न्यूज डेक्स संवाददाता
रोहतक। 40 प्लस तापमान पर विश्व शांति की कामना को लेकर बाबा धूनी नाथ व बाबा जोनी नाथ 9 धूनी तपस्या कर रहे है। 3 जून से अन्न त्याग कर बाबाओं ने गांव दत्तौड़ स्थित दादा बुढ़ीयाली धाम पर तपस्या शुरू की । धाम पर नेपाल से आए बाबा रमेश गिरी ने बताया कि वर्तमान समय में कोरोना महामारी ने विश्व में कोहराम मचा रखा है। हर तरफ अफरा तफरी जैसा माहौल बना हुआ है। अपने ही अपनों से दूरी बना रहे है।
ऐसे में साधु समाज का भी दायित्व बनता है कि वे इस माहोल को बदलनें की दिशा में कोई काम करे । बाबा धूनी नाथ ने बताया कि भक्ति और अंधविश्वास में बड़ा फर्क होता है। लोगों की भलाई व प्रकृति की रक्षा का संकल्प लेकर भगवान की साधना करना भगति कहलाता है। जबकि अपने स्वार्थ के लिए लोगों को भ्रमित करना अंधविश्वास की श्रेणी में आता है। हमें अंधविश्वास से बचना चाहिए और सदैव लोगों की भलाई का कार्य करना चाहिए ।