कुरुक्षेत्र,4 जनवरी ।
आज धर्मजीवी बी . एड कॉलेज के प्रांगण में कॉलेज के वूमेन सेल चेतना के अंतर्गत ‘टीचिंग टू लर्निंग’ विषय पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई अतिथि प्रोफेसर निधि ने बताया कि स्कूल का कार्य बच्चों को ना सिर्फ कुछ विषयों जैसे हिंदी गणित साइंस आदि का ज्ञान कराना है, बल्कि उनका सामाजिक स्तर पर भी विकास करना है । बच्चों को पढ़ाने के तरीकों में परिवर्तन लाकर वह संगठन में परिवर्तन लाकर सिखाने के कार्य को और भी उत्तम बनाया जा सकता है । इसमें स्कूल के हेड यानी मुख्याध्यापक व अन्य अध्यापकों की महत्वपूर्ण भूमिका है । उन्होंने बताया कि कक्षा के बच्चों को उनकी उम्र में पाठ्यक्रम के हिसाब से कुछ बेसिक चीजें जरूर आनी चाहिए ताकि भविष्य में आगे शिक्षा प्राप्ति में कोई बाधा ना हो उन्होंने ‘वन क्लास वन टीचर’ को सही ना बताते हुए कहा कि इससे सही मूल्यांकन नहीं किया जा सकता । इसलिए एक कक्षा के सभी विषयों को एक अध्यापक द्वारा ना पढ़ा कर अलग विषय अलग-अलग अध्यापक द्वारा पढ़ाई जाए । स्कूल के समय को पूरी तरह से उपयोगी व सीखने योग्य बनाया जाए । अनुशासन में मूल्यांकन भी निरंतर बना रहना चाहिए । इस मौके पर सचिव शशि सभरवाल , प्रेसिडेंट विजय सभरवाल , तकनीकी विशेषज्ञ समीर सभरवाल भी उपस्थित रहे । धर्मजीवी कॉलेज व स्कूल के सभी अध्यापक गण भी उपस्थित रहे । डॉ सुदेश तनेजा ने मुख्य अतिथि को बुके देकर स्वागत किया। मंच संचालन डॉ मीनाक्षी शर्मा ने किया । परंपरा को निभाते हुए कॉलेज प्रिंसिपल डॉ शालिनी राजपूत ने मुख्य अतिथि का धन्यवाद किया ।