अकाली दल के कार्यकर्ताओं ने कृषि विधेयकों के खिलाफ भरी हुंकार
किसानों पर थोपे गए विधेयकों को बर्दाश्त नहीं करेगा अकाली दल : अजराना
कृषि विधयेकों के खिलाफ आमजन को भी करना होगा जागरूक : मसाना
न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र, 8 सितंबर।तीन कृषि विधेयकों के खिलाफ आंदोलनरत भारतीय किसान यूनियन के साथ शिरोमणि अकाली दल हरियाणा किसानों की आवाज बुलंद करेगा। यह घोषणा प्रदेशाध्यक्ष शरणजीत सिंह सोथा की अध्यक्षता में ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब पातशाही छठी में पार्टी की प्रदेश स्तरीय बैठक में की गई। शिअद हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष शरणजीत सिंह सोथा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि शिरोमणि अकाली दल ने केंद्र सरकार द्वारा पारित कृषि विधेयकों के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन का साथ देने का निर्णय लिया है।
करीब 100 साल पहले अस्तित्व में आए शिरोमणि अकाली दल ने हमेशा किसान हित में कदम उठाए हैं, जिसके मद्देनजर पार्टी ने कृषि विधेयकों के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन के आंदोलन को समर्थन देने की ठानी है। उन्होंने कहा कि यह तीनों कानून किसानों को बर्बाद करने के साथ-साथ आढ़ती, व्यापारी और मजदूर वर्ग को भी खत्म कर देंगे। इससे किसान, व्यापारियों और मजदूरों के लिए रोजी-रोटी की समस्या खड़ी हो जाएगी और देश के अन्नदाता को पूंजीपतियों के अधीन होना पड़ेगा, जिसे शिरोमणि अकाली दल किसी भी कीमत पर सहन नहीं करेगा। इसलिए पार्टी ने भाजपा से अपने 25 साल पुराने रिश्ते को तोड़ कर किसान हित में खड़ा होने का फैसला लिया है।
इसके चलते बीबी हरसिमरत कौर बादल द्वारा अपने केंद्रीय मंत्री के पद से इस्तीफा दिया गया है। इससे पहले बैठक में प्रदेशाध्यक्ष शरणजीत सिंह सोथा के नेतृत्व में सभी ने भाकियू के आंदोलन में साथ देने की हुंकार भरी। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि इन विधेयकों में किसानों की फसल मंडी से बाहर बिक्री पर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बिकने की कोई गारंटी नहीं दी गई है। इस कानून से मंडी सिस्टम खत्म हो जाएगा और मंडी से बाहर बड़े बड़े पूंजीपति और बड़ी कंपनियां किसानों की फसलों को औने-पौने दामों पर खरीदेगी, जिससे पहले ही कर्जे में डूबा कृषक वर्ग तबाह हो जाएगा।
इसी के साथ-साथ मंडी के आढ़ती उनकी दुकान पर काम करने वाले मुनीम, मंडी मजदूर सब बेकार हो जाएंगे और इनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। हरियाणा इकाई के वरिष्ठ उपप्रधान एवं एसजीपीसी मैंबर जत्थेदार हरभजन सिंह मसाना ने कहा कि केंद्र सरकार ने काले कानून पास किए हैं। इन विधेयकों से किसान, मजदूर, व्यापारी पूरी तरह से खत्म हो जाएंगे। इसलिए इन कृषि विधयेकों के खिलाफ आवाज बुलंद करने के लिए हमें आमजन को भी जागरूक करना होगा।
