Home haryana एसडीएम,इंस्पेक्टर और ऐसे अधिकारियों का पूरे हरियाणा में हो बहिष्कार,एक्शन नहीं लिया तो पंचायत के बाद किसान पर चली हर लाठी का होगा हिसाब

एसडीएम,इंस्पेक्टर और ऐसे अधिकारियों का पूरे हरियाणा में हो बहिष्कार,एक्शन नहीं लिया तो पंचायत के बाद किसान पर चली हर लाठी का होगा हिसाब

by ND HINDUSTAN
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न्यूज डेक्स संवाददाता

करनाल। भारतीय किसान मजदूर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कौथ ने आज करनाल प्रशासन के अलावा हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला की आलोचना की। उन्होंने कहा कि किसानों ने दुष्यंत चौटाला की पार्टी जेजेपी को वोट इसलिए दिए थे कि वह किसानों के पक्ष में खड़े होंगे, लेकिन वे किसानों के साथ खड़े होने की बजाए भाजपा की गोदी में जाकर बैठ जाएंगे,यह किसानों ने सोचा भी नहीं था।आज करनाल के घरौंड़ा में किसानों की महापंचायत में भाजपा जेजेपी सरकार और दुष्यंत चौटाला के अलावा करनाल प्रशासन की जमकर आलोचना की गई।

कौथ ने कहा कि केस दर्ज करने हैं तो किसानों का नेतृत्व करने वाले किसान नेताओं पर दर्ज किए जाएं न कि आम किसानों पर।
कौथ ने कहा कि करनाल में किसानों पर लाठी चार्ज का जिस आईएएस अधिकारी आयुष सिन्हा को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है अगर वे हरियाणा के होते तो ऐसी बात नहीं कहते। सरकार को चाहिए कि ऐसे व्यक्ति को तुरंत बर्खास्त करे और उस पर सख्त धाराओं में केस दर्ज करे। इस दौरान प्रस्ताव रखा कि एस, इंस्पेक्टर और ऐसे अधिकारियों का पूरे हरियाणा में बहिष्कार करना चाहिए। इस पर एक्शन नहीं लिया तो पंचायत के बाद किसान पर चलाई एक-एक लाठी का हिसाब होगा।

वहीं किसान महापंचायत में विधायक सोमबीर सांगवान ने मंच से कहा कि बसताड़ा जैसी घटना लोकतंत्र में आज तक नहीं घटी। अधिकारी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर उसे जेल भेजना चाहिए। किसानों की आज तक कभी भी हार नहीं हुई और इससे पहले भी बड़े आंदोलनों को किसानों ने जीता है। इस बार ये किसानों को सबसे बड़ा आंदोलन है। सरकार का एक ही काम है जात-पात में बांटने का। इस कारण ही देश ने 900 साल गुलामी झेली है। इस बार सभी मिलकर लड़ाई लड़ेंगे।

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