कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा ने दी बधाई
न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के यूआईईटी संस्थान के छात्रों ने जीता 1 लाख रुपये का इनोवेटिव राष्ट्रीय हैक्काथान पुरस्कार जीता है। इस उपलब्धि के लिए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा ने यूआईईटी के इन छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय शिक्षा एवं शोध के साथ स्टार्टअप, नवाचार एवं कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है ताकि विद्यार्थी आत्मनिर्भर बन सके। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के उद्यमिता के लक्ष्य को गति प्रदान करने के लिए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का यूआईईटी संस्थान निरंतर प्रगति के पथ पर कार्य कर रहा है। गौरतलब है कि 22 अगस्त को विश्वविद्यालय में उद्यमिता को लेकर बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया था जिसमें स्टार्टअप व उद्यमिता के क्षेत्र में विद्यार्थियों को अधिक से अधिक जानकारी देकर उनका मार्गदर्शन किया गया। इस अवसर पर कुवि कुलसचिव डॉ. संजीव शर्मा ने पुरस्कार प्राप्त करने वाले छात्रों को बधाई दी एवं उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के डीन इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी व निदेशक यूआईईटी प्रो. सुनील ढींगरा ने कहा कि राष्ट्रीय स्मार्ट इंडिया हैक्काथान (साफ्टवेयर संस्करण) जो कैंब्रिज इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी बेंगलुरु में आयोजित किया गया। इस एप्लीकेशन का विषय डीआरडीओ की समस्या का सड़कों के स्वास्थ्य की निगरानी रखने के लिए संबंधित अधिकारियों के सूचनार्थ एप्लीकेशन को विकसित करना है। उन्होंने कहा कि यह बडे़ हर्ष का विषय है कि यूआईईटी की विजेता को टीम मोर्स कोडर अंतरराष्ट्रीय हैक्काथान में भाग लेने का मौका मिलेगा। राष्ट्रीय स्तर के स्मार्ट इंडिया हैक्काथान विश्व का सबसे बड़ा ओपन इनोवेटिव मॉडल का ग्रांड फिनाले है जिसके अंतर्गत एक लाख रुपए पुरस्कार जीतना विश्वविद्यालय के साथ संस्थान के लिए बड़ी गर्व की बात है।
प्रो. सुनील ढींगरा ने कहा इन सभी गतिविधियों का दायरा अधिक से अधिक विकसित करने के लिए कुवि कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में संस्थान में इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित किया गया है जिसका फायदा सीधे रूप से संस्थान के विद्यार्थियों को मिल रहा है। संस्थान के विद्यार्थियों ने डीआरडीओ सड़क में गड़ढों की समस्या का समाधान एक मोबाइल ऐप का निर्माण कर किया है क्योंकि प्रतिवर्ष इस समस्या से 25 हजार लोग घायल होते हैं व 9 हजार लोगों की मृत्यु हो जाती है। बहुत सारे यातायात संसाधनों को बहुत नुकसान होता है। इस समस्या से बचने के लिए हमारे विद्यार्थियों ने स्मार्ट और प्रभावशाली समाधान प्रस्तुत किया है। प्रो ढींगरा ने बताया इसमें स्मार्ट सेंसर के साथ ड्रोन और अल्ट्रासोनिक सेंसर का प्रयोग कर मोबाइल और वेब एप्लीकेशन तैयार की है। भारत सरकार समय-समय पर विभिन्न विभागों मंत्रालय के माध्यम से अपनी अपनी समस्या नवाचार विद्यार्थियों के लिए स्टार्टअप के माध्यम से समाधान करवाने के लिए आमंत्रित करते रहते हैं।
इनक्यूबेशन सेंटर के इंचार्ज डॉ. विशाल अहलावत के नेतृत्व में यूआईईटी संस्थान के इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के छात्र रजत बंसल मोर्स कोडर टीम का नेतृत्व कर रहे हैं जिसमें आरुषी जोशी कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग विभाग से, अमित कुमार इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग से, रितिक खुराना कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग विभाग से, कशिश कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग से, ओजस खत्री इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनिरिंग से, इनके मेंटर के रूप में अंकुर वर्मा, डॉ. नरेश कुमार, सोनिया ने उन विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया है।