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पूरा कच्चा चिट्ठा,फोटो में देखों सचःकथित भाजपा नेता की फ्राड छाया,भारत रत्न अटलजी को अपने घर में बताया
सच्चे और अच्छे भाजपाई बताओ कब बाडान गली में आए थे अटल बिहारी बाजपेयी
पवन आश्री बचपन में बन गया था भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा का प्रांतीय उपाध्यक्ष और जिलाध्यक्ष
भाजपा सरकार में मलाईदार पद हासिल करने के लिए रचा था फोटोज का जाल
भारत रत्न एवं देश के पूर्व प्रधानमंत्री की फोटो को अपने घर से जोड़ने के पीछे खेला
कथित भाजपा नेता की एफबी वाल पर यह फोटोज देखते ही कह उठेंगे नो उल्लू बनाइंग नो उल्लू बनाइंग…
लोगों के सच को झूठा और अपने झूठे इतिहास को सच्चा बताने वाले कथित भाजपा नेता पवन आश्री का सच इस खबर में किया है उजागर
नीचे देखेंः- भाजपा के कथित नेता पवन आश्री की द्वारा अलग अलग वर्षों में फेसबुक पर शेयर की गई चार फोटो और अटल जी के साथ का सच
न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र। भारत के राजनीतिक पटल पर अटलजी जैसा रुतबा बामुश्किल दिखता है।अपने राजनीतिक करियर के अजातशत्रु और राजऋषि जैसी अनगिनत सम्मानजनक उपाधियों से पक्ष और विपक्ष द्वारा नवाजे गए अटल बिहारी बाजपेयी। अपने जीवनकाल में अटल जी जहां भी गए,बैठे,ठहरे वे स्थान इतिहास में दर्ज हो चुके हैं। समय समय पर मीडिया पर्सन और लेखकों ने विभिन्न माध्यमों से अटलजी की इन पुरानी यादों का खाका कागज के पन्नों से लेकर डिजिटल प्रारूप में प्रस्तुत किया है। अस्सी के दशक की आध के बाद और नब्बे के दशक में जब स्टिल और वीडियो कैमरा आम हुआ,तो उसमें अनगिनत कई यादें लोगों के जहन के साथ इन कैमरों में कैद होती गई,इन पुरानी यादों को खास अवसरों पर लोग सोशल मीडिया पर साझा कर ताजा भी करते है।
बावजूद इसके अटलजी से जुड़ी महज तीन दशकों पुरानी इतिहासिक घटनाओं में भी भाजपा के एक कथित फ्राड नेता ने सेंध मारी कर जनता की आंखों में धूल झौंक कर दिवंगत पुण्यात्मा से अपना नाता जोड़ रहे हैं,वह भी तब जब उस कालखंड के अधिकांश लोग धरती पर जीवित अवस्था में है,जिन्हें यह भली प्रकार पता है कि अटल जी कुरुक्षेत्र में कब और कहां कहां आए थे। यही सच उजागर करने के उद्देश्य से एक प्रमाणित तथ्य यहां सचित्र पेश किया जा रहा है। इसे देख कर आप समझ जाएंगे और झट से कह उठेंगे नो उल्लू बनाइंग नो उल्लू बनाइंग…।
तो बताते चलें कि कथित भाजपा नेता पवन आश्री ने 20 सितंबर 2017 और 16 अगस्त 2019 को अपने फेसबुक अकाउंट से एक फोटो शेयर की,जो कि फोटो फ्रेम में थी। मतलब यह फोटो घर या आफिस में लगी हो सकती है। इस फोटो में बकायदा कैप्शन प्रिंट कराया हुआ है। जो फेसबुक पर स्पष्ट दिखाई देता है। इसमें लिखा है भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा हरियाणा के राज्य उपाध्यक्ष पवन आश्री के आवास पर माननीय प्रधानमंत्री एवं भाजपा तत्कालीन वयोवृद्ध नेता माननीय अटल बिहारी बाजपेयी और उत्तर प्रदेश के महामहिम राज्यपाल चौधरी सूरजभान जी। अगर पवन आश्री के झूठ पर ही विश्वास कर लिया जाए तो मतलब यह है कि कथित भाजपा नेता पवन आश्री के घर में 1998 के बाद अटलजी और महामहिम