न्यूज डेक्स हरियाणा
हिसार। जिला के गांव डाटा में बुधवार शाम एक पुलिस बस समेत पुलिस प्रशासन की 20 गाड़ियों को गांव में एंट्री नहीं मिली। गांव में 36 बिरादरी यह फैसला ले चुकी थी कि गांव में पुलिस और बिजली कर्मियों की एंट्री नहीं होगी और गांव में चल रहे कोविड केयर सेंटर को भी बंद करने का निर्णय लिया गया था। इस फैसले के बाद जब पुलिस प्रशासन का एक बड़ा काफिला आज शाम को गांव डाटा की ओर बढ़ रहा था,इससे पहले ग्रामीणों को इसकी भनक लग गई। ग्रामीणों ने फेसबुक लाइव कर इसकी सूचना जारी की और लाठी डंडे लेकर आए ग्रामीणों के एक हुजूम ने पुलिस प्रशासन के काफिले को रोक दिया।
ग्रामीणों ने काफिले की एक गाड़ी में सवार डीएसपी को गांव में आने का कारण पूछा। ग्रामीण पुलिस के बड़े काफिले को देखते हुए भी मुखर होकर इनका विरोध करने लगे। अभी कुछ ग्रामीण पुलिस के अधिकारी से बात कर ही रहे थे कि भारी संख्या में वहां जमा हुए युवाओं ने हुटिंग शुरु कर दी। पुलिस ने भी मौके की नजाकत को समझते हुए वापिस लौटने में भलाई समझी। जैसे ही काफिला वापिस मुड़ा तो जोश में आए ग्रामीणों ने और जोर के हो हल्ला शुरु कर दिया।
मौके का यह वीडियो आज शाम से सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इसी के साथ सरकार और पुलिस प्रशासन के लिए चिंता की बात यह है कि अगले दिनों में यह हालात और जगह ना पैदा हो,इसके लिए पुख्ता प्रबंध पहले से करने होंगे,क्योंकि मसूदपुर,डाटा,सुमैण,नरवाना,दनौदा में लाकडाउन का विरोध की लगातार खबरें पिछले कुछ घंटों में आ रही हैं। इसी के साथ हिसार में किसानों पर हुए लाठीचार्ज का भी विरोध हो रहा है। कई जगह लाकडाउन के दौरान जिस तरह कुछ विशेष श्रेणी की दुकानों को खुला रखने के आदेश हैं,उसी तरह से सभी दुकानों को तय अवधि में खोलने की डिमांड हो रही है।
इन मांगों से आगे बढ़ते हुए कुछ जगहों पर लाकडाउन का खुलकर विरोध हो रहा है। डाटा,मसूदपुर और दनौदा जैसे गांवों में जिस तरह के आक्रमक तेवर ग्रामीणों ने दिखाएं हैं,उससे अब चर्चा यह शुरु हो गई है कि अगले दिनों में अन्य गांव के लोग भी कहीं वैश्विक महामारी पर रोक लगाने के इरादे से लगाए गए लाकडाउन का विरोध ना शुरु कर दें। और यह हालात सरकार,पुलिस प्रशासन की चिंता बढ़ाने वाले हैं।