न्यूज डेक्स संवाददाता
पिहोवा। किसानों ने एसडीएम सहित 2 पुलिस अधिकारियों के पुतलों की शव यात्रा निकालकर किया आग के हवाले। किसानों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते दिनों करनाल में किए गए लाठीचार्ज में मौजूद 2 पुलिस कर्मचारी व एसडीएम का बुधवार को किसानों ने पुतला बनाकर शव यात्रा निकली। किसानों ने एसडीएम आयुष सिन्हा, एसएचओ जितेंद्र सिंह ढिल्लो और एसएचओ हरजिंदर सिंह के पुतलों की शव यात्रा निकाली कर पिहोवा मेन चोंक पर पुतला फूंका।
पिहोवा के किसानों में काफी रोष है किसान 4 बजे के क़रीब अनाज मंडी में जुटना शुरू हो गए और शवयात्रा लेकर पिहोवा चोंक पहुँचे,शवयात्रा में महिलाओं ने भी बड़े स्तर पर हिस्सा लिया और दौनो ही एसएचओ पिहोवा के रहने वाले हैं इसीलिए दोनों ही किसान परिवार से संबंध रखते हैं इसीलिए उनको किसान क़ौम का गद्दार भी कहा जा रहा है किसानों ने पिहोवा अनाज मंडी से लेकर मेन चौक पर पहुंचकर पुतलो का दहन किया।
भाकियू प्रेस प्रवक्ता राकेश बैंस ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा बीते दिनों करनाल में किए गए लाठीचार्ज में एसडीएम सहित दो पुलिस कर्मचारियों ने मुख्य भूमिका निभाते हुए किसानों के सिर फोड़ने का काम किया था। जिनमें से 2 पुलिस कर्मचारी पिहोवा हल्के से हैं। इसलिए आज पिहोवा हल्के में तीनों अधिकारियों के पुतलो की शव यात्रा निकालकर उनका पिहोवा मेन चौक पर दहन किया गया।
उन्होंने कहा कि जब तक तीनों कृषि काले कानून वापिस नहीं किया जाते तब तक किसान सड़कों पर बैठकर धरना प्रदर्शन करता रहेगा। ब्लाक प्रधान कवलजीत व जोगिंदर ने बताया की सरकार दोषी अधिकारियों पर करवाई करे उन्हें डिसमिस कर धारा 302 व 307 के तहत मुक़द्दमा दर्ज करे व शाहिद किसान सुशील काजल को 25 लाख मुआवज़ा व परिवार में एक सरकारी नौकरी और अन्य घायल किसानो को 2-2 लाख रुपय मुआवज़ा 6 सितम्बर तक दे दिया जाए अन्यथा भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम चढूनी के निर्देश अनुसार 7 सितम्बर को करनाल में पूरे प्रदेश के किसानो द्वारा करनाल सचिवालय का अनिश्चितकाल के लिए घेराव किया जाएगा। इस मौक़े पर ज़िला प्रधान कृष्ण कलाल माजरा,जसबीर मामूमाजरा,पंकज हबाना,अमरीक,जरनैल मल्ली,सोनू समरा,ब्लॉक पिहोवा प्रधान कवलजीत,जोगिंदर,युवा प्रधान सूखविंदर ,राजेश,जसमेर व हज़ारों की संख्या में किसान मौजूद रहे।