न्यूज डेक्स संवाददाता
पिहोवा। पिहोवा के टैगोर बाल निकेतन सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल की प्रबंध निदेशिका चंद्रप्रभा वत्ता ने दीपावली के अवसर पर कहा कि हर साल की तरह इस बार भी लोग कार्तिक मास की अमावस्या को दिवाली का त्योहार बहुत ही हर्षोल्लास से मना रहे हैं। दिवाली का त्योहार आज पूरे देश भर में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले तो पटाखों से दूरी बनाएं। ये चीजें कुछ देर का मजा तो दे सकती हैं लेकिन पर्यावरण को काफी ज्यादा नुकसान पहुंचा देती हैं जिसके ठीक होने में लंबा समय लग जाता है। पटाखों से न सिर्फ वायु प्रदूषण बल्कि ध्वनि प्रदूषण भी फैलता है। इतना ही नहीं इससे खासतौर से बुजुर्गों और बच्चों की सेहत को भी काफी नुकसान पहुंचता है।
स्कूल के प्राचार्य प्रवीन कुमार ने कहा कि आजकल सोशल मीडिया का जमाना है इसलिए जो लोग दूर हैं वे व्हाट्सएप और फेसबुक आदि के जरिए शुभकामना संदेश भेजकर दिवाली की बधाईयां देते हैं। दीपावली पर्व को लेकर स्कूल में छात्रों व शिक्षकों ने इको फ्रेंडली दीपावली मनाने के लिए एक दूसरे को प्रेरित किया इसके लिए विभिन्न प्रकार रंगोली, पोस्टर, प्रतियोगिता कराई गई जिसमें बच्चों ने आकर्षक रंगोली बनाकर सद्भाव पूर्वक त्योहार मनाने के लिए संदेश दिया। स्कूल कोर्डिनेटर बिन्दु शर्मा ने दिपावली की बधाई देते हुए कहा कि पहले इस त्योहार को जगमगाते दीपों और रोशनी के साथ मनाया जाता था।
सरसों के तेल के दिये जलाने से पर्यावरण स्वच्छ रहता था। साथ ही मिट्टी के दिए की बिक्री होने से कुम्हारों की दीपावली बेहतर हो जाती थी। दो दशक से लोगों ने तरीका बदल दिया है। अब जगमगाते दीपों के स्थान पर चाइनीज झालर का प्रयोग कुछ लोग करते थे। साथ पटाखे भी दगाते हैं। अधिक धुएं वाले पटाखे फोड़े जाते है। जो पर्यावरण के लिए घातक है। पर्यावरण संरक्षण के लिए टैगोर स्कूल के शिक्षकों व विद्यार्थियों ने इस बार प्रदूषण रहित दीपावली मनाई व दूसरों को जागरूक किया।