राज्यपाल सूरजभान जी आए थे,क्योंकि चौधरी सूरजभान 1998 में पहली बार यूपी के राज्यपाल बने थे,जबकि अटल जी तो पहली बार प्रधानमंत्री 1996 में भी रहे थे। बताते चले पवन आश्री का विवाह 1990 में हुआ था,उसके बाद उनके पवन आश्री के माता पिता ने उसे बेदखल कर दिया था और पैतृक मकान के हिस्से में से उसके पास दस बाई दस का महज एक सिंगल रुम था। इसके बाद 1998 में एक कालोनी में 90 गज के प्लाट पर मकान बनाया था,जिसमें आज भी वह रहते हैं। अब बताने वाली बात यह है कि इनमें से कौन से घर में प्रधानमंत्री अटलजी और महामहिम राज्यपाल सूरजभान जी आए थे।यदि उनका कोई तीसरा आवास है,जिसमें सौफे,कलर टीवी और उस दौर की वह उच्चस्तरीय इतनी व्यवस्थाएं थी,जिसमें प्रधानमंत्री अटलजी और महामहिम आए थे,तो यह सच पवन आश्री और पुराने भाजपाइयों को बताना चाहिए।
गोलमाल है भई सब गोलमाल है और उजागर हो गया पवन आश्री का गोलमाल
चलो कोई बताएगा या नहीं बताए हम बताते हैं इसका पूरा सच। यह फोटो एक पुराने साधन संपन्न भाजपाई के आवास की है।हालांकि जिस समय यह फोटो खींची गई थी,ना तो अटलजी उस समय प्रधानमंत्री थे और न ही सूरजभान जी राज्यपाल के ओहदे पर। मगर पवन आश्री ने फर्जी कैप्शन तैयार किया था। कहते हैं झूठ के पैर नहीं होते और पवन आश्री का यह गोलमाल उजागर हो गया।
फोटो वही,विभूतियां वही,मगर आश्री ने खुद को कभी प्रांतीय उपाध्यक्ष लिखा तो कभी जिलाध्यक्ष,तो कभी बचपन
फिर इस फोटो को फेसबुक पर डाला गया 12 जनवरी 2018 को। यह फोटो बिना फ्रेम वाली थी,इसमें पहले से कोई कैप्शन प्रिंट नहीं था,बल्कि बगैर फ्रेम वाली कार्ड फोटो को फेसबुक पर ही पवन आश्री ने लिखे संदेश में लिखा था पूर्व प्रधानमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ राष्ट्रीय नेता अटल बिहारी बाजपेयी जी के साथ बचपन के कुछ यादगार लम्हें…लिखा गया है,हद का बचपन है पवन आश्री का जो ठीक ठाक घनी मूंछे हैं और जवान होते हुए भी इस फोटो में पवन आश्री अपना बचपन बता रहे हैं,जबकि इसी फोटो को जब 2017 में पवन आश्री ने फेसबुक पर डाला था,तब उसमें खुद भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा का प्रदेश उपाध्यक्ष लिखा है।
पवन आश्री ने इस तरह किया गुमराह
पवन आश्री ने इसी फोटो को फिर अपनी फेसबुक वाल पर 17 अगस्त 2018 को पोस्ट किया,इस बार फोटो पर प्रिंट कराया गया अटल बिहारी जी के साथ धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में यादगार कुछ क्षण,चित्र में मैं भी माननीय बाजपेयी जी के साथ ब्रेकफास्ट कर रहा हूं। यानी इस बार पवन आश्री लिखते समय भूल गए कि इससे पहले वह इसी फोटो को अपने घर की बता कर लोगों को गुमराह कर चुके हैं। और तीसरी बार के कैप्शन में लिख डाला कि बाजपेयी जी के साथ धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में यादगार कुछ क्षण। वैसे इस फोटो में भी नये ढंग से गुमराह करने के लिए पवन आश्री ने लिखा कि मैं भी बाजपेयी जी के साथ ब्रेकफास्ट कर रहा हूं,जबकि फोटो में साफ दिख रहे हैं,थाली दूसरे व्यक्ति के आगे लगी है और पवन आश्री कुरुक्षेत्र में आगमन के दौरान बाजपेयी जी के साथ फोटो खिंचवाने के लिए उनके नजदीक आकर बैठा,उनकी थाली निहार कर आंखे बंद कर खूशुबू का अहसास कर रहा है। अमूमन नेताओं और सैलिब्रिटी के पास खड़े होकर लोग इसी तरह से फोटो खिंचवाते हैं,यह काम कोई अकेले पवन आश्री ने नहीं किया है,मगर उन्होंने झूठ लिखने का पाप किया है।