Home Kurukshetra News जयराम विद्यापीठ में मनाया गुरु पूर्णिमा का पर्व, विद्यापीठ के ट्रस्टियों एवं श्रद्धालुओं ने ब्रह्मलीन देवेंद्र स्वरूप ब्रह्मचारी की प्रतिमा पर अर्पित किए श्रद्धा सुमन

जयराम विद्यापीठ में मनाया गुरु पूर्णिमा का पर्व, विद्यापीठ के ट्रस्टियों एवं श्रद्धालुओं ने ब्रह्मलीन देवेंद्र स्वरूप ब्रह्मचारी की प्रतिमा पर अर्पित किए श्रद्धा सुमन

by ND HINDUSTAN
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जयराम पब्लिक स्कूल में मनाया गुरु पूर्णिमा पर्व अध्यापिकाओं ने अर्पित किए श्रद्धा सुमन

न्यूज डेक्स संवाददाता

कुरुक्षेत्र। ब्रह्मसरोवर के तट पर जयराम विद्यापीठ में गुरु पूर्णिमा का पर्व बड़ी ही श्रद्धा एवं आस्था के साथ मनाया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में विद्यापीठ के ट्रस्टी एवं श्रद्धालु पहुंचे। ट्रस्टियों के. के. कौशिक, राजेंद्र सिंघल, श्रवण गुप्ता, टेक सिंह लौहार माजरा, सुरेंद्र गुप्ता, राजेश सिंगला, खरैती लाल सिंगला व प्राचार्य रणबीर भारद्वाज सहित सतबीर कौशिक, रोहित कौशिक, यशपाल राणा तथा जयराम संस्कृत महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने जयराम आश्रम के संस्थापक प्रात: स्मरणीय ब्रह्मलीन पूज्य गुरु देवेंद्र स्वरूप महाराज की आरती की और उनकी प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

गुरु पूर्णिमा के अवसर पर कुरुक्षेत्र के आलावा देशभर में स्थित अन्य श्री जयराम संस्थाओं में भी गुरु पूर्णिमा कार्यक्रम बड़े धूमधाम से आयोजित किए गए। कुरुक्षेत्र में जयराम संस्थाओं के मीडिया प्रभारी राजेश सिंगला ने बताया कि जिन जयराम संस्थाओं के श्रद्धालुओं का आना सम्भव नहीं था तो जयराम आश्रम हरिद्वार से परमाध्यक्ष ब्रह्मस्वरुप ब्रह्मचारी ने सभी सेवकों एवं श्रद्धालुओं को ऑनलाइन संदेश दिया। ब्रह्मचारी ने सबसे पहले अपने आदि गुरु जयराम व अन्य गुरुओं सहित ब्रह्मलीन पूज्य प्रात: स्मरणीय देवेंद्र स्वरूप ब्रह्मचारी के चरणों में नमन करते हुए परम्परा स्वरूप गुरु पूजन किया।

उन्होंने इस के उपरांत अपना आशीर्वाद देते हुए गुरु पूर्णिमा का महत्व बताया कि गुरु पूर्णिमा के दिन पर अपने गुरुओं और बड़ों का आशीर्वाद लिया जाता है। गुरु पूर्णिमा पर गुरु का पूजन करने की परंपरा है। महर्षि वेद व्सास की जयंती पर इस पर्व को मनाया जाता है। ब्रह्मचारी ने बताया कि चारों वेदों, 18 पुराणों, महाभारत के रचयिता और कई अन्य ग्रंथों के रचनाकार का श्रेय महर्षि वेद व्यास को दिया जाता है। वेदों का विभाजन करने के कारण इनका नाम वेद व्यास पड़ा। उन्होंने बताया कि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गुरुओं की पूजा और उनका सम्मान करते हुए उनसे आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। कुरुक्षेत्र में विद्यापीठ के सेवकों एवं ब्रह्मचारी विद्यार्थियों ने गुरु ब्रह्मस्वरुप ब्रह्मचारी से आशीर्वाद लिया। 

इधर देश के विभिन्न राज्यों में संचालित जयराम संस्थाओं के परमाध्यक्ष एवं श्री जयराम शिक्षण संस्थान के चेयरमैन ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी के मार्गदर्शन में संचालित श्रीमती केसरी देवी लोहिया जयराम पब्लिक स्कूल लोहार माजरा में गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया गया। संस्थान के निदेशक एस.एन. गुप्ता ने गुरु पूर्णिमा पर बधाई देते हुए कहा कि गुरु वह व्यक्ति होता है जो जीवन के अंधकार को दूर करके हमें सही रास्ते पर ले जाने के लिए निर्देशित करता है।

गुरु पूर्णिमा के दिन विद्यार्थी व शिष्य अपने गुरुओं के जीवन और शिक्षाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। इस अवसर पर स्कूल अध्यापिका प्रभजीत विर्क ने परम पूज्यनीय ब्रह्मलीन देवेन्द्र स्वरूप ब्रह्मचारी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और कहाकि वास्तव में  सही गुरु वह होता है। जिसमें कोई लघुता न हो और अपने पास आए व्यक्ति की लधुता को भी समाप्त कर दे। संस्थान के संस्थापक ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी भी इस पथ पर अग्रसर रहते हुए समाज में फैली हुई बुराइयों को नष्ट करके आदर्श गुरु की भूमिका अदा कर रहे हैं। इस मौके पर संस्थान की अध्यापिकाओं ने भी श्रद्धा सुमन अर्पित किए। 

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