हॉकी खिलाडियों के लिए अब खत्म हुई इंतजार की घडियां
अब हॉकी को पीछे मुडक़र देखने की जरूरत नहीं
खेल मंत्री संदीप सिंह ने भारतीय हॉकी टीम को कांस्य पदक जीतने पर दी बधाई
हरियाणा के 2 खिलाडियों ने देश के लिए मेडल जीतने में निभाई अहम भूमिका
न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र। हरियाणा के खेल एवं युवा मामले मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि देश की हॉकी के लिए 41 सालों के लम्बे अरसे के बाद स्वर्णिम सफर शुरू हुआ है। अब हॉकी खेल में खिलाडियों को पीछे मुडक़र देखने की जरूरत नहीं है। इस देश के हॉकी खिलाडियों को जिस घड़ी और समय का इंतजार था आज वह समय आ गया है, यहां से हॉकी टीम को आगे की तरफ ही बढऩा है। अहम पहलु यह है कि भारतीय हॉकी टीम में कुरुक्षेत्र के सुरेन्द्र कुमार और सोनीपत के सुमित ने शानदार खेल का प्रदर्शन कर देश को कांस्य पदक जीताने में अहम भूमिका अदा की है। हरियाणा के खेल मंत्री संदीप सिंह ने भारतीय हॉकी टीम की जर्मनी पर जीत हासिल करने और देश के लिए कांस्य पदक जीतने पर बधाई व शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश के लिए यह ऐतिहासिक क्षण है। भारतीय हॉकी टीम ने जर्मनी को 5 के मुकाबले 4 गोल से हराकर देश को कांस्य पदक जीताने का काम किया।
इस पदक के मिलते ही एक लम्बे इंतजार की घडिय़ां समाप्त हो गई है। भारतीय हॉकी टीम ने कांस्य पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाने का काम किया है और टोक्यो ओलम्पिक में एक नया इतिहास रचने का काम किया है। यह ऐतिहासिक क्षण हरियाणा के लिए और अधिक यादगार रहेंगे क्योंकि भारतीय हॉकी टीम ने कुरुक्षेत्र के सुरेन्द्र कुमार और सोनीपत के सुमित कुमार भी खेल रहे थे। इस जीत के साथ देश की नहीं हरियाणा की हॉकी टीम का भी एक नया सफर शुरू हुआ है। अब इस सफर में पीछे मुडक़र देखने की जरूरत नहीं है और अब हॉकी को एक नए मुकाम की तरफ ले जाया जाएगा। उन्होंने भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान और खेल मंत्री होने के नाते कहा है कि कांस्य पदक जीतना एक बहुत उपलब्धि है।
इस उपलब्धि ने देश को एक गौरव दिलवाने का काम किया है। इन ऐतिहासिक क्षणों को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। इस टीम ने 41 सालों के बाद भारतीय हॉकी टीम को एक नई राह दिखाने का काम किया है। अब इस नई राह पर चलकर युवा खिलाडिय़ों को तैयार किया जाएगा और देश के लिए और मेडल जीतने की ओर अग्रसर होंगे। उन्होंने हॉकी खिलाडियों के परिजनों को भी बधाई देते हुए कहा कि इन खिलाडिय़ों ने हरियाणा का नाम पूरे विश्व में रोशन करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की तरफ से इन खिलाडिय़ों को पूरा मान सम्मान दिया जाएगा। इतना ही नहीं राज्य सरकार की तरफ से इन खिलाडिय़ों को पूरा मान सम्मान देने के साथ-साथ भव्य स्वागत भी किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की तरफ से ओलम्पिक खेलों में स्वर्ण पदक विजेता खिलाडिय़ों को 6 करोड़, रजत पदक पर 4 करोड़, कांस्य पदक पाने पर 2.50 करोड़ रुपए प्रदान किए जाते है। ओलम्पिक खेलों के चयनित खिलाडिय़ों को खुराक और प्रशिक्षण के लिए 5 लाख रुपए की अग्रिम राशि देने का भी प्रावधान किया गया है। हरियाणा देश का ऐसा पहला राज्य है जहां पदक विजेता खिलाडिय़ों को पुरस्कार के रुप में सर्वाधिक नगद राशि दी जाती है। इसके साथ-साथ विभिन्न राष्टï्रीय और अंतर्राष्टï्रीय प्रतियोगिताओं के विजेता खिलाडिय़ों को ग्रुप बी व सी कैटेगरी की सरकारी नौकरियां प्रदान की जाती है। हरियाणा की इस खेल नीति के कारण ही खिलाड़ी इस प्रकार की अंतर्राष्टï्रीय प्रतियोगिताओं में उम्दा प्रदर्शन कर रहे है।