इस बार इस फोटो को शेयर करते समय पवन आश्री ने लिखा कि यह फोटो उस समय कि है जब वह भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चे का जिलाध्यक्ष हुआ करता था,जबकि 2017 में इसी फोटो को जारी करते हुए लिखा है कि उस समय वह भारतीय जनता पार्टी का प्रदेश उपाध्यक्ष था। मतलब अपने ही झूठ में लगातार फंस रहे हैं पवन आश्री।
इन फोटो को पवन आश्री फोटोग्राफर द्वारा लिखने में गलती भी नहीं करार दे सकते,क्योंकि फोटो फेसबुक पर अगर डालना जरुरी ही था तो इसे ठीक कराकर भी डाला जा सकता था,मगर इस तरह की सजगता तब होती है,जब वह चाहते,क्योंकि उन्होंने गलत रिकार्ड बनाने की मंशा से ही तो यह सब कुछ फर्जी ढंग से फोटो पर लिखवाया था। लोगों ने इस फोटो पर बकायदा कमेंट किये हैं,प्रधानजी (यानी पवन आश्री) के निवास पर प्रधानमंत्री जी,उसे पवन आश्री ने लाइक भी किया हुआ है। फर्जीवाड़ा करते समय पवन आश्री ने ना पत्रकारिता का धर्म निभाया और ना ही पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ता का। बस सरकार से पद हथियाने और अपने एक संगठन की दुकान चलाने के उद्देश्य से लगातार वह इस तरह का झूठ सोशल मीडिया पर परोसते रहे। इसी तरह की फोटो से गलत लाभ उठा रहे हैं।यहां तक कि नवंबर 2022 में धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में राष्ट्रपति के आगमन के दौरान ब्लैक स्ट्रिप लगाकर प्रदर्शन की घोषणा भाजपा बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ कुरुक्षेत्र का जिलाध्यक्ष पवन आश्री कर चुका है। राष्ट्रपति के दौरे के दौरान इस मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए उनके संगठन के प्रतिनिधियों को पुलिस ने हिरासत में भी लिया था।
पवन आश्री इस खबर से संबंधित अपना पक्ष भेजेंगे तो भी प्रकाशित किया जाएगा
संपादकीय विभाग अधिकृत मेल आईडीः Newzdex24@gmail.com

पवन आश्री ने फेसबुक पर 25 दिसंबर 2022 को चौथी बार यह फोटो शेयर की,पहली फोटो के कैप्शन में पवन आश्री ने खुद को भाजपा युवा मोर्चा का प्रांतीय उपाध्यक्ष लिखा था,वहीं इस फोटो में भाजपा युवा मोर्चा का जिला कुरुक्षेत्र का तत्कालीन अध्यक्ष लिखा है,ये झूठ पर झूठ और सिर्फ झूठ



ऊपर 16 अगस्त 2019 और नीचे 20 सितंबर 2019 में फेसबुक पर डाली गई फोटो….जिसमें लिखा है बचपन में राजनीति की कुछ महत्वपूर्ण यादें, यह लिख कर पवन आश्री देश-दुनिया को बताना चाहता था कि वह बचपन से राजनीति में है और बचपन से अटलजी जैसी सख्शियत का करीबी है।

भाजपा के निराले बुद्धिजीवी हैं पवन आश्री भी,कौन फेसबुक पर फोटो के ऊपर प्रिंट कराकर यह लिखता है कि मैं भी चित्र में बाजपेयी जी के साथ ब्रेकफास्ट कर रहा हूं,जबकि चित्र में ब्रेकफास्ट तो अटलजी,सूरभजान जी के अलावा जो दिख नहीं रहे हैं वहां वो ओमप्रकाश चौटाला और सुषमा स्वराज कर रहे थे,जो साइड में बैठे जलपान रहे हैं। आप और आप जैसे तीन और लोग तो सिर्फ फोटो खिंचवाने के लिए कतार में लगे थे।