अपने पार्षदों की जीत पर अनेक बार भावुक हुए रामकरण काला
जनता ने शाहाबाद के विकास की चाबी दी गुलशन के हाथ
डॉ. प्रदीप गोयल/न्यूज डेक्स संवाददाता
शाहाबाद। नगर निकाय चुनावों में शाहाबाद के विधायक रामकरण काला ने एकतरफा जीत से यह साबित कर दिया कि शाहाबाद के सिकंदर वही हैं। वहीं सीएम के राजनीतिक सचिव और पूर्व मंत्री कृष्ण बेदी को बुरी तरह हार का मुंह देखना पड़ा है। उनके प्रधान पद के उम्मीदवार के साथ-साथ अनेक वार्डों के पार्षद उम्मीदवार भी बुरी तरह से हार गए। अपने-अपने सिंबल पर चुनाव लड़ रहे आप, बसपा और इनेलो के उम्मीदवार भी कोई छाप छोड़ने में कामयाब सिद्ध नहीं हुए। दो राउंड पूरा होने के बाद जब जजपा के प्रधान पद के प्रत्याशी गुलशन क्वात्रा 2000 वोटों से लीड ले चुके तब रामकरण काला मतगणना केंद्र के बाहर पहुंचे। इसके बाद जैसे ही जजपा के पार्षद पद के उम्मीदवार जीत कर आते तो सोशल मीडिया के पत्रकार उनसे प्रतिक्रिया लेना चाहते थे लेकिन वह हर बार भावुक होते रहे और उनकी आंखों से आंसू भी टपक पड़े। जिस तरह से जनता का प्यार उन्हें मिला ऐसी उम्मीद उन्होंने भी नहीं की थी और माना जा रहा था कि भाजपा और जजपा उम्मीदवारों के बीच कांटे का मुकाबला देखने को मिलेगा। लेकिन 19 में से 14 पदों पर जजपा के समर्थित प्रत्याशी भारी जीत दर्ज कर पाए।
जजपा के गुलशन क्वात्रा ने जहां प्रधान पद पर एकतरफा जीत हासिल की वहीं वार्ड में खड़ी उनकी बेटी युक्ति क्वात्रा पार्षद पद का चुनाव हार गई। वहीं भाजपा समर्थित तिलक राज अग्रवाल अपनी सीट तो हारे वहीं उनकी पत्नी भी वार्ड नंबर 1 से पार्षद पद का चुनाव हार गई। कांग्रेस समर्थित हरीश क्वात्रा जहां प्रधान पद का चुनाव हारे वही उनकी पुत्रवधू भाविका अपने वार्ड से चुनाव जीत गई। सबसे हॉट सीट माने जाने वाली वार्ड नंबर 9 का जब चुनाव परिणाम सामने आया तो उस समय मतगणना केंद्र के हाल के अंदर और बाहर रामकरण काला की जिंदाबाद के नारे लगने शुरू हो गए। इस सीट पर पूर्व राज्य मंत्री कृष्ण बेदी के पुत्र गौरव बेदी चुनाव लड़ रहे थे उनके मुकाबले में जब जजपा समर्थित विधायक रामकरण काला के खासम खास जसबीर सैनी ने जीत दर्ज की तो माहौल एकदम गरम हो गया। चुनाव जीतने की सूचना मिलते ही रामकरण काला भी भावुक हो गए और कुछ नहीं बोल पाए।
विधानसभा चुनाव परिणाम को ही दोहराया गया निकाय चुनाव में । कहते हैं कि इतिहास स्वयं को दोहराता है। ऐसा ही कुछ निकाय चुनाव में देखने को मिला क्योंकि 2019 में हुए विधानसभा चुनावों के परिणामों काफी मिलता-जुलता इतिहास निकाय चुनाव में देखने को मिला है। विधानसभा चुनावों में भी कुल 6 प्रत्याशी मैदान में थे। शाहबाद शहरी क्षेत्र में पोल हुए 22295 मतों में से जजपा के रामकरण काला ने 13369 मत लिए थे। जबकि भाजपा के कृष्ण बेदी ने 5912, कांग्रेस के अनिल धंतोडी ने 2635, बीएसपी की शकुंतला भट्टी ने 145, इनेलो के संदीप कुमार ने 151 और लोजपा के कुलबीर सिंह ने 83 वोट प्राप्त किए थे। वही आज संपन्न हुए निकाय चुनावों में कुल 22769 मतों में से जजपा के गुलशन कुमार ने 12345, भाजपा समर्थित तिलक राज ने 3278, कांग्रेस समर्थित हरीश कुमार ने 5870 इनेलो के गुरशरन सिंह ने 367, बसपा के संजीव कुमार ने 625 और आम आदमी पार्टी की अमरजीत कौर ने 284 मत प्राप्त किए।
नगर निकाय चुनावों में अधिकांश युवा जीत कर आए पहली बार चुनाव। प्रधान पद पर गुलशन क्वात्रा के साथ-साथ 19 में से 14 पार्षद ऐसे हैं जो पहली बार चुनकर आए हैं। केवल जसबीर सैनी, पंकज सिंगला और अजय तुषार ही पूर्व पार्षद रहे हैं। वही केवल दो पार्षद ही परिवारिक पृष्ठभूमि से चुनकर आए हैं जहां वार्ड नंबर 3 से मीनाक्षी शर्मा जिनके जेठ टेकचंद शर्मा 5 बार पार्षद रह चुके हैं और वार्ड नंबर 18 से भाविका क्वात्रा जो कि पूर्व नपा प्रधान हरीश क्वात्रा की पुत्रवधू हैं। इसके अलावा 14 पार्षद पहली बार चुनाव चुनकर आए हैं और अधिकांश युवा हैं।
वहीं वार्ड नम्बर 1 से राजेश उप्पल, वार्ड नम्बर 2 से कुसुम रानी, वार्ड नम्बर 3 से मीनाक्षी शर्मा, वार्ड नम्बर 5 से सुनील बत्तरा, वार्ड नम्बर 6 से विजय कुमार, वार्ड नम्बर 7 से नीरज कुमार, वार्ड नम्बर 9 से जसबीर सिंह, वार्ड नम्बर 10 से ईशू कुमारी, वार्ड नम्बर 11 से आरती गुप्ता, वार्ड नम्बर 12 से हीरा लाल, वार्ड नम्बर 13 से नवनीत कौर, वार्ड नम्बर 14 से अमृतपाल, वार्ड नम्बर 15 से प्रवीण कुमार, वार्ड नम्बर 16 से रीतू शर्मा, वार्ड नम्बर 17 से पंकज सिंगला, वार्ड नम्बर 18 से भाविका, वार्ड नम्बर 19 से जगतार सिंह ने जीत हासिल की। जबकि वार्ड नम्बर 4 में निशा ठकराल व वार्ड नम्बर 8 में अमित सिंघल निविर्रोध पार्षद चुने गए।