सरस्वती नदी को लेकर चल रहे प्रोजैक्टस को तेजी के साथ किया जाएगा पूरा
नवनियुक्त वाईस चेयरमैन नियुक्त करने पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल का किया आभार व्यक्त
न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र,16 अक्तूबर। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमच को राज्य सरकार की तरफ से हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड का वाईस चेयरमैन नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति को लेकर भाजपा नेता धुम्मन सिंह किरमच ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल और भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ तथा हरियाणा के पर्यटन एवं शिक्षामंत्री कंवरपाल का आभार व्यक्त किया है। इस नियुक्ति से कुरुक्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है।
हरियाणा सरस्वती धरोहर बोर्ड के नवनियुक्त वाईस चेयरमैन धुम्मन सिंह किरमच शुक्रवार को पिपली स्थित सरस्वती नदी पर बने पुल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वहां पर किए जाने वाले जीर्णोंद्घार कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल के प्रयासों से ही आदि बद्री उदगम स्थल से हरियाणा की माटी से बहने वाली प्राचीनतम सरस्वती नदी को फिर से धरातल पर लाने के लिए हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड का गठन किया गया, इस बोर्ड के गठन के साथ ही सरस्वती नदी के किनारे जितने भी पर्यटन और ऐतिहासिक स्थल है, उन स्थलों को दर्शनीय पर्यटन स्थल बनाने के साथ-साथ अन्य कई परियोजनाओं को शुरु किया।
इन परियोजनाओं पर काम भी शुरु किया गया है। अब सरकार ने जो जिम्मेपवारी सौंपी है, उसको मेहनत और ईमानदारी के साथ निभाएंगे। उन्होंने कहा कि पवित्र सरस्वती नदी का सम्बन्ध कुरुक्षेत्र से जुड़ा हुआ है। आज से हजारों साल पहले कुरुक्षेत्र, पिहोवा से होती हुई यह नदी सिरसा जिले की तरफ आगे जाती थी, लेकिन समय के साथ-साथ यह नदी लुप्त हो गई। अगर प्राचीन ग्रंथों और वेदों पर नजर डाले तो सरस्वती नदी के पुराने अनोखे इतिहास से परिचय होता है।
इस सरस्वती नदी के किनारे ही वेदों की रचना हुई और पूरी दुनिया को शिक्षा और संस्कार दिए गए। इस प्राचीन नदी को लेकर धरोहर विकास बोर्ड द्वारा शोध कार्य भी किए गए है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा शुरु की गई तमाम योजनाओं पर तेजी के साथ काम किया जाएगा और जिस उदेश्य और लक्ष्य के लिए बोर्ड का गठन किया गया है, उसे पूरा करने का हर सम्भव प्रयास किया जाएगा। इस मौके पर जिला जिला परिषद की उपाध्यक्ष परमजीत कौर कश्यप, महामंत्री सुशील राणा, मंडलाध्यक्ष देशराज शर्मा, रमेश सैनी, सतप्रकाश सैनी, ईश्वर कौशिक आदि मौजूद थे।