आमजन को आ रही रजिस्ट्री की समस्याओं को तुरन्त दूर करे प्रशासन : एडवोकेट रमेश खुराना
न्यूज डेक्स संवाददाता
रोहतक। नगर निगम रोहतक के अंदर प्रोपर्टी की रजिस्ट्री करवाने के लिए नागरिकों को दिन-प्रतिदिन काफी समस्याएं सामने आ रही हैं। इन समस्याओं को लेकर प्रॉपर्टी डीलर्स को भी काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। इन्हीं परेशानियों के उचित समाधान के लिए आज प्रोपर्टी डीलर्स एवं एडवाइजर्स एसोसिएशन रोहतक का एक प्रतिनिधिमंडल प्रधान एडवोकेट रमेश खुराना के नेतृत्व में आज नगर निगम के संयुक्त आयुक्त सुरेश कुमार से मिला व उनसे यूएलबी के अपडेशन में आने वाली कठिनाइयों के बारे में विस्तार पूर्वक चर्चा की।
प्रधान एडवोकेट रमेश खुराना ने कहा कि प्रोपर्टी अपडेशन में भारी समस्या आ रही है। रजिस्ट्री में क्षेत्रफल कुछ लिखा होता है और नगर निगम के रिकार्ड में कुछ और चढ़ा मिलता है। जिस वजह से रजिस्ट्री नहीं हो पाती। इस समस्या को ठीक करवाने के लिए नागरिकों को भटकना पड़ता है। ऑनलाईन अपडेशन के लिए कोई समयावधि न होने के कारण समस्या और भी बढ़ जाती है। जिससे रजिस्ट्री का कार्य रूक जाता है और ग्राहक, विक्रेता व प्रोपर्टी डीलर को भारी तकलीफ उठानी पड़ती है।
सर्वर डाऊन रहने तथा कुशल आप्रेटर न होने के कारण एक रजिस्ट्री में एक माह से अधिक का समय लग जाता है। प्रधान ने कहा कि निगम द्वारा सर्वे ड्रोन के माध्यम से किया गया है, जोकि पूरी तरह से गलत है। जिसमें ड्रोन द्वारा सही तरीके से पैमाइश नहीं होती क्योंकि रजिस्ट्री में दर्ज क्षेत्र व मौके पर बने हुए मकान में विभिन्नता होती है। मसलन लोग घरों के बाहर छज्जे आदि निकाल लेते हैं और ड्रोन उन छज्जों को भी क्षेत्रफल में जोड़ लेता है। इससे दोनों का मिलान नहीं हो पा रहा और समस्या विकराल रूप ले रही है।
प्रधान रमेश खुराना ने कहा कि इन समस्याओं के समाधान के लिए प्रॉपर्टी डीलर एवं एडवाइजर्स एसोसिएशन सरकार व प्रशासन से मांग करती है कि यूएलबी अपडेशन की प्रक्रिया को सरल बनाया जाये, जो प्रॉपर्टी के पैमाइश व व्यावसायिक व आवासीय संबंधित समस्याएं हैं उनका पुन: सर्वे करवाया जाए, सर्वे से संबंधित जो खामियां रह गई है उसमें जिम्मेवारी सर्वे एजेंसी की बनती है न की आम जनता की इसलिए जनता के हित को देखते पुन: सर्वे करवाया जाये जिससे कि प्रॉपर्टी की वास्तविक रजिस्ट्री के अनुसार निगम के अंदर एंट्री हो सके व लोगों को अपडेशन इत्यादि की समस्या से निजात मिल सके।
उन्होंने कहा कि सर्वे एजेंसी ने मनमाने तरीके से जो सर्वे किया है उसमें लोगों से रजिस्ट्री की जानकारी नहीं ली। जो परेशानी का बड़ा कारण है। जिस भी एजेंसी को सर्वे का ठेका दिया जाये वो क्षेत्र में 3 दिन पहले नागरिकों को सूचना दे। जिससे सर्वे का रजिस्ट्री से मिलान हो सके। व्यवसायिक व आवासीय अगर एक क्षेत्र में हैं तो व्यवसायिक व आवासीय की अलग-अलग गणना की जाये। जिससे लोगों को सहूलियत मिल सके। प्रधान एडवोकेट रमेश खुराना कहा कि पब्लिक डीलिंग से सम्बन्धित जो भी विभाग हैं चाहे उनमें नगर निगम, लघु सचिवालय, तहसील कार्यालय या बैंकिंग सिस्टम इन सबमें सर्वर डाऊन होने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जिससे लोग अपने काम में विलंब की वजह से बैरंग घर लौटते हैं।
एसोसिएशन ने सरकार से मांग की कि पब्लिक डीलिंग से सम्बन्धित कार्यालयों व विभागों में सर्वर व्यवस्था चुस्त-दुरूस्त की जाये व नागरिकों को निजात दिलाई जाये। संयुक्त आयुक्त सुरेश कुमार ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि यूएलबी अपडेशन के लिए 10 दिन की वर्किंग समय अवधि की आवश्यकता होती है। इसके अतिरिक्त निगम में नेटवर्क व सर्वर की भी समस्या मुख्य कारण है। उन्होंने कहा कि जनता के हित को देखते हुए शीघ्र ही इन समस्याओं का निराकरण करवाया जायेगा। प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से पूर्व कोषाध्यक्ष अमृत लाल कपूर, रमेश कुमार, कर्मबीर सोलंकी, पंकज सपड़ा, अशोक शर्मा, तेजबीर पावडिय़ा, ईश्वर शर्मा, मनोज बत्रा, अनिल आनंद, पवन कुमार, बलजीत हुड्डा, विजय कुमार, पंकज आनंद, संजय खुराना आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।