न्यूज डेक्स संवाददाता
पिहोवा,25 अगस्त। आल इण्डिया किसान खेत मजदूर संगठन के जिला अध्यक्ष कामरेड बाबूराम व जिला सचिव कामरेड राजकुमार सारसा ने प्रैस को जारी बयान में मांग की है कि आगामी मानसून सत्र में विधानसभा में एक प्रस्ताव किया जाए जिसमें प्रधानमंत्री से यह आग्रह किया जाए कि सरकार ने किसान हितों के विरुद्ध कृषि मण्डी कानून व आवश्यक वस्तु कानून में बदलाव लाने और ठेका खेती को लागू करने के लिए गत जून महीना में जारी किये गये तीनों अध्यादेशों-को मुक्कमल रद्द किया जाए और बिजली बिल संशोधन-2020 को वापस लिया जाए।
दोनों किसान नेताओं ने बताया कि इस विषय में प्रदेश के मुख्यमंत्री तथा विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर विशेष प्रस्ताव पास करने की मांग की जाएगी। साथ ही संगठन ने सभी विधायकों से भी मांग की है कि किसानों व आम उपभोक्ताओं के हित में ये सब उपरोक्त तीनों किसान विरोधी अध्यादेशों व संशोधनों के खिलाफ हरियाणा विधानसभा में अपनी आवाज उठायें और प्रस्ताव पारित करायें। आल इण्डिया किसान खेत मजदूर संगठन 26 अगस्त को विधानसभा सत्र के पहले दिन से शुरु करके जिला मुख्यालयों पर इन काले अध्यादेशों की प्रतियां फूंकेगा तथा राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भी देगा।
इन्होंने कहा कि हरियाणा प्रदेश में कार्यरत अन्य किसान संगठनों से भी अनुरोध किया जायेगा कि वे सभी अपने-अपने स्तर पर और जहां सम्भव हो वहां परस्पर मिलकर भी इस अपनी आवाज उठायें। संगठन ये भी मांग करेगा कि जिला में गांव-गांव में मनरेगा स्कीम को चालू किया और साल में 200 दिन काम दिया जाए। दिहाड़ी 309रुपये से41 बढा़कर 600रुपये/ प्रतिदिन की जाए।