न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र,18 अगस्त। नेता जी सुभाष चंद्र बोस भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी प्रहरी रहे है। इन्होंने देश सेवा में अपना सबकुछ न्यौछावर कर दिया। इस कर्मयोगी ने ही भारतीय जनमानस में आजादी की उमंग पैदा की थी। यह कहना था हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव, समन्वयक व पूर्व जिला अध्यक्ष कांग्रेस कमेटी कुरुक्षेत्र के पवन गर्ग का। पवन गर्ग ने अपने साथियों सहित नेता जी सुभाष चन्द्र बोस स्थल, नजदीक ओ.पी. जिंदल पार्क, कुरुक्षेत्र में नेता जी सुभाष चंद्र बोस की पुण्यतिथि के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर शत्-शत् नमन कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।पवन गर्ग ने बताया कि नेता जी का जन्म 23 जनवरी 1897 को हुआ। उन्होंने बताया कि 1921 से 1940 तक वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में रहे। विश्व युद्ध के दौरान नेता जी द्वारा आजाद हिन्द फौज का गठन किया गया। एक बैठक के दौरान नेता जी ने अत्यंत मार्मिक भाषण देते हुए कहा था कि अब हमारी आजादी निश्चित है परंतु आजादी बलिदान मांगती है । आप मुझे खून दो, मैं आपको आजादी दूंगा । यही देश के नौजवानों में प्राण फूंकने वाला वाक्य था जो भारत ही नहीं विश्व के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है।मेहर सिंह रामगढ़ ब्लॉक कोऑर्डिनेटर जिला कुरुक्षेत्र ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के बारे में बताते हुए कहा कि नेताजी भारत के एक महान देशभक्त और बहादुर स्वतंत्रता सेनानी थे ।वे स्वदेशानुराग और जोश पूर्ण देशभक्ति के एक प्रतीक थे।एडवोकेट लक्ष्मीकांत शर्मा ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा किए गए महान योगदानों को अविस्मरणीय बोलते हुए कहा कि वे भारत के एक सच्चे व बहादुर सिपाही थे, जिन्होंने अपनी मातृभूमि की खातिर अपना घर और आराम त्याग दिया था। नेताजी अपने राष्ट्रवादी क्रियाकलापों के लिए कई बार जेल भी गए लेकिन इससे ना तो कभी वे थके और ना ही निराश हुए। बल्कि आजादी की लड़ाई में दुगने जोश के साथ लड़े।इस अवसर पर पवन गर्ग सहित मेहर सिंह रामगढ़, लक्ष्मीकांत शर्मा, राय साहिब शर्मा, सतीश बतान, करनैल सिंह, सतवीर शास्त्री, शिवचंद शर्मा और विवेक गर्ग उपस्थित रहे।