वरिष्ठ उपप्रधान एवं धर्म प्रचार कमेटी के मैंबर तजिंदर सिंह लाडवा ने कहा कि इतिहास साक्षी है कि शिरोमणि अकाली दल ने जो भी मोर्चा खोला है, उसमें सफलता प्राप्त की है और किसान, व्यापारी व मजदूर हित की यह लड़ाई भी पार्टी अवश्य जीतेगी। प्रदेश प्रवक्ता कवलजीत सिंह अजराना ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल किसानों के दर्द को समझता है। केंद्र सरकार द्वारा जो विधेयक किसानों पर थोपे जा रहे हैं, उन्हें किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यूपी, बिहार व मध्य प्रदेश में मंडीकरण खत्म हो चुका है और वहां 4 एकड़ भूमि पर खेती करने वाले किसान अब हरियाणा-पंजाब में काम करने पर मजबूर है। यदि हरियाणा-पंजाब में भी मंडीकरण खत्म हुआ, तो फिर यहां के किसानों का भी यही हाल होगा। बैठक में मंच का संचालन करते हुए प्रधान महासचिव सुखबीर सिंह मांडी ने कहा कि यह कानून देश के किसानों, मंडी के आढ़तियों और मंडी मजदूरों के लिये डेथ वारंट साबित होगा।
केंद्र में सत्तारुढ़ भाजपा सरकार किसान विरोधी यह कानून बनाकर किसानों देश के बड़े-बड़े पूंजीपतियों के चंगुल में फंसाने का षड्यंत्र रच रही है। इस दौरान जिला शहरी प्रधान तजिंदर सिंह मक्कड़ ने पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं का बैठक में शामिल होने पर आभार जताया। बैठक में गुरमीत सिंह पूनिया, हरकेश सिंह मोहड़ी, जिला प्रधान जरनैल सिंह बोढी, राजिंदर सिंह सोढी, श्री अकाल उस्तत ट्रस्ट के चेयरमैन ज्ञानी तेजपाल सिंह, बलकार सिंह करनाल, जगतार सिंह पिहोवा, तजिंदर सिंह स्याहपोश, जगदेव सिंह गाबा, अमरजीत सिंह नंबरदार, जोगा सिंह रोहटी, सुरेंद्र सिंह रामगढिय़ा, तजिंदर सिंह मक्कड़, लखविंदर सिंह सिरसा, सिख मिशन हरियाणा प्रभारी ज्ञानी मंगप्रीत सिंह, कुलविंदर सिंह रतिया, भूपिंदर सिंह पंचकूला, डा. हरनेक सिंह, रामकुमार वाल्मीकि गुहला, एमसी बलिहार सिंह, भूपिंदर सिंह शाहाबाद, कुलदीप ङ्क्षसह शाहाबाद सहित अन्य मौजूद रहे।
भाकियू प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह को दिया समर्थन पत्र
शिअद का एक प्रतिनिधिमंडल भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह व अन्य पदाधिकारियों से मिला। शहर की कंबोज धर्मशाला में हुई इस मुलाकात में शिअद प्रदेशाध्यक्ष शरणजीत सिंह, मैंबर हरभजन सिंह मसाना, तजिंदरपाल सिंह लाडवा, तजिंदर सिंह मक्कड़ व अन्य कार्यकर्ताओं के साथ मिल कर संघर्षरत गुरनाम सिंह को पार्टी की हरियाणा इकाई की ओर से आंदोलन में भागीदारी के लिए समर्थन पत्र सौंपा। इससे पहले अकाली दल के पदाधिकारियों का गुरनाम सिंह व उनके साथियों ने धर्मशाला में पहुंचने पर गर्मजोशी से स्वागत किया।
निर्णायक साबित होगा अकाली दल का समर्थन : गुरनाम सिंह
प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह ने शिरोमणि अकाली दल के संरक्षक प्रकाश सिंह बादल, राष्ट्रीय प्रधान सुखबीर सिंह बादल और बीबी हरसिमरत कौर बादल का आभार जताते हुए कहा कि यह समर्थन इस आंदोलन में निर्णायक साबित होगा। उन्होंने अन्य दलों से भी राजनीति से ऊपर उठ कर किसान आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने लोकतंत्र को ताक में रख कर राज्यसभा में किसान विरोधी तीन काले कानून पारित करवाए है और इन तीनों विधेयकों की वजह से देश का किसान, व्यापारी और मजूदर सडक़ों पर उतर विरोध जता रहे है, मगर सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही, जिससे पता चलता है कि भाजपा सत्ता के नशे में चूर होकर किसानों की ताकत को अनदेखा कर रही है। इसलिए अब भाजपा को किसानों, व्यापारियों और मजदूरों की ताकत दिखाने का समय आ गया है।