न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र। मातृभूमि सेवा मिशन द्वारा संचालित मातृभूमि शिक्षा मंदिर के विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति के महान पर्व दीपावली के उपलक्ष्य में वैदिक लोकमंगल यज्ञ में मिशन के फतुहपुर आश्रम परिसर में स्थित यज्ञशाला में वैदिक मंत्रों की आहुति डाली। इस अवसर पर बच्चों ने प्रदूषण मुक्त दीपावली मनाते हुए पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। मातृभूमि शिक्षा मंदिर के विद्यार्थियों ने दीपावली के मंगल पर्व पर राष्ट्र रक्षा की प्रार्थना की।
मातृभूमि सेवा मिशन के संस्थापक डॉ. श्रीप्रकाश मिश्र ने कहा कि भारतवर्ष में ही नहीं बल्कि विश्व के अनेक भागों में मनाए जाने वाले सभी त्यौहारों में दीपावली का सामाजिक और धार्मिक दोनों दृष्टि से अत्यधिक महत्त्व है। इसे दीपोत्सव भी कहते हैं। तमसो मा ज्योतिर्गमय अर्थात् अंधेरे से ज्योति अर्थात प्रकाश की ओर जाइए यह उपनिषदों की आज्ञा है। भारतीय संस्कृति का मूल आधार वसुधैव कुटुम्कम् है। भारत एक सनातन राष्ट्र है। भारत सदैव समस्त विश्व की मंगल कामना का आकांक्षी रहा है।
डॉ. मिश्र ने कहा कि दीपावली का त्योहार भारतीय संस्कृति का गौरव है, क्योंकि दीपावली रोशनी का पर्व है और दीया प्रकाश का प्रतीक है और तमस को दूर करता है। यही दीया हमारे जीवन में रोशनी के अलावा हमारे लिए जीवन की सीख भी है, जीवन निर्वाह का साधन भी है। दीया भले मिट्टी का हो, मगर वह हमारे जीने का आदर्श है, हमारे जीवन की दिशा है, संस्कारों की सीख है, संकल्प की प्रेरणा है और लक्ष्य तक पहुंचने का माध्यम है।