिक्कतों का विस्तृत विवरण संस्थान के निदेशक को दिया।कार्यक्रम में सुभाष ग्राम सचिव, रोहन ग्राम सचिव, राजेश शर्मा एकाउंटेंट, सुरेंद्र असिस्टेंट एवं खंड पंचायत कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।