प्रेरणा के संस्थापक जयभगवान सिंगला कर रहे हैं लोगों के लिए कोरोना काल में तनाव मुक्ति के प्रयास
न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र। प्रेरणा वृद्धाश्रम एवं प्रेरणा संस्था के संस्थापक जयभगवान सिंगला कोरोना महामारी काल में लोगों के जीवन को तनाव मुक्त करने तथा हास्य के रंग घोलने के अपने अनूठे तरीके से प्रयास कर रहे हैं। कोरोना के कारण जहां आम जनजीवन की गतिविधियां रुकी हुई हैं। कामधंधे भी एक तरह से ठप हैं तो जय भगवान सिंगला अपनी रचनाओं के माध्यम से लोगों के चेहरों पर ख़ुशी लाने के प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने अपने अनूठे अंदाज में नई रचना प्रस्तुत की कि लॉकडाउन न लेना बीवी से पंगा।
उन्होंने अपनी रचना के माध्यम से कहा कि वे बीवी के रोज रोज के तानों और उल्हानों से तंग आकर घर छोड़ने का निर्णय ले बैठे तो न तो कोई दोस्त काम आया और न कोई लंगर। उन्हें मजबूर होकर घर वापिस लौट कर घर बीवी की शरण में आना पड़ा। जयभगवान सिंगला ने जिस अंदाज में कोरोना काल में लॉकडाउन में अपनी रचना प्रस्तुत की, उसे सुनकर हर कोई लोटपोट हुआ।
वास्तव ने सिंगला ने पति पत्नी को रिश्तों के महत्व की गहराई को अपनी हास्य रचना के माध्यम से बड़े सुंदर अंदाज में प्रस्तुत किया। सिंगला द्वारा कोरोना काल में लिखी गई रचना की प्रेरणा की अध्यक्षा रेनू खुंगर, डा. केवल कृष्ण, हरिकेश पिपासा, सुनील कुमार, डा. मधु मल्होत्रा, आशा सिंगला, अंजलि सिंगला, शालिनी गुप्ता, अन्नपूर्णा शर्मा, डा. ममता सूद, राजेश सिंगला, विमल विनोद वशिष्ठ, सीता रानी, वीना रानी, शकुंतला रानी, देव ऋषि इत्यादि ने सराहना की।