लगभग 87 हजार युवाओं को योग्यता के आधार पर दी गई सरकारी नौकरियां
न्यूज डेक्स संवाददाता
पंचकूला, 15 अगस्त- अंबाला के सांसद रतन लाल कटारिया ने कहा कि हरियाणा सरकार ने सबसे गरीब लोगों का जीवन-स्तर ऊंचा उठाने के लिए ‘मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना’ षुरू की है। इसके तहत सबसे गरीब परिवारों की पहचान करके उनकी वार्षिक आय कम से कम 1.80 लाख रुपये की जा रही है। अब तक 30 हजार परिवारों को रोजगार के लिए ऋण व अन्य सहायता दी गई है।
कटारिया आज स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कालका अनाज मंडी में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
इससे पूर्व ध्वजारोहण किया तथा परेड की सलामी ली। इस अवसर पर पुलिस आयुक्त डाॅ. हनीफ कुरैशी, उपायुक्त श्री महावीर कौषिक तथा एसडीएम रूचि सिंह बेदी भी उपस्थित थी।
उन्होंने कहा कि ‘सुशासन से सेवा’ के संकल्प के साथ जनसेवा का दायित्व संभालने वाली वर्तमान सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ-सबका विकास’ और ‘हरियाणा एक-हरियाणवी एक’ के मूलमंत्र पर चलते हुए सबकी तरक्की और उत्थान के लिए काम किया है।
उन्होंने कहा कि परिवार पहचान-पत्र के पोर्टल से सभी योजनाओं व सेवाओं को साथ जोड़ा जा रहा है। इस वर्ष अधिकांश सरकारी सेवाएं इस पोर्टल के जरिये आॅनलाइन मिलनी शुरू हो जाएंगी। इस पर जन्म-मृत्यु का डेटा भी आटो अपडेट होगा। युवाओं की शिक्षा, कौशल व बेरोजगारी का डेटा भी इस पोर्टल पर डाला गया है। पीले राशन कार्ड बनाने का काम भी परिवार पहचान पत्र के माध्यम से किया जा रहा है। शुरुआत में जिला सिरसा व कुरुक्षेत्र में यह योजना पायलट आधार पर शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति वृद्धावस्था पेंशन के लिए निर्धारित आयु पूरी कर लेता है तो अब उसे अपनी पेंशन बनवाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पडते। परिवार पहचान पत्र के माध्यम से उसकी पेंशन अपने-आप शुरू हो जाती है।
कटारिया ने कहा कि वे आज इस पावन अवसर पर, स्वतंत्रता की बलिवेदी पर अपने प्राणों की आहुति देने वाले सभी ज्ञात-अज्ञात शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हैं। साथ ही, वे उन वीर सैनिकों को भी सलाम करते हैं, जिन्होंने आजादी के बाद देश की एकता व अखण्डता की खातिर अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उन्होंने कहा कि गौरव का विषय है कि प्रधानमंत्री ने 13 से 15 अगस्त तक देशभर में ‘हर घर में तिरंगा’की अनूठी मुहिम चलाई है। हरियाणावासियों ने भी उसी जोश और जज्बे के साथ अपने 60 लाख घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया है, जिस जोश व जज्बे के साथ हम अपने जवानों को सरहद पर भेजते आए हैं। हरियाणा में ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ मनाने के लिए अब तक 10 हजार से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं और हम यह महोत्सव मनाने में देश में पहले स्थान पर हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने शहीदों के परिवारों और भूतपूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए अनेक कदम उठाएं हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ‘सैनिक व अर्ध-सैनिक कल्याण विभाग‘ का गठन किया है। इसके अलावा युद्ध के दौरान शहीद हुए सेना के जवानों व अर्ध-सैनिक बलों के जवानों की अनुग्रह राशि 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये की गई है। आई.ई.डी. ब्लास्ट के दौरान शहीद होने पर भी अनुग्रह राशि बढ़ाकर 50 लाख रुपये तक की गई है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक शहीद सैन्य व अर्ध-सैनिक बलों के 347 आश्रितों को अनुकम्पा के आधार पर नौकरी दी गई है।
श्री कटारिया ने कहा कि वर्तमान सरकार ने प्रदेश के हर क्षेत्र का समान विकास किया है। इस दिशा में पूरे प्रदेश में बड़ी-बड़ी परियोजनाएं स्थापित की हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में समान विकास की दृष्टि से सरकार का लक्ष्य हर जिले में मेडिकल काॅलेज व 200 बैड का अस्पताल खोलना है। कलस्टर अप्रोच के तहत सभी क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में स्कूल और 20 किलोमीटर के दायरे में एक काॅलेज खोला गया है। उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए ब्लाॅक स्तर पर लघु व मध्यम उद्योगों के ‘’कलस्टर‘’ स्थापित किए जा रहे हैं। हर ब्लाक में एक उत्पाद को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने अपनी भावी पीढ़ी को कौशल व संस्कार-युक्त रोजगारपरक शिक्षा प्रदान करने के लिए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू की है। इसे 2025 तक ही पूर्ण रूप से लागू कर दिया जाएगा। प्रदेश में स्कूल से लेकर विष्वविद्यालय तक की शिक्षा को कौशल के साथ जोड़ा गया है। प्रदेश में के.जी. से लेकर पी.जी. तक की शिक्षा एक ही परिसर में देने की अवधारणा पर कार्य किया जा रहा है। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 10वीं से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को 5 लाख टेबलेट दिए जा रहे हैं।