किसान रैली पर रोक लगाना लोकतंत्र की हत्या,भाजपा नेताओं द्वारा भीड़ जुटाने पर नहीं है रोक : पूर्व मंत्री
न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र, 9 सितंबर। पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अशोक अरोड़ा ने 10 सितंबर को पिपली में आयोजित किसान रैली पर सरकार द्वारा रोक लगाने की कड़ी आलोचना करते हुए इस लोकतंत्र की हत्या बताया। उन्होंने कहा कि कोरोना के नाम पर किसान रैली पर रोक लगाना असंवैधानिक है। रैली पर रोक लगाने की बजाये सरकार को चाहिये था कि इस रैली में कोरोना को लेकर जारी गई एडवाजयरी को लागू कराने के साथ अनुमति देती।
उन्होंने कहा कि कानून और दिशानिर्देश प्रत्येक देशवासी पर लागू होते हैं,क्योंकि एक ओर तो भाजपा के नेता हजारों की भीड़ जुड़ा कर सोशल डिस्टेंट की धज्जियां उड़ाकर कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं और दूसरी ओर सरकारी जनविरोधी नितियों के खिलाफ जब किसान,व्यापारी या अन्य लोग लामबद्ध होते हैं तो उन्हें कोरोनाकाल का भय और जारी की गई एडवायजरी के नियम बताकर गतिविधियों पर अंकुश लगाने का काम किया जाता है।
अरोड़ा ने कहा कि भाजपा के नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ और तमाम जिलों के नवनियुक्त प्रधान घूमघूम करना अपना स्वागत समारोह भीड़ जुटा कर करा रहे हैं। बरौदा विधानसभा क्षेत्र में भाजपा नेता रैलियां कर रहे हैं, भाजपा द्वारा आयोजित किसान संगोष्टियों में सोशल डिस्टेंड के नियमों की अनदेखी करते हुए भीड़ जुलाई जा रही है और ऐसे कार्यक्रमों पर रोक लगाने की बजाए प्रशासन आंखें बंद करके चुप्पी साध लेता है।
प्रशासन केवल सरकार की जनविरोधी नितियों का विरोध करने वाले किसान,आढती और मजदूर ही दिखाई दे रहे हैं। पूर्व मंत्री ने केंद्रीय सरकार द्वारा जारी तीनों अध्यादेशों की आलोचना करते हुए कहा कि आदेशों से किसान,आढ़ती और मजदूर उजड़ जाएंगे,इन अध्यादेशों का सबसे ज्यादा कुप्रभाव पंजाब और हरियाणा के किसानों और मंडियों पर पड़ेगा। अध्यादेशों से किसानों को उनकी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य भी नहीं मिलेगा।
बड़ी बड़ी कंपनियां किसानों की फसल को औने पौने दामों पर खरीदेगी और अनुबंध खेती का प्रावधान होने से किसानों की जमीनों पर भी बड़ी बड़ी कंपनियों का कब्जा हो जाएगा। उन्होंने पंजाब विधानसभा द्वारा इन तीनों अध्यादेशों सर्वसम्मति से रद्द करने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार को भी इसी तरह का प्रस्ताव विधानसभा सत्र में लाना चाहिये और सर्वसम्मति से इन अध्यादेशों को रद्द करने का प्रस्ताव पारित करना चाहिये।
अरोड़ा ने पिपली में 10 सितंबर को आयोजित की जा रही किसान रैली का समर्थन करते हुए कहा कि जिस प्रकार से जिला प्रशासन किसानों नेताओं को धमकाने का प्रयास कर रहा है,वह निंदनीय है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस रैली का भरपूर समर्थन करती है। इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस के संगठन सचिव सुभाष पाली,सेवानिवृत्त एचसीएस अधिकारी प्रेम चंद गांगल, नरेंद्र शर्मा निंदी,पार्षद अमित गर्ग शैंकी,पूर्व सरसंच रणबीर बुरा,पूर्व पार्षद गौरव शर्मा गौरी,सुभाष हुड्डा,रूबल शर्मा मथाना और मनोज अमीन इत्यादि मौजूद रहे।