Home haryana बच्चों को केवल अक्षर ज्ञान नहीं संस्कार और भारतीयता की भावना भी चाहिए : जयभगवान सिंगला

बच्चों को केवल अक्षर ज्ञान नहीं संस्कार और भारतीयता की भावना भी चाहिए : जयभगवान सिंगला

by ND HINDUSTAN
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कुरुक्षेत्र के ग्रामीण एवं स्लम एरिया में शिक्षा से वंचित बच्चों को शिक्षित करने में जुटी समाजसेवी संस्थाएं 


गांव खेड़ी ब्राह्मणा में समर्थ भारत केंद्र की हुई स्थापना 

न्यूज डेक्स संवाददाता

कुरुक्षेत्र।कुरुक्षेत्र की धरती पर कोई बच्चा पढ़ाई वंचित न रहे और बच्चे शिक्षा में सही मार्गदर्शन से देश के अच्छे नागरिक बने। जीवन में उन्नति कर सर्वोच्च पदों पर पहुंचें। इसी भावना से नगर की समाजसेवी संस्थाएं आगे आई हैं। कुरुक्षेत्र के ग्रामीण एवं स्लम एरिया में शिक्षा से वंचित बच्चों को शिक्षित करने के लिए समाजसेवी संस्थाओं के सहयोग से समर्थ भारत अभियान के अंतर्गत कार्य किया जा रहा है। गांव खेड़ी ब्राह्मणा में समर्थ भारत केंद्र की स्थापना की गई। इस केंद्र के लिए ग्राम पंचायत द्वारा जगह उपलब्ध करवाई गई। समर्थ भारत केंद्र की स्थापना के अवसर पर विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान निदेशक डा. रामेंद्र सिंह, प्रेरणा संस्था के संस्थापक जय भगवान सिंगला, मान सिंह सैनी, केंद्र की प्रेरणा स्रोत प्रो. संगीता सिंह, प्रो के के सिंह विभागाध्यक्ष सिविल इंजीनियरिंग एन आई टी, हरकेश पपोसा, कविता सिंह, रितु देवी, सुमन, निकिता, लक्ष्मी देवी, मंजू देवी, पूनम देवी, गुड्डू देवी, अध्यापिका उर्मिला देवी, रजनी देवी, लाजवंती, रोमी सिंह, सुभाष चंद्र, सुनील कुमार इत्यादि सहित ग्रामीण मौजूद रहे। केंद्र में दीप प्रज्वलित कर पूजा अर्चना के साथ विधिवत शुरुआत की।

मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत करते हुएए प्रेरणा संस्था के संस्थापक जय भगवान सिंगला ने कहा कि जो बच्चे परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण पढ़ाई से वंचित अथवा अच्छे अंकों से वंचित रहते हैं उनके लिए इस केंद्र के खुलने से सुनहरी मौका है। बच्चों के अभिभावकों में जोश है। गांव की सरपंच सपना ने भी गांव के शिक्षा से वंचित बच्चों का सपना पूरा करने का प्रयास किया है। प्रो. संगीता कुमारी सिंह ने ही ऐसे बच्चों को पढ़ाने एवं सर्वांगीण प्रयास का बीड़ा उठाया है। ऐसे बच्चों भविष्य निश्चित ही सुंदर होगा। डा. रामेन्द्र सिंह ने कहा कि समर्थ भारत अभियान के अंतर्गत गांव खेड़ी ब्राह्मणा में समर्थ भारत केंद्र की शुरुआत की गई है। उन्होंने अभिभावकों के प्रयासों से बच्चे अच्छे स्कूलों में जाते अवश्य हैं परन्तु बच्चों अच्छी श्रेणी की शिक्षा हासिल नहीं होती है। इस केंद्र के माध्यम से बच्चों को बिना किसी भेदभाव के अच्छी शिक्षा एवं देश का अच्छा नागरिक बनाने का प्रयास है। प्रो. संगीता कुमारी सिंह ने कहा कि यह अभियान उनके जीवन की पूंजी है। इन बच्चों को पढ़ाने से जो आत्मिक शांति मिलती है वह कहीं मिल सकती है। गांव की महिला कविता ने ही केंद्र खोलने के प्रयास में सहयोग किया। देश के भविष्य को पढ़ाई में बेसहारा नहीं छोड़ा जा सकता है। गांव के मान सिंह ने केंद्र खुलने की सराहना की और कहा हर बच्चा पढ़े ऐसी ही भावना है।   

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