न्यूज डेक्स संवाददाता
रेवाड़ी। जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में आजाद हिंद फौज के गुमनाम सिपाहियों को स्वतंत्रता सेनानी का दर्जा दिलाने के लिये लंबे समय से संघर्षरत श्रीभगवान फौगाट ने यह मुद्दा यहां भी जोरशोर से उठाया। फौगाट ने कहा कि मुझे कई प्रमुख संस्थाओं द्वारा समय समय पर सम्मानित किया जाता है,लेकिन इस सम्मान का क्या फायदा,जब नेताजी के गुमनाम सिपाहियों को ही आज तक वो सम्मान नहीं मिला,जिसके हकदार यह स्वतंत्रता सेनानी और इनकी वीरांगनाएं तथा इनके परिजन हैं। सोमवार को बाल भवन रेवाड़ी में आयोजित जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की अध्यक्षता कर रहे सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री ओमप्रकाश यादव के सामने श्री भगवान फौगाट ने 10 मिनट तक वे सभी पत्र और आज तक दिल्ली से लेकर चंडीगढ़ और जिला मुख्यालय पर काटे गए चक्करों का जिक्र करते हुए कहा कि मंत्री जी आज भी नेताजी की आजाद हिंद फौज के अनेक सिपाही गुमनाम है। उनके लिए सरकार कुछ करे।
फौगाट ने कहा कि राष्ट्रीय अभिलेखागार और आजाद हिंद फौज के रिकार्ड के आधार पर स्वतंत्रता सेनानी दर्जा देने के लिए वह सरकार से पांच वर्षों से अनुरोध करते आ रहे हैं। फौगाट ने बैठक में कहा कि हरियाणा में कई गुमनाम स्वतंत्रता सेनानी हैं,जिन्हें आज तक उचित सम्मान और स्वतंत्रता सेनानी की दर्जा नहीं मिला है।उन्होंने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सहयोगी बन कर हरियाणा के कई वीर सपूतों ने देश की आजादी के लिए संघर्ष किया था,लेकिन आजादी मिलने के बाद अभी तक अनेक स्वतंत्रता सेनानी हैं,जिन्हें स्वतंत्रता सेनानी का दर्जा नहीं दिया गया। फौगाट ने बैठक में कहा कि सरकार कहती है कि इस विषय पर कार्रवाई की जा रही है,लेकिन इस कार्रवाई के बावजूद अभी तक स्वतंत्रता सेनानियों की वीरांगनाओं और उनके परिवार वालों को वह सम्मान नहीं मिला,जिसके वह हकदार हैं। इस मौके पर मंत्री ओमप्रकाश यादव ने कहा कि सरकार श्रीभगवान फौगाट के कार्य की सराहना करती है और उन्हें इस प्रशंसनीय कार्य के लिए सम्मानित भी किया जाएगा।
फौगाट ने कहा कि अनेकों संस्थाओं द्वारा समय समय पर मुझे सम्मानित किया जा चुका है। मेरे लिए दुःख का विषय यह है कि जिनके लिए संघर्षरत हूं,जब उन स्वतंत्रता सेनानियों को ही आज सम्मान नहीं मिला तो मुझे सम्मानित करने का क्या फायदा। उन्होंने कहा कि मुझे सम्मान देने से पहले सरकार उन गुमनाम सिपाहियों का सम्मान करे, जिनके हक की लड़ाई वह लंबे समय से लड़ रहे हैं। बैठक के बाद के फौगाट ने कहा कि कई जगहों पर जिला प्रशासन पत्र लिख देता है कि संबंधित जिला का सैनिक बोर्ड इसकी जांच करे,जबकि इस मामलें सैनिक की कोई भूमिका ही नहीं है,क्योंकि जब आजाद हिंद फौज थी,उस समय ना तो सैनिक बोर्ड था और ना ही स्वतंत्रता सेनानी का दर्जा दिलाना बोर्ड का यह काम है। उन्होंने कहा कि प्रशासन जान बूझ कर इस तरह के पत्र लिख कर समय बर्बाद कर रहा है। फौगाट का कहना है कि जिन गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों के रिकार्ड सामने आए हैं,उसकी जांच राज्य सरकार कराए। उन्होंने कहा कि सरकार इस तरह से समय खराब करके उन स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान कर रही है,जिन्होंने देश की आजादी के लिए नेताजी सुभाष चंद्र बोस के साथ अपना अहम योगदान दिया था।