सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ओवर स्पीड सहित अन्य ट्रैफिक नियमों की सख्ती से होगी पालना:मनोहर
एम्बुलेंस सेवा और बेहतर उपचार भी रहेगा विशेष फोकस, 4-ई प्रणाली से सुरक्षित राजमार्ग का सपना होगा साकार
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वीडियों कान्फ्रेसिंग से दिए अधिकारियों को आदेश
न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश में सडक़ दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ओवर स्पीड, बिना हेलमेंट और सीट बेल्ट ना लगाने वाले लोगों को जागरूक किया जाएगा। सभी लोगों को ट्रैफिक नियमों की दृढता से पालना करनी होगी। सभी के सांझे प्रयासों से ही सडक़ दुर्घटनाओं में कमी लाना संभव होगा। इतना ही नहीं राज्य सरकार प्रदेश के सभी जिलों में दुर्घटना रहित आदर्श सडक़ का निर्माण करने की योजना को भी अमलीजामा पहनाएंगी और 4-ई प्रणाली से प्रदेश के राजमार्गों को सुरक्षित रखने के सपने को भी साकार करेगी।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल शनिवार को चंडीगढ़ऐ से वीडियों कान्फ्रेसिंग के जरिए प्रदेश के उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों को सम्बोधित कर रहे थे। इससे पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रदेश के सभी जिलों से उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों के माध्यम से रोड़ सेफ्टी, परिवार पहचान पत्र, गेहूं खरीद कार्यों को लेकर किए गए प्रबंधों की फीडबैक रिपोर्ट हासिल की है। उन्होंने कहा कि सडक़ निर्माण में रोड इंजीनियरिंग के सभी मानकों को लागू किया जायेगा, जिनमें इंजीनियरिंग की दृष्टि से महत्वपूर्ण संकेतक लेन आदि का विशेष ध्यान रखा जाए, सुरक्षित सडक़ दुर्घटना रोकने में पूरी तरह से कारगर साबित होंगी।
सभी जिलों में सडक़ सुरक्षा कमेटी में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सडक़ निर्माण से जुड़े विभागों के इंजीनियरों के रोड़ सेफ्टी आडिट के प्रशिक्षण करवाएं जाएं। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति को तुरंत अपस्ताल पहुंचाया जाएं, इसके लिए हर संभव प्रयास किए जाएं, यदि ऐसा किया जाता है तो किसी घायल व्यक्ति की जान बच सकती है। इसके लिए लोगों को प्रोत्साहित करें, सडक़ पर कोई दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति है तो उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाए। यह भी तय किया जा रहा है कि न्यूनतम समय में एम्बुलेंस सर्विस उपलब्ध कराकर जीवन बचाने वाले कर्मी तथा बेहतरीन उपचार करने वाले अस्पतालों को भी समय-समय पर सम्मानित किया जाएगा।
सीएम ने कहा कि 4-ई(इंजिनियरिंग, इनफोर्समेंट, एमरजेंसी केयर, एजूकेशन) के मंत्र से सुरक्षित राजमार्ग का सपना साकार हो सकता है। जहां कहीं भी सडक़ों पर हादसे की संभावनाएं है या दुर्घटना की संख्या बढ़ रही है ऐसे क्षेत्रों में ब्लैक स्पॉट एवं दुर्घटना बिन्दुओं को चिन्हित किया जाना चाहिए। इसके बाद रोड सेफ्टी आडिट कराकर कारणों का शीघ्रता से निदान करने की कार्य संस्कृति विकसित की जाए। परिवहन विभाग ने एक नीति बनाई है कि हम समय-समय पर यह समीक्षा करेंगें कि सडक़ दुर्घटनाओं में कमी लाने में कितनी सफलता मिली है। सडक़ निर्माण से जुड़ी संस्थाओं/विभागों के इंजीनियरों हेतु रोड सेफ्टी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च (आई.डी.टी.आर.) द्वारा आटोमेटेड ड्राईविंग लाईसेंस जारी करने वाले केन्द्र स्थापित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने गेहूं खरीद प्रबंधों, मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर किसानों की रजिस्टे्रशन तथा परिवार पहचान पत्र विषयों पर फीडबैक लेने के उपरांत कहा कि गेहूं खरीद में किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आनी चाहिए। किसान मंडी में अपनी फसल को सही समय पर और उचित दरों पर बेच सकें इसके लिए उन्हें जागरूक किया जाए कि फसल को साफ करके मंडियों में लेकर आएं। उन्होंने कहा कि अब तक 4 लाख 23 हजार 509 परिवारों में से 3 लाख 94 हजार 582 परिवारों के पीपीपी बनाए जा चुके हैं।
उपायुक्त शरणदीप कौर बराड़ ने जिले में गेहूं खरीद को लेकर किए गए प्रबंधों, रोड़ सेफ्टी तथा परिवार पहचान पत्र के लिए किए गए कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट मुख्यमंत्री मनोहर लाल के समक्ष रखी। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक हिमांशु गर्ग, एडीसी प्रीति, एसडीएम अखिल पिलानी, एसडीएम अनुभव मेहता, एमडी शुगर मिल विरेन्द्र चौधरी, अंडर ट्रेनिंग आईएएस वैशाली सिंह, डीआरओ डा. चांदी राम चौधरी, आरटीए सचिव उर्मिल श्योकंद सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।