ऑलंपिक मे पदक लाने वाले खिलाडिय़ों को देश ने बिठाया सर आंखों पर : सुभाष चौहान
खेलगीरी व तिरंगा यात्रा के दौरान बारना में गुंजायमान हुए भारत माता के जयकारे
न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र।। ऑलंपिक में देश के खिलाडिय़ों द्वारा 7 पदक लाने के उपलक्ष्य में उमंग समाजसेवी संस्था द्वारा गांव बारना में तिरंगा यात्रा व खेलगिरी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान सोम कॉन्वेंट गुरुकुल के हॉकी खिलाड़ी जहां हॉकी खेलते हुए गांव की गली-गली गए वहीं गांव के युवाओं ने बारना की गलियों में तिरंगा यात्रा निकालकर पूरे आसमान को भारत माता के जयकारों से गुंजाएमान कर दिया। इससे पूर्व गांव की पाल गडरिया चौपाल में ऑलंपिक में पदक लाने वाले खिलाडियों के सम्मान में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में हॉकी में राष्ट्रीय पदक विजेता सुभाष चौहान ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। कार्यक्रम में ऑलंपियन सुरेंद्र पालड़ के मामा सुलतान सिंह ने सुरेंद्र के बचपन के बारे में ग्रामीणों को अवगत करवाया। इस मौके पर उनके साथ रमेश शास्त्री, कोच लाभ सिंह खोखर, रमेश पाराशर, निवर्तमान सरपंच शिवकुमार, बुरु शर्मा भी मौजूद रहे। यहां पहुंचने पर उमंग संस्था के अध्यक्ष देवीलाल बारना व उपाध्यक्ष महेंद्र पाल शर्मा ने सभी अतिथियों का पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया। इस दौरान ऑलंपिक में पदक लाने की खुशी में ग्रामीणों में लड्डू बांट कर खुशी मनाई गई। वेद प्रचार के जयपाल की टीम ने देशभक्ति से ओतप्रोत रागनी गाई।
ग्रामीणों को संबोधित करते हुए सुभाष चौहान ने कहा कि ऑलंपिक में पदक लाने वाले सभी खिलाडियों को देश ने सर आंखों पर बिठाया है। ऑलंपिक में भारत का आजादी से पहले ही दबदबा रहा है। 1928 से 1980 तक ऑलंपिक में भारत हॉकी किंग रहा है। ऑलंपिक के इतिहास में हॉकी में जितने पदक भारत ने जीते हैं इतने किसी देश ने नही जीते। मेजर ध्यान चंद भी भारतीय हॉकी टीम के ही खिलाड़ी रहे। हॉकी खेल जो इतना ज्यादा पापुलर हुआ यह सब ध्यान चंद के जादुई खेल का कारनामा था। रमेश शास्त्री, लाभ सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में खेलगिरी जैसे कार्यक्रम आयोजित करना सराहनीय कार्य है।
कोऑपरेटिव बैंक बारना के प्रबंधक महेंद्र पाल शर्मा ने कहा कि बारना गांव में शुरु से ही वॉलीवाल की टीम रही है। इसके अलावा व्यायामशाला में रोजाना सैंकड़ों बच्चे प्रेक्टिस करते हैं। उमंग संस्था के अध्यक्ष देवीलाल बारना ने शहीदों को नमन करते हुए कहा कि गांव बारना में तीन ऐसे वीर हुए जिन्होने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का बलिदान तक दे दिया। इस मौके पर देवीदयाल, रमन, मुकेश, मांगेराम, कृष्ण कुमार, नवदीप, बलदेव, लाभ सिंह खोकर, विरायु पाराशर मौजूद रहे।