वीसी के माध्यम से राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक
सघन मॉनिटरिंग से श्हर घर नल कनेक्शन के कार्यों में और गति लाएं-अतिरिक्त मुख्य सचिव
न्यूज डेक्स राजस्थान
जयपुर। जलदाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) सुधांश पंत ने प्रदेश में जल जीवन मिशन के कार्यों में रेग्यूलर एवं प्रोजेक्ट विंग के तहत स्वीकृत ग्रामीण पेयजल परियोजनाओं में श्हर घर नल कनेक्शन के कार्यों में गति लाने के लिए अधिकारियों को सघन मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय क्रियान्वयन टीम के अधिकारी सर्किल एवं रीजन वार प्रगति की नियमित समीक्षा कर प्रगति में रूकावट और तकनीकी प्रक्रियाओं में गैप को दूर करने में फील्ड अधिकारियों का मार्गदर्शन करें।
श्री पंत गुरुवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य में जल जीवन मिशन की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने वीसी में सर्किल, रीजन एवं प्रोजेक्टवार अधिकारियों से सीधे संवाद करते हए प्रगति के बारे में फीडबैक लिया और असंतोषजनक कार्य एवं धीमी प्रगति के कारण तीन अधिकारियों, बाड़मेर प्रोजेक्ट के अतिरिक्त मुख्य अभियंता तथा दौसा एवं जोधपुर के अधीक्षण अभियंताओं को चार्जशीट देने के निर्देश दिए।
फील्ड टेस्टिंग किट से हो गुणवत्ता जांच
एसीएस ने कहा कि जेजेएम में स्वीकृत जिन परियोजनाओं के लिए कार्यादेश जारी हो गए है, उनमें मौके पर श्हर घर नल कनेक्शन के कार्य जल्दी से पूरे किए जाए। इसके साथ ही पेयजल आपूर्ति में गुणवत्ता पर पूरा फोकस करे। सभी अधिकारी स्वयं अपने दौरों के समय ’फील्ड टेस्टिंग किट’ का उपयोग करते हुए पानी के नमूनों की जांच की संख्या बढ़ाए। गांवों में पानी समितियों के सदस्यों को ’फील्ड टेस्टिंग किट’ वितरित करने के काम में भी तेजी लाते हुए उनके माध्यम से भी पेयजल नमूनों की नियमित जांच की जाए।
बकाया श्विलेज एक्शन प्लानश् का कराए अनुमोदन
श्री पंत ने प्रदेश के 43 हजार 323 गांवों में से 43 हजार 200 से अधिक ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों के गठन का कार्य पूर्ण करने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जेजेएम की गतिविधियों में इन समितियों के सदस्यों की सतत सक्रियता सुनिश्चित हो। उन्होंने गांवों के ’विलेज एक्शन प्लान’(वीएपी) तैयार करने में गत दिनों में अच्छी प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और शेष बचे गांवों के ’वीएपी’ शीघ्रता से बनाकर उनका आगामी 2 अक्टूबर को आयोजित होने वाली ग्राम सभाओं में अनुमोदन कराने के निर्देश दिए।
कम बारिश वाले क्षेत्राों का कंटीजेंसी प्लान तैयार रखें
एसीएस ने प्रदेश में अब तक सामान्य से कम बारिश वाले जिलों से संबंधित अधिकारियों को स्थानीय आवश्यकता के अनुसार कंटीजेंसी प्लान तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि 2 अक्टूबर से आरम्भ होने वाले ’प्रशासन गांवों के संग’ और ’प्रशासन शहरों के संग’ अभियानों में जलदाय विभाग से संबंधित सेवाओं के माध्यम से जनता को लाभान्वित करने के लिए सभी अधिकारी पूरी तैयारी रखें।
अधीनस्थ कार्मिकों की डीपीसी जल्द हो
पंत ने वीसी में विभाग के सर्किल एवं रीजन के स्तर पर अधीनस्थ कर्मचारियों की डीपीसी के बकाया प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए इसी माह में इनका निस्तारण कर पात्र कार्मिकों को पदोन्नति का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही विभाग में तकनीकी संवर्ग के पदों पर भर्ती प्रक्रिया के सम्बंध में सभी जिलों से रिक्तियों की सूचना भी अति शीघ्र भिजवाने के निर्देश दिए।
दस-दस हजार से अधिक तकनीकी स्वीकृतियां और निविदाएं जारी
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में जेजेएम के तहत राज्य स्तरीय योजना स्वीकृति समिति के बैठकों में अब तक 27 हजार 417 गांवों में करीब 70 लाख ’हर घर नल कनेक्शन’ की मंजूरी दी जा चुकी है। इसके विरूद्ध रेग्यूलर विंग में 10462 गांवों की तकनीकी स्वीकृतियां (27 लाख 83 हजार 400 ’हर घर नल कनेक्शन’ के लिए) तथा 10 हजार 13 निविदाएं (26 लाख 63 हजार 939 ’हर घर नल कनेक्शन’ के लिए) जारी की जा चुकी है। इसी कड़ी में 2930 गांवों में 8 लाख 41 हजार 84 ’हर घर नल कनेक्शन’ के लिए कार्यादेश जारी कर दिए गए हैं, वर्तमान में 1576 गांवों में 6 लाख 51 हजार 337 ’हर घर नल कनेक्शन’ देने का कार्य मौके पर चल रहा है। वहीं वृहद पेयजल परियोजनाओं के तहत 4769 गांवों की तकनीकी स्वीकृतियां (10 लाख 79 हजार 962 ’हर घर नल कनेक्शन’ के लिए) तथा 4228 निविदाएं (9 लाख 69 हजार 298 ’हर घर नल कनेक्शन’ के लिए) जारी की जा चुकी है। इसी क्रम में 1178 गांवों में 2 लाख 17 हजार 33 श्हर घर नल कनेक्शनश् के लिए कार्यादेश जारी कर दिए गए हैं, वर्तमान में 677 गांवों में एक लाख 41 हजार 479 ’हर घर नल कनेक्शन’ देने का कार्य मौके पर चल रहा है।
वीसी में ये रहे मौजूद
वीसी से जल जीवन मिशन के मिशन निदेशक एवं मुख्य अभियंता (जेजेएम) दिनेश कुमार गोयल, मुख्य अभियंता (विशेष प्रोजेक्ट्स) दिलीप गौड़, मुख्य अभियंता (गुणवत्ता नियंत्रण) आरश्री मिश्रा, मुख्य अभियंता (तकनीकी) संदीप शर्मा, मुख्य अभियंता (जोधपुर) नीरज माथुर और वित्तीय सलाहकार कोमल आगरी के अलावा प्रदेशभर से रेग्यूलर तथा प्रोजेक्ट विंग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता स्तर के अधिकारी भी जुड़े।