गरीब, मजदूर लोगों के लिए रोजगार की पक्की गारंटी है : मोहन लाल बड़ौली
जीरामजी योजना के तहत मजदूरों को रोजगार गारंटी कार्ड मिलेगा और पैसा भी बैंक अकाउंट में आएगा : बड़ौली
बड़ौली ने ईडब्लयूएस परिवार की आय सीमा 6 लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये करने पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का जताया आभार
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बड़ौली ने विधायक रणधीर पणिहार को जन्मदिन की दी हार्दिक शुभकामना
एनडी हिन्दुस्तान
चंडीगढ़। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंडित मोहन लाल बड़ौली नलवा पहुंचे और विधायक रणधीर पणिहार को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं दी तथा उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं सफल जनसेवा के लिए मंगलकामनाएं की। यहां पहुंचने पर विधायक रणधीर पणिहार और कार्यकर्ताओं ने बड़ौली का जोरदार स्वागत किया। इस मौके पर मोहन लाल बड़ौली ने संगठनात्मक विषयों पर कार्यकर्ताओं के साथ चर्चा भी की। श्री बड़ौली ने नायब सरकार द्वारा ईडब्ल्यूएस परिवार की आय सीमा 6 लाख से 8 लाख करने पर मुख्यमंत्री नायब सैनी का आभार भी जताया। उन्होंने कहा कि इससे समाज के अधिक लोगों को फायदा मिलेगा।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंडित मोहन लाल बड़ौली ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए जीरामजी योजना के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि जीरामजी योजना गरीब, मजदूर लोगों के लिए रोजगार की पक्की गारंटी है। उन्होंने कहा कि जीरामजी योजना को लेकर कांग्रेस जो झूठ फैला रही है उसे जनता ने नकार दिया है। उन्होंने कहा कि इस योजना से भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी और लोगों की मजदूरी समय पर मिलेगी। उन्होंने कहा कि मनरेगा में 100 दिन काम मिलता था, लेकिन मोदी सरकार ने जीरामजी योजना के तहत मजदूरों का 125 दिन का काम सुनिश्चित किया है।श्री बड़ौली ने कहा कि वीबी-जीरामजी योजना पीएम मोदी के विकसित गांव और ग्राम स्वराज के संकल्प को हर गांव तक पहुंचाने का मजबूत माध्यम है। जीरामजी योजना के तहत गांव के विकास का प्लान खुद ग्राम पंचायत बनाएगी। गांवों में क्या काम होने चाहिए, परिवारों का पंजीकरण, रोजगार गारंटी कार्ड जारी करना, काम के आवेदन लेना और योजनाएँ बनाना ये सभी जिम्मेदारियां ग्राम पंचायतों की होंगी।श्री बड़ौली ने कहा कि विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जी रामजी योजना मनरेगा के मुकाबले बेहतर योजना है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी सिर्फ लोगों को भ्रम में डालकर जीरामजी योजना का दुष्प्रचार कर रही है। जीरामजी योजना श्रमिकों के कल्याण और गांवों के समग्र विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम है।कांग्रेस को आड़े हाथों लेते उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में मनेरगा भ्रष्टाचार का केंद्र बनी हुई थी। उस दौर में मनरेगा भ्रष्टाचार, फर्जी परियोजनाओं और धन की लूट का माध्यम बन गई थी। मोदी सरकार ने पारदर्शिता से काम करते हुए बीते एक दशक में डिजिटल कनेक्टिविटी, बैंकिंग सेवाएं, डीबीटी, आधार लिंकिंग और बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व सुधार हुआ है, जिससे योजनाओं का लाभ अब सीधे वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंच रहा है। बड़ौली ने कहा कि ’विकसित भारत- ’’जीरामजी’’ केवल रोज़गार का वादा नहीं, बल्कि स्थायी आजीविका की गारंटी है। जीरामजी योजना ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाकर विकसित भारत की नींव को मजबूत करेगी। गरीब, जनजाति और पिछड़ा वर्ग को रोजगार मिले, उसके लिए यह क़ानून आया है। उन्होंने कहा कि अब ग्रामीण अकुशल श्रमिक की औसत आय में करीब 7,000 रुपये की वृद्धि होगी, जबकि हरियाणा में यह लाभ कम से कम 10,000 रुपये होगा, क्योंकि यहां न्यूनतम मजदूरी दर देश में सर्वाधिक 400 रुपये प्रतिदिन है।