डाकघर परिसर में परिजनों को किया सम्मानित
हरियाणवीं गांधी के नाम से याद किए जाते है बाबू मूलचंद जैन
न्यूज डेक्स संवाददाता
रोहतक। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत आज डाकघर के मंडल कार्यालय में अज्ञात नायकों के सम्मान में माई स्टैंप प्रकाशन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में स्वतंत्रा सेनानी बाबू मूलचंद जैन तथा पंडित नेकी राम के नाम व चित्र की माई स्टम्प जारी की गई। कार्यक्रम में डाकघर के अधीक्षक डीवी सैनी ने कहा कि बाबू मूलचंद जैन विधि स्नातक की शिक्षा ग्रहण करने के बाद स्वतंत्रता आंदोलन में कूद पड़े थे। स्वतंत्रता सेनानी के तौर पर वे कई बार जेल गए। वे सच्चे गांधीवादी और सिद्धांत वादी व्यक्तित्व के धनी थे और लोगों ने हरियाणवी गांधी के रूप में याद करते हैं।
उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान वे 19 महीने जेल में रहे, लेकिन अपने सिद्धांतों और आदर्शों से कभी समझौता नहीं किया। स्वतंत्रता सेनानी पंडित नेकी राम के बारे में उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व में चलाया गया ऐसा कोई भी जन आंदोलन नहीं है, जिसमें पंडित नेकीराम शर्मा का योगदान सराहनीय न रहा हो। अंग्रेजी सरकार द्वारा सन 1907 में सरदार अजीत ङ्क्षसह व लाला लाजपतराय को जेल भेजना तथा 1908 में लोकमान्य तिलक पर अभियोग चलाना पंडित नेकीराम शर्मा को सहन नहीं हुआ और वे अंग्रेजी सरकार के घोर विरोधी बन गए।
22 जुलाई 1908 को जब लोकमान्य तिलक को छह वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई गई तो नेकीराम ने न केवल एक दिन का उपवास रखा, बल्कि यह प्रतिज्ञा भी की कि जब तक अंग्रेजी राज समाप्त नहीं होगा, तब तक चैन से नहीं बैठूंगा।कार्यक्रम में अंतर्राष्ट्रीय पत्र लेखन प्रतियोगिता में तृतीय स्थान प्राप्त करने पर जेपी इंटरनेशनल स्कूल के छात्र मयंक को 5 हजार रुपये का चेक देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पंडित नेकी राम शर्मा के परिवार से उनके पौत्र रतन कुमार शास्त्री व राजेंद्र प्रसाद कौशिक तथा पड़पौत्र दिनेश कुमार शर्मा व पुरुषोत्तम शर्मा तथा बाबू मूलचंद जैन परिवार से उनकी सुपुत्री डॉ. स्वतंत्र जैन व डॉ. सुशील जैन पुत्र वधू श्रीमती सपना जैन तथा डाकघर कार्यालय का स्टाफ मौजूद था।