गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने लिया विशेष आरती में भाग
न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र। वामन भगवान के हिंडोले के नौका विहार और सन्निहित सरोवर तीर्थ की विशेष आरती के साथ वामन द्वादशी मेला संपन्न हो गया। यह कार्यक्रम गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज के सानिध्य में संपन्न हुआ। हिंडोला के नौका विहार और विशेष आरती में महंत रोशन पुरी, महंत रंगनाथ पुरी, कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सीईओ चंद्रकांत कटारिया, केडीबी सदस्य सुशील राणा, केडीबी सदस्य विजय नरूला, राजेश शांडिल्य विशेष रूप से उपस्थित रहे। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी व सीईओ केडीबी चंद्रकांत कटारिया ने तीर्थ की आरती उतारी और तीर्थ पूजन किया। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने अपने आशीर्वचन में कहा कि श्रीब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा द्वारा श्रद्धा और उल्लास के साथ जिस प्रकार 25 वर्ष के बाद इस मेले का पुनर्जागरण नगर की सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं के साथ मिलकर किया है, यह एक सराहनीय कदम है।
उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक मेले हमारी परंपरा का अंग है। भाद्रपद का मास बड़ा ही श्रेष्ठ मास है इसमें जहां भगवान श्री कृष्ण का अवतार हुआ वहीं भगवान जी ने वामन भगवान के रूप में अवतार लेकर राजा बलि का अहंकार तोड़ा। उन्होंने आशा प्रकट की कि अगले वर्ष वामन द्वादशी का मेला इसी प्रकार से सभा द्वारा नगर की अन्य संस्थाओं के साथ मिलकर ओर अधिक उल्लास के साथ मनाएगी। इस अवसर पर रोटरी क्लब के प्रधान दीपक चोपड़ा, नरेंद्र शर्मा निंदी, सुरजीत सलूजा, प्रदीप झांब, धीरज गुलाटी, स्थाणु सेना मंडल के गुलशन ग्रोवर, प्रेम मदान, अजय गुप्ता सहित अनेक सामाजिक एवम धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज का श्रीब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा के पदाधिकारियों मुख्य सलाहकार जय नारायण शर्मा, प्रधान श्यामसुंदर तिवारी, प्रधान महासचिव रामपाल शर्मा के नेतृत्व में स्वागत किया। इस अवसर पर जय नारायण शर्मा ने कहा कि गत वर्ष वामन द्वादशी का मेला गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी की प्रेरणा और कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सहयोग से शुरू किया था। उन्होंने आशा प्रकट की कि गीता मनीषी के सानिध्य में यह मेला भविष्य में ओर अधिक भव्य रूप धारण करेगा। आरती के पश्चात हरियाणा कला परिषद के कलाकारों ने सन्निहित सरोवर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम का श्रोताओं ने भरपूर आनंद उठाया।