हिन्दुस्तान-पाकिस्तान विभाजन के समय शहीद हुए लाखों लोगों की याद में बनेगा एक ऐतिहासिक स्मारक:सुधा
शहीदी स्मारक का निर्माण किया जाएगा राज्य सरकार की तरफ से
विधायक सुभाष सुधा ने स्मारक का निर्माण करवाने के लिए मुख्यमंत्री का आभार किया व्यक्त
न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र। विधायक सुभाष सुधा ने कहा कि धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र के ऐतिहासिक पन्नों में हिन्दुस्तान-पाकिस्तान विभाजन के समय करीब 10 लाख लोगों की शहादत की याद में बनने वाला स्मारक भी स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। इन ऐतिहासिक पन्नों में एक नया अध्याय जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अगुवाई में स्मारक निर्माण का कार्य पंचनद स्मारक ट्रस्ट द्वारा किया जा रहा है। अहम पहलू यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली लाल किले से 14 अगस्त के दिन को विभाजन विभीषिका दिन के रूप में मनाने की घोषणा की थी। इस घोषणा के अनुसार ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल के प्रयासों से 14 अगस्त 2022 को पंचनद स्मारक ट्रस्ट की तरफ से विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर एक विशाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।
विधायक सुभाष सुधा ने पंचनद स्मारक को लेकर चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री मनोहर लाल से चर्चा करने के उपरांत बातचीत कर रहे थे। इससे पहले हरियाणा पंचनद स्मारक ट्रस्ट के प्रदेशाध्यक्ष एवं विधायक सुभाष सुधा व स्वामी धर्मदेव महाराज ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल से पंचनद स्मारक के निर्माण को लेकर विस्तार से चर्चा की। विधायक ने कहा कि चर्चा के दौरान निर्णय लिया गया है कि इस स्मारक का निर्माण सरकार द्वारा किया जाएगा। इस निर्णय को लेकर विधायक सुभाष सुधा ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कुरुक्षेत्र पर्यटन स्थली में अब पर्यटन को और बढ़ावा मिलेगा क्योंकि इस पर्यटन स्थली की पावन धरा पर विश्व का एक अनोखा पंजाबी धाम बनेगा। इस पंजाबी धाम में भारत, पाकिस्तान की विभाजन की पीड़ा को महसूस किया जा सकेगा।
विधायक सुभाष सुधा ने कहा कि हिंदुस्तान और पाकिस्तान के विभाजन के समय में अनुमान लगाया कि पंजाबी समुदाय के साथ-साथ अन्य समाज के करीब 10 लाख लोग शहीद हुए थे। इन लोगों के बलिदान को पंजाबी समुदाय कभी भुला नहीं पाया है और ना ही उनकी स्मृति में देश में कहीं भी स्मारक नहीं बनाया गया। गांव मसाना में शहीदी स्मारक बनाने के लिए करीब 25 एकड़ जमीन उपलब्ध है। यह जमीन सरकार को दान में दी जाएगी और सरकार द्वारा इस जमीन पर शहीदी स्मारक व संग्रहालय का निर्माण किया जाएगा। यह स्मारक एवं संग्रहालय में अपने-आप में एक अनोखा स्मारक बनेगा, जिसे देखने के लिए देश के कोने-कोने से लोग आएंगे।