न्यूज डेक्स संवाददाता
जींद।हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ संबंधित सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा का 23वां राज्य सम्मेलन 28 से 30 अगस्त तक यमुनानगर में होगा और जिला जींद की समस्त कार्यकारिणी इस सम्मेलन में शामिल होगी। यह निर्णय अक्षर भवन स्थित कार्यालय में हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ की जिला कार्यकारिणी की बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता जिला प्रधान साधुराम तथा संचालन जिला सचिव मामराज जांगड़ा द्वारा किया गया। मुख्य वक्ता के तौर पर हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के राज्य ऑडिटर वेदपाल रिढ़ाल ने कहा कि अध्यापक संघ का यह सम्मेलन महामारी के कारण तय समय पर नहीं हो सका और अब परिस्थितियां थोड़ी सुधरने पर यह सम्मेलन करवाया जा रहा है।
जिला सचिव मामराज जांगड़ा ने कहा कि भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार सस्ती व आमजन की शिक्षा को पूंजीपतियों के हवाले कर रही है। सरकारी स्कूलों की तरफ सरकार का कोई ध्यान नहीं है, जबकि निजी स्कूलों को बढ़ावा दिया जा रहा है। शिक्षा विभाग में 35 हजार अध्यापकों के पद खाली हैं, जब सरकारी स्कूलों में अध्यापक ही नहीं होंगे तो बच्चों का भविष्य कैसे सुधरेगा, यह बड़ी चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि एक ओर तो सरकार अपनी ऑनलाइन ट्रांसफर पोलिसी का प्रचार करते नहीं थक रही, वहीं पिछले पांच साल से जेबीटी शिक्षकों के तबादले करने में नाकाम रही है। वर्तमान ट्रांसफर ड्राइव भी अंधेरे में चल रहा है। कहीं कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं।
बार बार शड्यूल बदलने के बाद भी तय समय पर कोई काम नहीं हो रहा है। अभी तक ना तो वैकेंसी लिस्ट जारी की गई है ना ही योग्य अध्यापकों की सूची जारी हुई है, जबकि ये सब 12 अगस्त तक जारी हो जानी चाहिए थीं, पूरी तबादला प्रक्रिया एक मजाक बन कर रह गई है । पदोन्नति पाए प्रिंसिपल को भी विभाग अभी तक स्कूल अलॉट नहीं कर सका है। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ मांग करता है कि ब्लॉक वर्ष 2016-2019 का एलटीसी बजट जारी किया जाए, खाली पदों पर स्थाई भर्तियां की जाएं आउटसोर्सिंग और ठेका प्रथा से भर्तियों का फैसला वापस लिया जाए। पैंडिंग पदोन्नति सूचियां जारी की जाएं, स्कूल मुखिया के हजारों पर खाली हैं उनपर शीघ्र पदोन्नति की जाए, एसीपी के हजारों केस 2-3 साल से लम्बित हैं, शीघ्र निपटान किया जाए, सभी बच्चों को मुफ्त पुस्तकें व वजीफा दिया जाये, नौकरी से निकाले गए सभी अध्यापकों की बहाली, अतिथि अध्यापकों को पक्का, एनपीएस बंद कर पुरानी पेंशन बहाल की जाए, आऊट सोर्सिंग, ठेका प्रथा, निजीकरण की नीतियों पर रोक लगाई जाए।
जिला प्रधान साधुराम ने कहा कि जेबीटी सहित सभी कटैगरियों के ऑनलाइन तबादले तुरंत किए जाएं। स्कूलों में सफाई कर्मियों की व्यवस्था की जाए। पीपीपी सहित सभी प्रकार के गैर शैक्षिक कार्य लेना बंद किया जाए। ऑनलाइन शिक्षा के नाम पर झूठा प्रचार करना व अध्यापकों को परेशान करना बंद किया जाए। उन्होंने कहा कि उपरोक्त मांगों को लेकर 28 से 30 अगस्त तक यमुनानगर राज्य सम्मेलन में आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी और प्रदेश के एक एक अध्यापक को सड़कों पर उतरा जाएगा।इस अवसर पर भूप सिंह वर्मा, सत्येंद्र कुमार, महेंद्र गौतम, रोहतास आसन, शमशेर कौशिक, हैप्पी सिंह, सतेंद्र गौतम, रणधीर सिंह,मामराज जांगड़ा, अमरजीत, सतीश कुमार,सुनैत गहलोत, परमात्मा प्रसाद, रोहतास सरोहा, कलीराम, हैप्पी सिंह, होशियार सिंह, रामनिवास, धर्मेंद्र, हरज्ञान, शमशेर बूरा व निर्मला देवी आदि पदाधिकारी मौजूद रहे।