न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र। पुरानी पेंशन स्कीम(ओपीएस) बहाली का मुद्दा आज सर्वत्र चर्चा में है जिसका मुख्य कारण राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा बजट सत्र में 2004 के बाद सेवा में नियुक्त सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना के लाभ देने की घोषणा करना है। देश भर के सभी कर्मचारी संगठन वर्षों से पुरानी पेंशन बहाली की मांग कर रहे हैं। हरियाणा स्कूल लेक्चरर्स एसोसिएशन (हसला) के राज्य उपप्रधान डॉ. तरसेम कौशिक ने कहा कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा पुरानी पेंशन बहाली की घोषणा से राजस्थान ही नहीं अपितु हरियाणा सहित देश भर के कर्मचारियों में खुशी की लहर है।
डॉ. तरसेम कौशिक ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के फैसले का आभार व अभिनंदन करते हुए कहा कि पुरानी पेंशन बहाली घोषणा के दूरगामी परिणाम होंगे तथा अन्य राज्य सरकारें भी इनका अनुकरण करेंगी। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि हरियाणा सरकार भी कर्मचारियों के हितार्थ प्रदेश में पुरानी पेंशन स्कीम को बहाल करेगी। डॉ. तरसेम कौशिक ने बताया कि हरियाणा में 2006 के पश्चात सरकारी सेवा में नियुक्त हुए कर्मचारी एनपीएस(नेशनल पेंशन स्कीम) के दायरे में आते हैं। केंद्र सरकार व सभी राज्य सरकारें शुरुआत से ही एनपीएस को ओपीएस से बेहतर बताते रहे हैं तथा साथ ही माननीयों को पुरानी पेंशन का लाभ देते रहे हैं।
डॉ. तरसेम कौशिक ने बताया कि नई पेंशन स्कीम शेयर बाजार की चाल पर आधारित होती है जिसके अंतर्गत सेवानिवृत्ति के समय निश्चित पेंशन की कोई गारंटी नहीं होती। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार को भी राजस्थान सरकार से प्रेरणा लेते हुए आगामी बजट सत्र में पुरानी पेंशन स्कीम को बहाल करने की घोषणा करनी चाहिए ताकि राज्य के सभी सरकारी कर्मचारी स्वयं को सुरक्षित महसूस करें तथा सेवानिवृत्ति के पश्चात उनका मान सम्मान बहाल हो सके।