एचएसएससी के चेयरमैन भारत भूषण भारती ने किया संध्या कालीन महाआरती का शुभारंभ
अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव 2021 हुआ सम्पन्न
न्यूज डेक्स संवाददाता
पिहोवा। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन भारत भूषण भारती ने कहा कि लुप्त हो चुकी सरस्वती नदी को फिर से धरातल पर लाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इस पवित्र नदी के किनारें ही संस्कृति का विकास हुआ और वेदों की रचना की गई। इतना ही नहीं पूरे विश्व को ज्ञान और संस्कार भी इस नदी के तट से दिए गए। इसलिए सरस्वती नदी का बहुत अधिक महत्व है, इस महत्व को जहन में रखकर ही सरकार लगातार अपने अथक प्रयास कर रही है। वे मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव के समापन अवसर पर आयोजित सांध्यकालीन सरस्वती महाआरती के दौरान बोल रहे थे। इससे पहले हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन भारत भूषण भारती, हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष प्रशांत भारद्वाज, एसडीएम सोनू राम,अंडर ट्रेनिंग आईएएस वैशाली सिंह,तहसीलदार तरूण सहोता, नायब तहसीलदार राजेन्द्र रोहिला, समाजसेवी विक्रम चक्रपाणी, नपा सचिव अंकुश पराशर ने मंत्रोच्चारण और शंखनाद की ध्वनि के बीच महाआरती की है।
उन्होंने कहा कि यह पावन तीर्थ का दर्शनमात्र से ही मानव कल्याण की राह खोलता है। उन्होंने पिहोवा वासियों सहित समस्त प्रदेशवासियों को इस महोत्सव के आयोजन की बधाई देते हुए कहा कि पिछने कुछ वर्षों से सरस्वती महोत्सव में लाखों की संख्या में लोग जुड़ रहे है। देश ही नहीं अपितु विदेशों में भी इस महोत्सव का प्रचार-प्रसार बढ़ा है और विदेशों से भी लोग महोत्सव में शामिल हो रहे है। पिहोवा तीर्थ पर आने से ही मन को अपार शांति मिलती है। उन्होंने कहा कि सरस्वती तीर्थ की महता को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सरकार प्रयासरत है। सरस्वती महोत्सव में इस दिशा में सफलतम प्रयास है। यह तीर्थ हमारी धरोहर है, जिसके सरंक्षण के साथ-साथ प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देना चाहिए। ऐसा करने से आने वाली पीढ़ी में संस्कारों का समावेश होगा, जिससे आपसी भाईचारा, प्रेम और शांति का माहौल बनेगा।
हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड की तरफ से आदि बद्री से लेकर कैथल तक सरस्वती चैनल पर स्थित तीर्थ स्थलों और गांवों को विकसित करने के प्रयास किए जा रहे है। सरस्वती महोत्सव के दौरान ही इस चैनल पर स्थित करीब 100 गांवों में बंसत पंचमी के पावन अवसर पर पंचायतों के सहयोग से कार्यक्रमों का आयोजन किया गया और पूजा अर्चना कर प्रसाद का भी वितरण किया गया। इस संध्या कालीन महाआरती से पूरी तीर्थ नगरी मंत्रोच्चारण से मंत्रमुग्ध हो गई और इस दौरान शंख की ध्वनि और मंत्रौच्चारण ने पिहोवा सरस्वती तीर्थ को संगीतमय कर दिया। इस मौके पर समाजसेवी उमाकांत शास्त्री,युद्घिष्ठर बहल, एसडी मुरार, डा. सुदर्शन चुघ, आशीष चक्रपाणी, जगदीश गौड, तरूण वडैच, नंद लाल सिंगला, विनोद बंसल, रामधारी शर्मा, राकेश पुरोहित, डीपी दस्तुर, शिव चरण बहल, दीपक बवेजा, महंत दीपक गिरी आदि गणमान्य लोग उपस्थित थे।