बदलते दौर में ग्राफिक्स एंड एनीमेशन इंडस्ट्री रोजगार देने में प्रमुख
कुवि के जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान में तीन दिवसीय ऑनलाइन ‘थिंक एंड डिजाइन’ थीम पर आधारित कार्यशाला का समापन
न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान में तीन दिवसीय ऑनलाइन ‘थिंक एंड डिजाइन’ थीम आधारित कार्यशाला का गत सोमवार को समापन हो गया। इस आनलाइन कार्यक्रम के समापन की अध्यक्षता के दौरान जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान की निदेशिका प्रोफेसर बिंदु शर्मा ने कहा कि ग्राफिक्स एंड एनीमेशन कोर्स के अंतर्गत गत तीन दिनों में ग्राफिक्स एंड एनीमेशन इंडस्ट्री के विभिन्न विशेषज्ञों ने अपने क्षेत्र में हासिल विशेषज्ञता से विद्यार्थियों को शॉर्ट फिल्म के लिए स्क्रिप्ट लेखन, यूएक्स/यूआई मोबाइल एप्प डिजाइन, ईमेज रिटचिंग विज्ञापन संबंधित एवं इनके संपूर्ण तकनीकि पहलुओं पर विस्तृत विचार रखें।
उन्होंने कहा कि फिल्म उद्योग, टीवी सीरियल उद्योग व वेब सीरीज उद्योग में हो रहे बदलावों को लेकर किस तरह के स्क्रिप्ट लेखन की आवश्यकता है और उसमें किस तरह के रोजगार की असीम संभावनाएं है इन सभी बदलते पहलुओं से विद्यार्थीगण लाभांवित हुए। ऑनलाइन ‘थिंक एंड डिजाइन’ कार्यशाला के प्रथम दिन संस्थान की एलुमनी बतौर मुख्यवक्ता रही सिक्रिप्ट लेखक विश्वज्योतमान ने कहा कि प्रत्येक लेखक को फिल्म लेखन करते हुए हमेशा अपने मस्तिष्क में एक लक्ष्य निर्धारित होना चाहिए क्योंकि हर शॉर्ट फिल्म व बड़ी फिचर फिल्म का एक निर्धारित लक्ष्य होता है जिसके इर्द-गिर्द संपूर्ण लेखन चलता रहता है।
उन्होंने कहा कि इस तरह के लेखन में एक से ज्यादा लक्ष्य भी नहीं होने चाहिए क्योंकि इसमें भटकाव की पूर्ण संभावना होती है और आपकी शॉर्ट व फिचर फिल्म दर्शकों द्वारा नकारी जा सकती है इसलिए लेखक को अपनी स्क्रिप्ट को ‘कीप इट शॉर्ट एंड सिंपल’ रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्राफिक्स एंड एनीमेशन की इंडस्ट्री में अपार संभावनाएं है। ज्ञात हो कि विश्वज्योतमान के द्वारा निर्मित विभिन्न शॉर्ट फिल्म्स प्रतिष्ठित फिल्म समारोह में अवार्ड के लिए चयनित हुई है जिसमे से कैटरपिल्लर, नजर भंटू इत्यादि।
ऑनलाइन ‘थिंक एंड डिजाइन’ कार्यशाला के दूसरे दिन संस्थान के ही एलुमनी यूएक्स/यूआई डिजाइनर विशेषज्ञ प्रभज्योत सिंह चावला ने कहा कि कोई भी डिजाइन किसी भी समस्या के समाधान पर आधारित होता है। इस समस्या के समाधान में शोध प्रमुख भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि डिजाइन जीवन के हर पहलू पर अच्छा असर डालता है क्योंकि हर वस्तु डिजाइन पर टिकी होती है बशर्ते हमारा मांईड और मशीन एक साथ कार्य करते हुए हमारे विचारों के अनुरूप उनकी छवि हमारे सम्मुख रखते है। इसलिए डिजाइन में प्रत्येक टूल की अपनी अहमियत है।
ऑनलाइन ‘थिंक एंड डिजाइन’ कार्यशाला के तीसरे दिन संस्थान के ही एलुमनी एडीटो मीडिया के सीईओ अमुलक सिंह ने कहा कि विज्ञापनों में विजुअल कम्युनिकेशन की अहम भूमिका है, बिना इमेज के कोई भी विज्ञापन अधूरा ही रहता है। इसलिए एक बेहतरीन इमेज से श्रोताओं, दर्शकों, उपभोक्ताओं को हमेशा से ही प्रभावित किया जाता है। उन्होंने कहा कि किस तरह से इमेज रिटचिंग में विभिन्न सॉफ्टवेयरों का उपयोग करते हुए एक कैमरे से क्लिक की गई इमेज को विज्ञापन के लिए बेहतर और आकर्षित बनाया जाता है। उन्होंने इसके अलावा कम्प्यूटर संबंधित सॉफ्टवेयर एडोब लाईंटरूम व एडोब फोटोशॉप का प्रयोग किस स्थिति में करना चाहिए। इस दौरान सभी विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों के पूछे गये रचनात्मक, तकनीकी प्रश्नों के उत्तर दिये।
इस ऑनलाइन कार्यशाला का संचालन कर रहे संस्थान के सहायक प्राध्यापक राहुल अरोड़ा ने कहा कि इस कार्यशाला का मुख्य उदेश्य संस्थानिक पाठ्यक्रमों के विषय अनुरूप इंडस्ट्री के बीच सामंजस्य स्थापित करना है जिससे स्क्रिप्ट लेखन इंडस्ट्री, यूएक्स/यूआई इंडस्ट्री, के अनुरूप विद्यार्थी अपने आप को तैयार कर सके। डिजिटलाइजेशन के दौर में प्रत्येक कंपनी की अपनी मोबाइल एप्प है, जिसकी निर्भरता यूएक्स/यूआई इंडस्ट्री पर आधारित है। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला से ग्राफिक्स एंड एनीमेशन कोर्स के विद्यार्थी ही नहीं बल्कि दूसरे कोर्सो के विद्यार्थीगण भी अपने स्वर्णिम भविष्य को लेकर अधिक उत्साहित होकर मेहनत करेंगे।
इस अवसर संस्थान सहायक प्राध्यापक डॉ. मधुदीप, डॉ. अशोक कुमार, डॉ. आबिद अली, गौरव कुमार, मोनिका दुआ, सुनीता, रितु, डॉ. रोशनलाल, कंवरदीप, नितिन चावला राकेश कुमार, सचिन कुमार, अमित कुमार के साथ संस्थान के समस्त विद्यार्थियों ने भाग लिया।