सिविल सर्विस/पीसीएस प्रतियोगिताओं में सबसे लोकप्रिय विषय
न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र। प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. राजपाल ने बताया कि यह विभाग विश्वविद्यालय के प्रारम्भ होने से ही अस्तित्व में आ गया था जो विद्यार्थी प्राचीन भारत और विश्व संस्कृति एवं इतिहास की खोज में रूचि रखता है और जिन विद्यार्थियों का प्राचीन स्थानों के उत्खनन, अन्वेषण, प्राचीन सिक्कों, प्राचीन अभिलेखों, प्राचीन लिपियों यथा ब्राही, खरोष्ठी को पढ़ने और पहचानने में रूचि है वह इस विभाग में दाखिला लेकर सीख सकता है।प्रो. राजपाल ने बताया कि प्राचीन भारतीय इतिहास विभाग देश की कला, स्थापत्य आदि से अवगत करवाता है जो विद्यार्थी प्राचीन मन्दिरों, स्तूपों, विहारों आदि को जानने का इच्छुक है उनकी इच्छाएं इस विषय से पूरी हो सकती हैं।
प्राचीन भारतीय इतिहास विभाग के विद्यार्थी स्कूल, कालेज से प्राध्यापक पद के अलावा सहायक पुरातत्वविद और पर्यटन सहायक के पद को प्राप्त कर सकते हैं। प्राचीन इतिहास में एमए की पढ़ाई करने से नेट/जेआरएफ में एमए की पढ़ाई करने से नेट/जेआरएफ की परीक्षा आसानी से पास हो जाती है। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे कि सिविल सर्विस/पीसीएस में विषय के तौर पर सबसे ज्यादा पसन्द किया जाने वाला विषय इतिहास है। पिछले 60 साल से विद्यार्थी यहां से शिक्षा प्राप्त करने विभिन्न स्कूलों, काॅलेजों और विश्वविद्यालय स्तर पर प्राध्यापक और प्रोफेसर के रूप में कार्य कर रहे हैं। बहुत विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाएं पास करके आईपीएस/एसडीएम के पद तक भी पहुंचे हैं।
विभाग में हर विद्यार्थी के लिए दो पेपर में 40 अंकों की प्रेक्टिकल परीक्षा का प्रावधान किया गया है ताकि विद्यार्थी बाहर फील्ड में जाकर विषय की गहराई को जान सकें। हर वर्ष एमए के विद्यार्थियों के लिए विभाग द्वारा 20 दिन के किसी पुरास्थल पर कैम्प लगाया जाता है ताकि पुरास्थल पर रहकर उत्खनन कार्य की बारीकियों को सीखा जा सके।कुवि के लोक सम्पर्क विभाग के उप-निदेशक डॉ. दीपक राय बब्बर ने बताया कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के निर्देशानुसार प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग (एआईएच) विभाग के पाठ्यक्रमों में ऑनलाइन दाखिले की प्रक्रिया 17 अगस्त से शुरू हो रही है तथा विद्यार्थी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। स्नातकोत्तर एआईएच के पाठ्यक्रम में 40 सीटें निर्धारित है जिन पर विद्यार्थी दाखिला ले सकते हैं। कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के निर्देशानुसार विद्यार्थियों की दाखिला सम्बंधी जानकारी के लिए ऑनलाइन हेल्पडेस्क भी गठित किया गया है। डॉक्टर दीपक राय बब्बर ने ये भी बताया की संबंधित विषयों के पीएचडी दाखिले भी 17 अगस्त से शुरू हो रहे है। ऑनलाईन एडमिशन से सम्बन्धित जानकारी के लिए विद्यार्थी कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की वेबसाईट से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।