न्यूज डेक्स संवाददाता
जींद।लक्ष्य अगर सामने और देश के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा दिल में हो तो कोई भी बाधा आड़े नहीं आती है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है सावित्री नगर निवासी अनिल बिसला ने। अनिल बिसला का चयन सेना में लेफ्टिनेंट पद पर हुआ है। देहरादून में भारतीय सैन्य अकादमी की पासिंग आउट परेड में देश को 425 कैडेट्स बतौर पर लेफ्टिनेंट पासआउट हुए हैं इनमें से जींद के सावित्री नगर निवासी अनिल बिसला भी हैं। फिलहाल वो वायुसेना में एयरमैन के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे।
अनिल बिसला ने अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए दिन-रात मेहनत की और दो बार एनडीए की परीक्षा दी थी लेकिन वो सफल नहीं हो पाए। उन्होंने हार नहीं मानी और पहले से भी ज्यादा तैयारी की। तीसरी बार फिर एनडीए की परीक्षा दी और इस बार उन्होंने यह परीक्षा उत्तीर्ण भी की। देहरादून में ट्रेनिंंग शुरू हुई और आज वो लेफ्टिनेंट बन गए हैं।-साधारण परिवार से संबंध रखते हैं अजय बिसला-लेफ्टिनेंट अजय बिसला बेहद ही साधारण परिवार से संबंध रखते हैं। उनके पिता अनिल बिसला किसान व मां ग्रहणी हैं।
उन्होंने दसवीं की परीक्षा ज्वाहरलाल नेहरू स्कूल व 12वीं की परीक्षा मोतीलाल नेहरू स्कूल से पास की थी। इसके बाद उनका चयन एयरफोर्स में एयरमैन के पद पर हुआ लेकिन उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी। इसी बीच उनकी शादी विशाखा से हुई। विशाखा ने भी उनके सपने को पूरा करने के लिए अजय का साथ दिया और उन्हें एनडीए परीक्षा के लिए और ज्यादा मेहनत के लिए पेे्ररित करती रही। आज अजय बिसला लेफ्टिनेंट अजय बिसला बन गए हैं।
-देश के लिए कुछ कर गुजरने के जज्बे ने नहीं सोने दिया : अजय बिसला
लेफ्टिनेंट अजय बिसला ने बताया कि वो देश के लिए कुछ करना चाहते हैं और इसी सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने लगातार 11 साल तक मेहनत की। एनडीए की परीक्षा पास कर आज उन्होंने इस मुकाम को हासिल किया है। उनका कहना है कि सच्ची लग्र व कठिन परीश्रम से असंभव लक्ष्य को भी हासिल किया जा सकता है। उनके सपने को साकार करने में उनके माता-पिता, भाई-बहनों व पत्नी विशाखा ने पूरा सहयोग दिया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वो लक्ष्य का निर्धारण कर आगे बढ़ें, सफलता उनका अवश्य साथ देगी।