Home Kurukshetra News भगवान श्रीकृष्ण के गीता ज्ञान की गंगा से कुरुक्षेत्र का बढ़ा आकर्षण: अनिल विज

भगवान श्रीकृष्ण के गीता ज्ञान की गंगा से कुरुक्षेत्र का बढ़ा आकर्षण: अनिल विज

by ND HINDUSTAN
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ऊर्जा मंत्री ने महंत चिरंजी पुरी महाराज जी के 96वें जन्मदिन पर प्राप्त किया आशीर्वाद

आधा गिलास लस्सी और एक लंगोटी में जीवनयापन करने वाले संत समाज के लिए प्रेरणा

समाज में लोगों को सुख की प्राप्ति के साथ जनसेवा के कार्यों में भी लेना चाहिए हिस्सा

एनडी हिन्दुस्तान

कुरुक्षेत्र, 16 जनवरी। ऊर्जा एवं परिवहन मंत्री अनिल विज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र में गीता का उपदेश कर इसका आकर्षण बढ़ा दिया है। इस धरा पर ज्ञान की जो गंगा बही, वह विश्व का मार्गदर्शन बन रही है। इस ज्ञान की गंगा से समाज को भी नई दिशा मिल रही है।ऊर्जा मंत्री शुक्रवार को महंत चिरंजी पुरी जी महाराज के 96वें जन्मदिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे। कार्यक्रम में पहुंचने पर मंदिर के ट्रस्टियों द्वारा उनका पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। उन्होंने महंत चिरंजी पुरी जी महाराज के समक्ष नतमस्तक होकर आशीर्वाद प्राप्त किया। चिरंजी पुरी जी महाराज द्वारा ऊर्जा मंत्री को पगड़ी पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। उन्होंने 100 बेड के अस्पताल के लिए 30 लाख रुपये की अनुदान राशि देने की घोषणा। ऊर्जा मंत्री द्वारा महाराज के जन्मदिवस पर जरूरतमंद व्यक्तियों को कंबल भी वितरित किए।उन्होंने कहा कि महंत चिरंजी पुरी जी महाराज पिछले 40 सालों से आधा गिलास लस्सी और एक लंगोटी में अपना जीवनयापन कर रहे हैं, उनकी तपस्या, त्याग और समाज के लिए प्रेरणा है। श्री ब्रह्मपुरी अन्नक्षेत्र आश्रम ट्रस्ट कुरुक्षेत्र अष्टदश विभूति ज्ञान द्वारा 18 मंजिला मंदिर बनाया गया। ट्रस्ट द्वारा धर्मशाला संचालित है, जिसमें कुरुक्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आश्रय मिल रहा है। ट्रस्ट द्वारा ब्रह्मसरोवर के नजदीक 100 बेड का अस्पताल बनाया जाएगा, उससे स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी और समाज के हर व्यक्ति को सहजता के साथ इलाज सुविधा मुहैया होगी।जनसेवा सबसे बड़ा पुण्य का कार्य: ऊर्जा मंत्रीऊर्जा मंत्री ने कहा कि समाज में हर व्यक्ति सुख की प्राप्ति के लिए भागदौड़ कर रहा है, लेकिन जन सेवा सबसे बड़ा पुण्य कार्य है। उन्होंने आह्वान किया कि हर व्यक्ति को समाज सेवा में अपना योगदान देना चाहिए। समाज से जो कुछ प्राप्त करते हैं तो समाज का हमारे ऊपर ऋण चढ़ता है। ऋण उतारने का एक ही तरीका है, जन सेवा के कार्यों में हिस्सेदारी। यदि व्यक्ति समाज सेवा के कार्यों में अपना योगदान नहीं देगा तो उसे समाज का ऋण उतारने के लिए धरती पर बार-बार जन्म लेना पड़ेगा।समाज सेवा से मिलती है नई प्रेरणा: विजऊर्जा मंत्री अनिल विज ने महंत चिरंजी पुरी जी महाराज द्वारा पिछले 40 सालों से आधा गिलास लस्सी और एक लंगोटी में जीवन यापन करने की सराहना करते हुए कहा कि दुनिया में कोई व्यक्ति भूखा न सोए और सभी को आश्रय मिले, यह ऐसे तपस्वियों के तप और त्याग के चलते ही संभव है। उन्होंने वैज्ञानिकों को आह्वान किया कि यदि भक्ति की शक्ति देखनी है तो महंत चिरंजी पुरी जी महाराज के आश्रम में आकर देखें कि एक संत आधा गिलास लस्सी पीकर समाज को नई दिशा दिखा रहा है। इस मौके पर राधे श्याम, सुभाष जिंदल, सुशील गुप्ता, नवीन, हरि ओम, सतपाल सिंगला, राजेश, जगदीश अग्रवाल, डा.पवन गोयल, रामपाल सिंगला, लच्छी राम मित्तल, सतीश कुमार मित्तल, राज गोयल, विजय गोयल, नरेन्द्र बिंदल, धर्मपाल, बृज भूषण सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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