एनडी हिंदुस्तान संवाददाता
करनाल। हरियाणा पत्रकार संघ ने राज्य सरकार द्वारा मंगलवार को सरकारी कर्मचारियों के लिए घोषित की गई पांच लाख रुपये का चिकित्सा बीमा संरक्षण देने वाली कैशलैस योजना में पत्रकारों को शामिल नहीं करने पर गहरा रोष व्यक्त किया है। पहले राज्य सरकार ने कैशलैस योजना को कर्मचारियों के साथ पत्रकारों को भी संबद्ध करने का फैसला लिया था। लेकिन अब पत्रकारों को इस योजना में शामिल नहीं करने राज्य के पत्रकारों में रोष है।
संघ के अध्यक्ष के.बी. पंडि़त ने आज यहां जारी एक बयान में कहा कि लोकसभा चुनाव से पूर्व लोकसम्पर्क विभाग के तत्कालीन महानिदेशक अमित अग्रवाल जी ने बताया था कि कर्मचारियों के साथ ही पत्रकारों को भी कैशलैस का लाभ दिया जायेगा। किन्हीं कारणों से यह योजना लागु नहीं हो सकी, इस पर सरकारी कर्मचारी नाराज हो गये और इसका खामियाजा सत्तारूढ़ दल को भुगतना पड़ा। चूंकि राज्य विधान सभा के चुनाव अगले चार महीने में होने हैं, इसलिए राज्य सरकार जल्दी में है। यह अफसोस की बात है कि सरकार के वायदे के अनुसार पत्रकारों को इस योजना में शामिल नहीं करने पर राज्य के पत्रकार नाराज हैं और सभी जिलों से मांग हो रही है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इस कैशलेस योजना को पत्रकारों को लाभ देने के लिए यथाशीघ्र लागू करें।
यहां यह उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने पत्रकारों को पांच लाख रुपये का चिकित्सा बीमा संरक्षण देने के लिए कैशलैस योजना के प्रारूप में पैंशन प्राप्त करने वाले पत्रकार व उनके परिजनों (पत्रकार, उनकी पत्नी, उनके दो अविवाहित बच्चे व मां-बाप शामिल हैं) को भी शामिल करने का वायदा किया था। के.बी. पंडि़त ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से हरियाणा पत्रकार संघ के एक प्रतिनिधि मण्डल से मिलने का समय मांगा गया है। संघ मुख्यमंत्री के साथ बैठक में कैशलैस योजना के साथ अन्य मांगों को भी ज्ञापन के रूप में रखेगा।