बोले, कोविड के नाम पर आमजन में किसानों की छवि खराब करना चाहती है सरकार
न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र। किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि यदि देश में लाकडाऊन लगता है तो किसान लाकडाउन के नियमों का पालन करेंगें, लेकिन धरना स्थल से उठेंगें नहीं, क्योंकि वह जगह किसानों का गांव हैं। किसान वहीं रहेंगें और लाकडाउन के नियमों का पालन करेंगें। राकेश टिकैत शनिवार को पंजाब जाते हुए पिपली पैराकिट में रूके व किसानों से चर्चा की।
इस दौरान टिकैत ने कहा कि कोविड के नाम पर आम जनता में किसानों की छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। वे किसानों से कोरोना गाईडलाईन के बारे में भी चर्चा कर रहे हैं। धरना स्थल से एंबुलैंस, शादी ब्याह की गाडियों को निकाला जा रहा है किसी प्रकार की कोई बाधा उत्पन्न नही की जा रही है। सरकार द्वारा पहले ऑक्सीजन के नाम पर किसानों को बदनाम किया गया लेकिन किसानों द्वारा ऑक्सीजन मुहैया करवाई जा रही है।
राकेश टिकैत ने कहा कि उन्होने सरकार से मांग की है कि जिन पुलिस, डॉक्टर व अन्य कर्मचारियों की कोरोनो के कारण मृत्यु हुई है, सरकार ऐसे लोगों को एक-एक करोड रूपए देने की घोषणा करे। उन्होंने वरिष्ठ पत्रकार रोहित सरदाना के निधन पर भी दुःख प्रकट किया। गेंहू खरीद पर बोलते हुए राकेश टिकैत ने कहा है कि हरियाणा जैसे प्रदेश में ही 20-25 मंडियों को बंद कर दिया गया है। यदि हरियाणा का ये हाल है तो अन्य प्रदेशों का क्या हाल होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होने कहा कि आने वाले कुछ वर्षों में सिर्फ अडानी अंबानी ग्रुप के स्टोर में ही गेहूं बिकने वाला है।